बिजली से चलती थी पोर्श की पहली कार

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लग्ज़री कार निर्माता पोर्श ने बताया है कि कंपनी के संस्थापक फ़र्डिनेंड पोर्श की डिज़ाइन की गई पहली कार एक इलेक्ट्रिक कार थी.
कंपनी ने जर्मनी के श्टूटगार्ट-ज़फ़ेनहाउज़ेन स्थित अपने संग्रहालय में आयोजित एक प्रदर्शनी में इस कार का प्रदर्शन किया.
निर्माण के समय इस कार को एग्गर लोह्नर इलेक्ट्रिक व्हिकल C.2 फ़ाइटोन मॉडल नाम दिया गया था और संक्षेप में इसे पी1 कहा जाता था.
वर्ष 1898 में बनी यह कार हाल ही में <link type="page"><caption> ऑस्ट्रिया के एक गराज में मिली</caption><url href="http://press.porsche.com/news/release.php?id=842" platform="highweb"/></link> है, जहाँ यह वर्ष 1902 से रखी हुई थी.
मात्र 22 साल की उम्र में फर्डिनेंड पोर्श ने इस कार को कार निर्माता जैकब लोह्नर के लिए डिज़ाइन किया था.
बाद में पोर्श ने 1931 में अपनी कार कंपनी पोर्श शुरू की थी.

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अमरीका की एक यात्रा के बाद कंपनी के मालिक लुडविग लोह्नर को आभास हो गया था कि घोड़ा गाड़ियों का युग समाप्त हो रहा है. उन्होंने फर्डिनेंड पोर्श को बिजली से चलने वाली कार बनाने को कहा.
फ़र्डिनेंड पोर्श ने इलेक्ट्रिक बैट्रियों से चलने वाली एक 'अष्टकोणीय इलेक्ट्रिक मोटर' बनाई जिसे कार के पिछले हिस्से में शॉक एब्ज़ार्बर के पास लगाया गया.
इस मोटर में कुल 12 गियर थे, जिसमें छह आगे चलने वाले गियर, दो पीछे चलने वाले गियर और ब्रेक लगाने के लिए चार गियर शामिल थे से यह कार चलाई जाती थी.
पी1 ऑस्ट्रिया के विएना शहर में पहली बार 26 जून 1898 को सड़क पर उतरी थी.
एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर यह कार अधिकतम 34 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से 49 मील तक चल सकती थी.
इस एक खुले चैसिस वाली कार में या कूप में बदला जा सकता था.

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पोर्श ने अपनी इस कार को 28 सितंबर 1899 को बर्लिन में आयोजित हुई बर्लिन रोड रेस में शामिल किया.
प्रतियोगियों को ड्राइवर समेत चार सवारियों के साथ कुल 24 मील का सफ़र तय करना था.
पी1 ने सभी प्रतियोगी कारों को आसानी से हरा दिया. दूसरे नंबर पर आने वाली कार से 18 मिनट पहले ही पोर्श ने यह दूरी तय कर ली थी.
साथ ही पी1 को इस दौड़ में सबसे कम ऊर्जा खर्च करने का ख़िताब भी मिला.
पोर्श की डिज़ाइन की गई यह पहली कार इस समय जर्मनी के श्टूटगार्ट जफ़ेनहाउसेन में चल रही प्रदर्शनी में रखी गई है.

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