प्रिंस चार्ल्सः 65 वर्ष के राजकुमार

- Author, सारा कैंपबेल
- पदनाम, राजमहल संवाददाता
दुनिया के तमाम लोगों की जिंदगी में 65वां जन्म दिन कामकाज से मुक्ति और संभवतः सुंदर और खुशहाल रिटायरमेंट के बारे में घोषणा करने वाला होता है, लेकिन ब्रिटिश राजघराने के वारिस प्रिंस चार्ल्स की जिंदगी ऐसी नहीं है.
वे दुनिया के आम लोगों की तरह नहीं हैं, बल्कि उनका जन्म ही कुछ अलग करने के लिए हुआ है. वह इस उम्र में राजकुमारसे राजा बनने की प्रक्रिया में हैं.
महारानी एलिजाबेथ के विपरीत चार्ल्स की जिंदगी का अहम हिस्सा राजा बनने की तैयारी में बीत गया. एलिजाबेथ को 25 साल की उम्र में राजगद्दी मिल गई थी.
महारानी अब 87 साल की हो गई हैं और उनके बेटे को जिम्मेदारियां सौंपने का काम चल रहा है.
इस बदलाव की दिशा में यह सप्ताह काफी अहम है. साल 1973 के बाद पहली बार महारानी राष्ट्रमंडल देशों के शासनाध्यक्षों की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगी.
महारानी के प्रतिनिधि
आधिकारिक तौर पर कहा गया है कि श्रीलंका में हो रही इस बैठक में महारानी के भाग नहीं लेने का कारण इस उम्र में महारानी को दक्षिण एशियाई देश की लंबी यात्रा से बचाना है.
बैठक में वेल्स के राजकुमार चार्ल्स का प्रतिनिधित्व करेंगे. आने वाले समय में महारानी की ऐसी जिम्मेदारियों कोप्रिंस चार्ल्सनिभाएंगे, जिनमें उन्हें यात्रा करना पड़े और मौजूद रहना पड़े. हालांकि उनके राजा बनने में अभी कई साल लग सकते हैं.

वैसे प्रिंस चार्ल्स को राजा बनने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है लेकिन उन्होंने इस दौरान कुछ अहम मुद्दों को उठाया है. इसका एक उदाहरण जलवायु परिवर्तन को मुख्य धारा की राजनीति का हिस्सा बनाना है.
उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर गंभीरता से दबाव बनाया. वह जीएम फसलों, वैकल्पिक दवाइयों और आधुनिक वास्तुकला को लेकर अपने विचार रख चुके हैं. सरकार के मंत्रियों को इन मुद्दों के बारे में वे लगातार पत्र लिखते रहे हैं.
संविधान विशेषज्ञ वेरनन बोगडैनॉर के मुताबिक आज तक की उनकी उपलब्धियों ने आधुनिक राजशाही में बदलाव लाने में सहायता की है.
उन्होंने कहा, ''रहस्यवादी और जादुई राजशाही लंबे समय तक नहीं चलने वाली. यह एक व्यावहारिक या उपयोगी राजशाही है और जनता इसका मूल्यांकन समाज को उसके योगदान और जनकल्याणकारी कामों के आधार पर करती है.''
उन्होंने कहा कि प्रिंस चार्ल्स जनता की इस भावना से अवगत हैं और उन्होंने व्यावहारिक और कल्याणकारी राजशाही का संकेत भी दिया है. यह एक व्यावहारिक योगदान होगा जिसे वह करने में सक्षम हैं.
किंग इन वेटिंग
हालांकि बकिंघम पैलेस ऐसे किसी भी सुझाव से इत्तेफाक नहीं रखता कि राजकुमार, राजा को एक जेल की तरह देखते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि उनकी जिम्मेदारियां पहले आएंगी.
किंग इन वेटिंग से इतर अपनी भूमिका की तलाश के साथ उनको अपनी निजी जिंदगी पर इसके प्रभाव को भी समझना होगा. इन दोनों को मिलाना आसान नहीं है, हालांकि डायना के साथ उनकी शादी टूटने और डायना की मौत के बाद उनकी जिंदगी में स्थायित्व दिख रहा है और वे केमिला के साथ खुश हैं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












