फ़ेसबुक न लगाए सिर कलम करने वाले वीडियो:कैमरन

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने लोगों के सिर काटते हुए वीडियो, सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फ़ेसबुक पर बिना चेतावनी के पोस्ट करने के फ़ैसले को "ग़ैर-ज़िम्मेदाराना" बताया है.
कैमरन ने ट्विटर <link type="page"><caption> @David_Cameron</caption><url href="https://twitter.com/David_Cameron" platform="highweb"/></link> पर कहा है, "सिर क़लम करने वाला वीडियो <itemMeta>hindi/international/2013/10/131001_facebook_edit_status_an</itemMeta> पर पोस्ट करना ग़ैर-ज़िम्मेदाराना है, ख़ासकर बिना किसी चेतावनी के. वेबसाइट को चिंतित मां-बाप को अपने इस कदम के बारे में सफ़ाई देनी चाहिए."
फ़ेसबुक ने ऐसे वीडियो पर प्रतिबंध लगाने वाले अपने पिछले फ़ैसले को ये कहते हुए बदल दिया था कि उसके यूज़र्स को ऐसी सामग्री देखने और उसकी निंदा करने की आज़ादी होनी चाहिए.
लेकिन सोशल नेटवर्किंग साइट के इस फ़ैसले की वेबसाइट के विज्ञापकों ने भी निंदा की है.
विवादित फ़ैसला
कार-शेयरिंग कंपनी ज़िपकार ने बीबीसी को बताया कि उसे इस बात पर निराशा है कि उसके विज्ञापन ऐसी सामग्री के साथ ही नज़र आ रहे हैं.
एक बयान में कंपनी ने कहा, "हम आपको बताना चाहते हैं कि फ़ेसबुक पर प्रचारित हो रहे ऐसी घिनौनी सामग्री को हम अनदेखा नहीं कर सकते. हमने अतीत में भी फ़ेसबुक से इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री को ब्लॉक करने की ज़रूरत के बारे कहा है और आगे भी हम इस अहम मुद्दे पर वेबसाइट के साथ बातचीत जारी रखेंगे."
फ़ेसबुक ने अपने खिलाफ़ बढ़ती आलोचना पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. वेबसाइट ने इससे पहले कहा था कि वो इस तरह की सामग्री के साथ चेतावनी डालने के बारे में विचार कर रही है.
इस तरह के हिंसक वीडियो दोबारा फ़ेसबुक पर नज़र आने के बारे में बीबीसी को उसके एक पाठक ने चेताया था. इस पाठक ने बताया था कि कंपनी उस वीडियो क्लिप को हटाने से इंकार कर रही है जिसमें एक नक़ाबपोश आदमी को एक औरत को मारते दिखाया गया है. कहा जा रहा है कि ये वीडियो मैक्सिको में बनाया गया था.
ये वीडियो क्लिप पिछले सप्ताह पोस्ट की गई थी और इसका शीर्षक था, "चुनौती: क्या कोई यह वीडियो देख सकता है?"
फ़ेसबुक ने बाद में इस बात की पु्ष्टि की थी कि वो इस तरह की सामग्री फिर से पोस्ट करने की इजाज़त दे रहा है.
चिंता

फ़ेसबुक की प्रवक्ता ने कहा था, "लंबे समय से फ़ेसबुक एक ऐसा मंच रहा है जिस पर लोग अपने अनुभव बांटते हैं, ख़ासकर तब जब यह अनुभव ज़मीनी स्तर पर विवादास्पद रहे हों. मसलन मानवाधिकार के उल्लंघन का मामला हो, या फिर आतंकवाद से जुड़ा मसला हो या फिर कोई हिंसक घटना."
लेकिन दुनिया भर के क़ानून अधिकारी इस फ़ैसले की निंदा कर रहे हैं.
स्थानीय समुदाय के एक सदस्य की शिक़ायत पर दक्षिण ऑस्ट्रेलिया पुलिस, सापोल, ने फ़ेसबुक से उस वीडियो की शिक़ायत की जिसमें एक औरत का सिर कलम होते दिखाया गया है.
ये वीडियो कहाँ-कब बना इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है लेकिन फ़ेसबुक ने सापोल को बताया कि कंपनी वह वीडियो नहीं हटाएगी.
सापोल के मीडिया सेक्शन की निदेशक शेलाये बूथी ने बीबीसी को बताया, "फ़ेसबुक ने हमें बताया कि उन्होंने वीडियो की समीक्षा की और इस नतीजे पर पहुंचे कि 'वीडियो हमारे समुदाय के हिंसा के मानकों का उल्लंघन नहीं करता.' हमारी टीम ने इसके बाद कंपनी के एक प्रतिनिधि से इस फ़ैसले के बारे में बात की लेकिन हमें बताया गया कि यह वीडियो नहीं हटाया जाएगा ताकि समुदाय इस बारे में बहस कर सके."
प्रवक्ता ने कहा, "अंतत: फ़ेसबुक को यह फ़ैसला लेने का हक़ है लेकिन इस वीडियो के बारे में चिंतित किसी भी व्यक्ति को कंपनी से अपनी चिंता जताना जारी रखना चाहिए."
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