यमन में सैन्य ठिकानों पर हमले, 30 की मौत

दक्षिणी यमन के सैनिक ठिकानों पर संदिग्ध विद्रोहियों के हमलों में कम से कम 30 लोग मारे गए हैं.
खबरों के मुताबिक, शाबवा प्रांत के एक कैंप में दो कारों में रखे बमों में जबरदस्त विस्फ़ोट से करीब 20 सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए.
इसी इलाके के मैइफ़ा कस्बे में दूसरे हमले में <link type="page"><caption> बंदूकधारियों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/09/120910_yemen_alqaeda_as.shtml" platform="highweb"/></link> ने दस सैनिकों को गोली मार दी.
यमन सरकार और अरब प्रायद्वीप के (एक्यूएपी) के विद्रोहियों बीच लड़ाई चल रही है. विद्रोही अक्सर सैनिकों को निशाना बनाते हैं.
रायटर न्यूज़ एजेंसी के अनुसार कार में छिपाकर रखा गया एक बम सैनिकों के झुंड के बीच फटा. ये तब हुआ जब कार का ड्राइवर कैंप में घुसने की कोशिश कर रहा था.
गठन
बताया जा रहा है कि दूसरा <link type="page"><caption> विस्फ़ोटक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/07/120711_yemen_attack_aa.shtml" platform="highweb"/></link> सैनिक छावनी के अंदर रखा गया था.
यमन में आधार वाले एक्यूएपी को अमरीका दुनिया में अल क़ायदा की सबसे ख़तरनाक शाखा बताता है.
ये ग्रुप जनवरी 2009 में अल क़ायदा की यमन और सऊदी अरब शाखाओं को मिलाने पर गठित किया गया.
इस संगठन की अगुवाई ओसामा बिन लादेन का एक पूर्व सहयोगी करता है, इसने सऊदी अरब राजशाही और यमन सरकार को गिराने के लिए ऑयल सुविधाओं, विदेशियों और सुरक्षा बलों पर हमले का संकल्प लिया हुआ है.
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