तालिबान ने मुशर्रफ़ को फिर दी मारने की धमकी

मुशर्रफ
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान वापस लौटने के बाद ही मुशर्रफ़ कई मुकदमों में फंस गए हैं

तहरीक-ए-तालिबान ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को फिर जान से मारने की धमकी दी है.

मुशर्रफ़ अभी कई अदालती मामलों के कारण इस्लामाबाद के बाहर अपने ही एक शानदार फ़ॉर्महाउस में कैद हैं.

जिहादी वेबसाइट उमर मीडिया पर पाकिस्तानी तालिबान प्रवक्ता एहसानुल्लाह एहसान ने एक वीडिया पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने मुशर्रफ़ को जान से मारने की धमकी दी है.

इस वीडियो में एहसानुल्लाह एहसान कह रहे हैं, “बलूचिस्तान से वज़ीरिस्तान तक मुशर्रफ़ ने इस देश को खून और आग में डुबो दिया. वो लाल मस्जिद के कई सौ मासूम छात्रों की हत्या के दोषी हैं.”

ये दूसरी बार है जब तहरीक-ए-तालिबान ने मुशर्रफ़ को धमकी देने वाला वीडियो जारी किया है.

मुशर्रफ़ को हाल ही में बेनज़ीर भुट्टो की हत्या, 2007 में न्यायाधीशों की बर्खास्तगी और बलोच नेता अक़बर बुग्टी की हत्या के मामले में गिरफ़्तार किया गया था.

मार्च में मुशर्रफ़ के पाकिस्तान लौटने से पहले तहरीक-ए-तालिबान ने एक वीडियो में कहा था कि उसने मुशर्रफ़ को मारने के लिए आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों की एक टीम तैयार की है.

तालिबान नेताओं ने कहा कि चरमपंथियों पर हमले और अमरीका के नेतृत्व वाले आतंक के खिलाफ़ अभियान में शामिल होने के लिए मुशर्रफ़ पर हमला किया जाएगा.

वर्ष 2007 में जब परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस्लामाबाद की लाल मस्जिद पर चरमपंथियों के खिलाफ़ कार्रवाई की थी तो इससे कई चरमपंथी गुट काफ़ी नाराज़ हुए थे. इस घटना में करीब 100 लोग मारे गए थे.

देशद्रोह का मुकदमा

नवाज़ शरीफ़
इमेज कैप्शन, 1999 में ये मुशर्रफ़ ही जिन्होंने नवाज़ शरीफ़ सरकार का सत्तापलट किया था

इस बीच पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) पार्टी के एक नेता ने कहा है कि उनकी आने वाली सरकार परवेज़ मुशर्रफ़ के खिलाफ़ देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए तैयार है.

11 मई को चुनाव करवाने वाली कामचलाऊ सरकार ने मुशर्रफ़ के खिलाफ़ देशद्रोह का मुकदमा चलाने से इनकार कर दिया था लेकिन पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) ने फ़ैसला किया है कि वो मुशर्रफ़ के खिलाफ़ कार्रवाई करेगी.

ये परवेज़ मुशर्रफ़ ही थे जिन्होंने 1999 में नवाज़ शरीफ़ सरकार का तख़्ता पलट दिया था.

पार्टी के नेता तारिक अज़ीम ने कहा, “हाँ, हमने सुप्रीम कोर्ट में मुशर्रफ़ के खिलाफ़ देशद्रोह का मुकदमा चलाने का फ़ैसला किया है. मुशर्रफ़ ने संविधान का उल्लंघन किया था और उन्हें दंड मिलना ही चाहिए.”

तारिक अज़ीम ने कहा कि नवाज़ शरीफ़ भी इसी के पक्ष में हैं.

अज़ीम ने कहा, “शरीफ़ ने साफ़ कर दिया है कि उनकी मुशर्रफ़ से कोई निजी समस्या नहीं है लेकिन संविधान के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ़ मुकदमा चलना चाहिए."

इससे पहले चुनाव करवाने वाली कामचलाऊ सरकार ने कहा था कि वो ऐसा कोई भी विवादित फ़ैसला नहीं लेना चाहती जो आने वाली सरकार के लिए चुनौती पेश करे.

गौरतलब है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) 11 मई के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और नवाज़ शरीफ़ तीसरी बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की गद्दी संभालेंगे.