मुल्क मियां का, सूबों की सरदारी अलग अलग

पाकिस्तान में संसदीय चुनावों में जहाँ नवाज़ शरीफ की पार्टी को जीत मिली है वहीं चारों सूबों की तस्वीर अलग अलग दिखती है.
सिंध की प्रांतीय असेंबली के चुनावों में जहां पारंपरिक रूप से पीपीपी की पकड़ मजबूत रही, वहीं पंजाब में पूरी तरह से पीएमएल (एन) छाई हुई है.
इमरान खान की पार्टी खैबर पख्तून ख्वाह में बड़ी ताकत बन कर उभर रही है और वहां सत्ताधारी एनएनपी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है.
बलूचिस्तान में पख्तून ख्वाह मिली आवामी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी है.
पंजाब
पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत पंजाब में पीएमएल(एन) की आंधी चली है.
ताजा चुनावी आंकड़ों के अनुसार पंजाब प्रांतीय एसेंबली की 297 सीटों में से 293 के नतीजे आ गए हैं.
इनमें से पीएमएल (एन) के खाते में अब तक 212 सीटें जा चुकी हैं, जबकि पीपीपी को वहां अभी छह सीटें मिली है.
इमरान खान की पार्टी को पंजाब में अब तक 20 सीटें हासिल हुई हैं.
निर्दलीय उम्मादवार 42 सीटों पर जीते हैं तो पीएमएल(क्यू) को सात और जमात-ए-इस्लामी को एक सीट मिली है.
एक सीट पीएमएल (एफ) के खाते में गई है.
सिंध
<link type="page"><caption> पाकिस्तान पीपल्स पार्टी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130512_pak_ballot_over_bullet_fma.shtml" platform="highweb"/></link> का जलवा अपने गढ़ सिंध प्रांत में कायम है.
वहां प्रांतीय असेंबली की कुल 130 सीटों में से 124 के नतीजे आ गए हैं जिनमें पीपीपी 69 सीटें जीत कर सबसे आगे चल रही है.
वहीं पीएमएल(एन) को चार और एमक्यूएम को अभी तक 37 सीटें हासिल हो चुकी हैं.
सात सीटों पर पीएमएल (एफ) के उम्मीदवार जीते हैं. इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ के खाते में एक सीट ही सीट गई है.
इस प्रांत में जेयूआई(एफ) को अभी तक दो सीटें मिली हैं. वहीं दो सीटें एनपीपी के खाते में गई हैं.
खैबर पख्तून ख्वाह
अफगानिस्तान से लगने वाले पाकिस्तान के खैबर पख्तून प्रांत में इमरान खान की पार्टी को काफी फायदा हुआ है.
प्रांतीय असेंबली की सभी 99 सीटों नतीजे आ गए हैं. इनमें 35 सीटें जीतकर तहरीके इंसाफ सबसे आगे है जबकि पीएमएल(एन) को 12 सीटें मिली हैं.
दो सीटें पीपीपी को मिली है जबकि आजाद उम्मीदवार 14 सीटों पर कामयाब हुए हैं.
जेयूआई (एफ) को 13 और जमात-ए-इस्लामी को 7 सीटें प्राप्त हुई हैं.
ये प्रांत सबसे ज्यादा चरमपंथी हिंसा का शिकार है. चुनावों में यहां सबसे ज्यादा उम्मादवीरों पर हमले हुए. पिछले पांच साल तक प्रांत में सरकार चलाने वाली एएनपी को पांच सीटों से ही संतोष करना पड़ा.
बलूचिस्तान
बलूचिस्तान में प्रांतीय असेंबली की 51 सीटें हैं जिनमें से 50 पर <link type="page"><caption> विजेताओं के नाम घोषित कर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130511_pakistan_election_voting_aa.shtml" platform="highweb"/></link> दिए गए हैं.
इनमें पांच सीटें पीएमएल(एन) को नौ सीटें गई हैं जबकि आठ सीटों पर आजाद उम्मीदवार जीते हैं. चार सीटें पीएमएल(क्यू) को मिली है.
वहीं पख्तून ख्वाह मिली आवामी पार्टी को 11 सीटें अब तक मिली है.
पीएमएल (क्यू) को चार, पीएमएल(एफ) को एक सीट मिली है.












