पेट्रियस की प्रेमिका के घर एफबीआई का छापा

अमरीका की संघीय जांच एजेंसी ने सीआईए के पूर्व प्रमुख डेविड पेट्रियस की प्रेमिका रही एक पूर्व सैन्य अफसर पाउला ब्रॉडवेल के घर की तलाशी ली है.
एफबीआई की प्रवक्ता शेले लिंच ने बीबीसी से इस बात की पुष्टि की है कि सोमवार की रात एफबीआई के एजेंटों ने उत्तरी कैरोलाइना के शारलोट में ब्रॉडवेल के घर की तलाशी ली.
पेट्रियस ने ब्रॉडवेल से अपने विवाहेत्तर संबंधों के कारण पिछले हफ्ते इस्तीफा दे दिया.
सैन्य कानून के तहत विवाहेत्तर संबंध गैर कानूनी हैं. संवाददाताओं का कहना है कि अगर पेट्रियस के इस दावे को चुनौती देने वाले सबूत मिल जाते हैं कि उनका ये संबंध सेना छोड़ देने के बाद शुरू हुआ, तो उनके खिलाफ सैन्य कानूनों के अनुसार कार्यवाही हो सकती है.
पेट्रियस ने इराक और अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सैन्य बलों का नेतृत्व करने के बाद 2011 में सीआईए प्रमुख का पद संभाला था.
'भारी गलती'
इससे पहले पैट्रियस के एक पूर्व प्रवक्ता कहा कि वो अपने विवाहेत्तर संबंधों को 'एक बड़ी गलती' मानते हैं. ब्रॉडवेल ने पेट्रियस की जीवनी भी लिखी है.
एबीसी न्यूज से बातचीत में कर्नल स्टीव ने कहा कि जब ये मामला सामने आया तो जनरल पेट्रियस की पत्नी होली "कतई खुश नहीं थीं."
इन विवाहेत्तर संबंधों का पता उस वक्त चला जब एक दूसरी महिला जिल केली ने शिकायत की कि उन्हें धमकी भरे ईमेल आ रहे हैं.
37 वर्षीय कैली ने संघीय जांच एजेंसी को बताया कि उन्हें एक अज्ञात ईमेल मिला जिसके बाद ब्रॉडवेल की जांच शुरू हुई. 40 वर्षीय ब्रॉडवेल शादीशुदा हैं और दो बच्चों की मां हैं.
एबीसी न्यूज के साथ इंटरव्यू में बोयलान ने बताया कि जनरल पेट्रियस और ब्रॉडवेल का अफेयर उस वक्त शुरू हुआ जब वो सेना से सेवानिवृत्त हुईं.
वो बताते हैं, “ये उनका गलत फैसला था. ये एक गंभीर गलती थी और वो इस बात को मानते भी हैं.”

आगे बोयलान ने ये भी कहा कि पेट्रियस का परिवार "काफी मजबूत है और वो इस मामले से पार पा लेगा."
कर्नल बोयलान बताते हैं कि ये विवाहेत्तर संबंध उस वक्त शुरू हुआ जब सितंबर 2011 में पेट्रियस को सीआईए के निदेशक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. वो कहते हैं कि चार महीने पहले ये संबंध खत्म भी हो चुका है.
सबसे अहम जनरल
अमरीका पर 11 सितंबर 2001 के हमले के बाद पेट्रियस अमरीका के सबसे अहम सैन्य अफसर बन कर उभरे जिन्हें इराक के 'हालात को संभालने' का श्रेय दिया जाता है. साथ ही अफगानिस्तान में चरमपंथियों के खिलाफ रणनीति को लागू करने में भी उनकी अहम भूमिका रही है.
पेट्रियस की जीवनी में ब्रॉडवैल लिखती हैं कि वो पहली बार 2006 के वसंत में पेट्रियस से मिलीं. उस वक्त वो हार्वर्ड में स्नातकोत्तर की छात्रा थी.
वो बताती है कि अपनी किताब के शोध के लिए उन्होंने कई बार अफगानिस्तान जा कर पेट्रियस और उनके करियर को जाना.
बीते शुक्रवार को जब पेट्रियस ने इस्तीफा दिया तो इससे अमरीकी राजधानी वॉशिंगटन के सुरक्षा और राजीतिक हल्कों में हलचल मच गई.
राष्ट्रपति बराक ओबामा के फिर चुनाव जीतने के तुरंत बाद पेट्रियस ने अपना पद छोड़ा.












