तुर्की में भूकंप: मुसीबत में फंसे लोगों के नाम पर टिकटॉक के ज़रिए ठगी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाई गई तस्वीर के जरिए डोनेशन मांगा जा रहा है

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इमेज कैप्शन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाई गई तस्वीर के जरिए डोनेशन मांगा जा रहा है
    • Author, हेन्ना गेलबार्ट
    • पदनाम, ग्लोबल डिसइनफॉरमेशन रिपोर्टर

सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कुछ लोग तुर्की और सीरिया में भूकंप के बहाने लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए वे लोगों से झूठे कारण बताकर दान देने के लिए कह रहे हैं.

35 हजार से अधिक लोगों की जान लेने वाले भूकंप के बाद जरूरी सुविधाओं से मोहताज लोगों की मदद करने का ये लोग दावा करते हैं.

लेकिन ज़रूरतमंद लोगों की मदद करने की बजाय ये लोग दान में मिले पैसे को खुद के खातों और क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में भेज रहे हैं.

हमने उन कुछ तरीकों की पहचान की है जिनका इस्तेमाल ये धोखेबाज कर रहे हैं. साथ ही कुछ ऐसे टूल्स की भी पहचान की है जिसका इस्तेमाल आप जरूरतमंद लोगों की मदद करने से पहले कर सकते हैं.

'तुर्की के लिए प्रार्थना करें'

टिकटॉक लाइव पर कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल गिफ्ट पाकर पैसे कमा सकते हैं. अब टिकटॉक अकाउंट जरूरतमंद लोगों के लिए मदद मांगने के लिए तबाही की तस्वीरें, वीडियो और बचाव प्रयासों को दिखाने वाले टीवी की रिकॉर्डिंग पोस्ट कर रहे हैं.

ऐसा करते हुए ये लोग, 'चलो तुर्की की मदद करते हैं', 'तुर्की के लिए प्रार्थना करें', 'भूकंप पीड़ितों के लिए दान करें' जैसे कैप्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं.

एक अकाउंट पर तीन घंटे से ज्यादा लाइव किया गया था. इस लाइव में धुंधले तबाही के एरियल विजुअल और उनके साथ बम धमाकों की आवाजों का इस्तेमाल किया गया था. कैमरा बंद होने पर एक पुरुष की हंसते हुए आवाज सुनाई देती है और वह व्यक्ति चीनी भाषा बोल रहा होता है.

इस वीडियो को प्रसारित करते समय उसका कैप्शन था, 'आओ दान देकर तुर्की की मदद करें'

टिकटॉक पर लाइवस्ट्रीम में तस्वीरों के साथ बम धमाकों की आवाजों का इस्तेमाल कर डोनेशन मांगा जा रहा है
इमेज कैप्शन, टिकटॉक पर लाइवस्ट्रीम में तस्वीरों के साथ बम धमाकों की आवाजों का इस्तेमाल कर डोनेशन मांगा जा रहा है

एक दूसरे वीडियो में विस्फोट से भागते हुए एक परेशान बच्चे की तस्वीर दिखाई गई है. लाइव स्ट्रीम को करने वाले व्यक्ति कह रहा है, 'प्लीज इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करें.' ऐसा कर टिकटॉक गिफ्ट्स की साफ तौर पर मांग की जा रही है.

लेकिन वीडियो में जिस बच्चे की फोटो दिखाई गई वह पिछले हफ्ते आए भूकंप की तस्वीर नहीं है. रिवर्स इमेज टूल के जरिए जब तस्वीर की जांच की गई तो पता चला कि इस तस्वीर को साल 2018 में ट्विटर पर पोस्ट किया गया था. उस समय पोस्ट करते वक्त लिखा गया था, ' 'अफरीन नरसंहार को बंद करो'.

एक पुरारी तस्वीर का इस्तेमाल कर टिकटॉक पर भूकंप पीड़ितों के नाम पर मदद मांगी जा रही है.
इमेज कैप्शन, एक पुरारी तस्वीर का इस्तेमाल कर टिकटॉक पर भूकंप पीड़ितों के नाम पर मदद मांगी जा रही है.

अगर टिकटॉक पर गिफ्ट देना है तो उसमें भी एक अहम बात ध्यान रखने की है. बीबीसी ने जांच में पाया है कि टिकटॉक डिजिटल गिफ्ट का 70 फीसदी ले लेता है, हालांकि टिकटॉक का कहना है कि वह 70 फीसदी से कम लेता है.

टिकटॉक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया, "हम तुर्की और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंपों से बहुत दुखी हैं और भूकंप राहत प्रयासों में मदद कर रहे हैं. हम ऐसे लोगों को रोकने की के लिए भी प्रयास कर रहे हैं जो लोगों को दान के बहाने ठगने का काम कर रहे हैं."

क्रिप्टोकरेंसी के लिए अपील और एआई से बनाई तस्वीरें

ट्विटर पर लोग क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट लिंक के साथ भावुक तस्वीरें शेयर कर रहे हैं और लोगों से जरूरतमंद लोगों के नाम पर मदद मांग रहे हैं.

एक अकाउंट ने 12 घंटे में एक ही मदद की अपील को 8 बार पोस्ट किया. इस पोस्ट में एक फायर फाइटर तबाह हुई बिल्डिंगों के बीच एक छोटे बच्चे को पकड़े हुए है.

ट्विटर पर अपील

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हालांकि पोस्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीर असली नहीं है. ग्रीक अखबार ओईएमए की रिपोर्ट है कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर मिडजर्नी का इस्तेमाल कर एजियन फायर ब्रिगेड पैनागियोटिस कोट्रिडिस के मेजर जनरल ने बनाया था.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फोटो बनाते हुए अक्सर गलतियां करते हैं और ट्विटर यूजर्स को तुरंत पता चल गया कि इस फायर फाइटर के दाहिने हाथ पर पांच से ज्यादा उंगलिया हैं

इसे और सत्यापित करने के लिए हमने बीबीसी के टेक रिसर्च हब द ब्लू रूम के साथियों से उसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर ऐसी ही तस्वीरें बनाने की कोशिश करने के लिए कहा.

जब सॉफ्टवेयर से भूकंप के बाद छोटे बच्चो को बचाने और ग्रीक झंडे के साथ हेलमेट पहने हुए फायर फाइटर की तस्वीरें बनाने की कोशिश की तो इस तरह के कुछ विकल्प सामने आए.

बच्चे को बचाते हुए फायर फाइटर की तस्वीर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया है.

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इमेज कैप्शन, बच्चे को बचाते हुए फायर फाइटर की तस्वीर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया है.

इसके अलावा क्रिप्टो वॉलेट का एड्रेस में से एक का इस्तेमाल 2018 से ठगी करने और स्पैम ट्विट्स में किया गया था. दूसरे वॉलेट अश्लील कंटेंट के साथ रूसी सोशल मीडिया वेबसाइट वीके पर पोस्ट किए गए थे.

जब बीबीसी ने इस अपील को पोस्ट करने वाले व्यक्ति से संपर्क किया तो उन्होंने इस बात से इनकार किया कि ये कोई धोखा है. उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी खराब है लेकिन उन्होंने गूगल अनुवाद का इस्तेमाल कर ट्विटर पर हमारे सवालों का जवाब दिया.

व्यक्ति ने कहा, "मेरा मकसद पैसा जमा करके भूकंप से प्रभावित लोगों की मदद करना है. जहां आपदा आई है वहां लोग मुश्किल में हैं और खासकर बच्चों के पास खाने के लिए भोजन नहीं है. मैं इस काम का प्रूफ देने के लिए आपको रसीदें दिखा सकता हूं."

हालांकि उन्होंने अभी तक हमें न तो रसीदें भेजी हैं और न ही अपनी पहचान का कोई सबूत दिया है.

ट्विटर और पेपाल

ट्विटर पर स्कैमर लोगों से पैसे लेने के लिए फर्जी खाते बनाते हैं और वहां की जाने वाली पोस्ट को पेपैल अकाउंट से लिंक कर देते हैं.

सोनाटाइप के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ए एक्स शर्मा का कहना है कि ये अकाउंट अपनी विजिबिल्टी को बढ़ाने के लिए न्यूज आर्टिकल को रिट्वीट, मशहूर हस्तियों के ट्विट्स का जवाब देते हैं.

बीबीसी को ए एक्स शर्मा ने बताया, "वे आपदा राहत के नाम पर फर्जी खाते बनाते हैं, जो असल संस्थाओं और न्यूज आउटलेट जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन इन खातों से पैसों को पेपाल अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता है."

एक फर्जी ट्विटर अकाउंट का स्क्रीनशॉट

उदाहरण के लिए एक अकाउंट है @TurkeyRelief. इस अकाउंट को जनवरी में बनाया गया था और सिर्फ 31 फॉलोअर्स हैं. इस अकाउंट से पेपाल के जरिए भूकंप पीड़ितों के लिए पैसों की मांग की जाती है. पेपाल अकाउंट अब तक दान के रूप में 900 अमेरिकी डॉलर प्राप्त कर चुका है. इस रकम में 500 डॉलर इस अकाउंट को बनाने वाले ने दिए हैं."

शर्मा कहते हैं ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि दान करने वालों को यह प्रामाणिक लगे.

पेपाल पर मदद की अपील
इमेज कैप्शन, पेपाल पर मदद की अपील

यह हाल के दिनों में पेपाल पर लॉन्च किए गए 100 से ज्यादा खातों में से एक है, जहां तुर्की और सीरिया के भूकंप पीड़ितों के लिए मदद मांगी जा रही है, जिसमें से कुछ खाते नकली हैं.

शर्मा करते हैं मदद करने वालों को खासकर उन खातों से दूर रहना चाहिए जो ये कहते हैं कि वे तुर्की में हैं, क्योंकि पेपाल तुर्की में साल 2016 से काम नहीं कर रहा है.

तुर्की के बाहर पेपाल का इस्तेमाल कर लोग मदद कर रहे हैं, लेकिन जब मदद मांगने वालें कहें कि वे तुर्की में हैं तो यह एक तरह का खतरा है.

कुछ और बातें भी हैं जिनसे सतर्क रहना जरूरी है. अगर कोई गुमनाम तरीके से मदद मांगे या फिर दान के नाम पर छोटी रकम की बात करे तो वहां सावधानी बरतनी चाहिए.

शर्मा के मुताबिक आप उम्मीद करेंगे कि असल में चैरिटी करने वालों के पास अच्छा खासा पैसा होगा, बावजूद उसके पेपाल फंड रेज करने वालों के पास 100 पाउंड से भी कम है.

भूकंप के बाद पीड़ितों के लिए मदद मांगी जा रही है
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पेपाल ने ठगी करने वाले खातों को निलंबित कर दिया है. पेपाल प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया, "दान स्वीकार करने के लिए पेपाल का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोगों के इरादे नेक हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो मदद करने वाले लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं."

उन्होंने कहा, "पेपाल टीमें हमेशा खातें की जांच करने और उन पर प्रतिबंध लगाने के लिए मेहनत से काम कर रही है. खासकर तुर्की और सीरिया में भूकंप जैसी घटनाओं को देखते हुए, ताकि लोग आगे बढ़कर मदद कर पाएं."

ट्विटर ने भी @TurkeyRelief नाम के अकाउंट को निलंबित कर दिया है, लेकिन कंपनी ने बीबीसी के सवालों का जवाब नहीं दिया.

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धोखेबाजी से कैसे बचें और सुरक्षित तरीके से कैसे मदद करें

  • अपने देश में चैरिटी करने वालों की तलाश करें
  • अगर आप को किसी उगाही, ठगी का पता चलता है तो इसकी जानकारी संबंधित अथॉरिटी को दें और इसे सोशल मीडिया पर रिपोर्ट करें.
  • ठगी करने वाले भावुक भाषा, तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल करते हैं.
  • मदद के नाम पर ऐसी ठगी करने वाले कुछ लोग अपने आप को किसी चैरिटी करने वाले संस्था या सरकार से जुड़ा हुआ बताते हैं. अगर आप उस चैरिटी या सरकारी संस्था को दान देना चाहते हैं तो उनकी वेबसाइट पर जाएं और वहां जाकर सीधा मदद करें.
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