पाकिस्तान में सुबह से बत्ती गुल, क्या है बड़े शहरों का हाल?

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पाकिस्तान में जैसे ही सोमवार की सुबह लोग अपने बिस्तरों से उठे तो उन्होंने पाया कि कहीं भी बिजली नहीं है.
लोग एक दूसरे से पूछने लगे कि अचानक से बत्ती गुल क्यों हो गई है? लोगों ने अपने फोन देखे तो उनमें सिग्नल नहीं थे.
लोग अपने दफ्तरों तक जाने के लिए ऑनलाइन टैक्सी तक बुक नहीं कर पाए.
किसी का फोन चार्ज नहीं है तो किसी की बैटरी खत्म होने वाली है. जैसे ही बत्ती गुल की खबरें सोशल मीडिया पर छाने लगी उसके कुछ ही देर बात पाकिस्तान के न्यूज़ चैनलों ने पुष्टि की कि बत्ती गुल की समस्या महज एक शहर की नहीं है.
बिजली कटौती का सामना पाकिस्तान में लगभग हर जगह लोगों को करना पड़ रहा है. इसमें लाहौर, इस्लामाबाद, कराची समेत सभी बड़े शहरों शामिल है.
ऊर्जा मंत्री ने क्या कहा
पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने कहा, "बिजली बहाली के लिए देशभर में टीमें सक्रिय हैं. देश में बिजली बहाली के लिए रात 10 बजे का समय निर्धारित किया गया है."
एक निजी टीवी चैनल से बात करते हुए खुर्रम दस्तगीर ने कहा कि इस बिजली कटौती के पीछे वोल्टेज में उतार चढ़ाव को वजह बताया और कहा कि अगले 12 घंटे के अंदर इसे ठीक कर लिया जाएगा.
यह ध्यान देने वाली बात है कि पाकिस्तान में यह पहला ब्रेकडाउन नहीं है. यहां लोगों को हर सर्दी के मौसम में इस तरह के ब्रेकडाउन का सामना करना पड़ता है और इसके लिए ज्यादातर ट्रांसमिशन लाइन में गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराया जाता है.

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जियो न्यूज से बात करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि तारबेला और वारसाक में कुछ ग्रिड को बहाल कर दिया गया है और एक एक कर सिस्टम को फिर से शुरू करना होगा.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कराची का मामला पेचीदा है. कराची की अपनी बिजली व्यवस्था भी है. अगले कुछ घंटों में कराची में बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.
उनके मुताबिक यह ब्रेकडाउन दक्षिण से उत्तर की तरफ हुआ है और पूरे देश की बिजली व्यवस्था को अगले 12 घंटे में ठीक करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है.
पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय ने अपने एक ट्वीट में कहा है, "शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, आज सुबह 7 बजकर 34 मिनट पर नेशनल ग्रिड की सिस्टम फ्रीक्वेंसी कम हो गई जिससे बिजली सिस्टम में बड़ी खराबी आई है. बिजली व्यवस्था को बहाल करने का काम तेजी से चल रहा है."
इस्लामाबाद इलेक्ट्रिक पावर सप्लाई कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, "ब्रेकडाउन की वजह से इस्को के करीब 117 ग्रिड स्टेशन प्रभावित हुए हैं."
उन्होंने कहा कि बिजली की बहाली की निगरानी सीधा सेंट्रल कंट्रोल रूम से की जा रही है.
कैसे हुआ ब्रेकडाउन

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पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर के मुताबिक यह कोई बड़ा ब्रेकडाउन नहीं है.
उन्होंने कहा, "हमने सर्दियों के दौरान देशभर में बिजली की कम मांग को देखते हुए हमने अस्थायी रूप से बिजली उत्पादन करने वाले सिस्टम को बंद कर दिया था. हालांकि आज सुबह जब सिस्टम को शुरू किया गया तो कुछ जगह पर फ्रीक्वेंसी और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया."
दस्तगीर ने कहा कि पेशावर और इस्लामाबाद में ग्रिड स्टेशनों की बहाली शुरू हो गई है.
उन्होंने कहा, "मैं विश्वास दिलाता हूं कि अगले 12 घंटों में पूरे देश में बिजली पूरी तरह से बहाल कर दी जाएगी."
क्या हैं मुश्किलें

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एनटीडीसी के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि गुडू क्वेटा ट्रांसमिशन लाइन में फाल्ट हुआ है. उनके मुताबिक, इस तरह की खराबी आने में कुछ सेकेंड ही लगते हैं और यह फिर ब्रेकडाउन की तरफ ले जाती है.
उनके मुताबिक पाकिस्तान में इस ब्रेकडाउन की वजह ट्रांसमिशन सिस्टम का पुराना पड़ जाना है. कोहरे के कारण लाइनों में नमी और कभी कभी फ्रीक्वेंसी का मैच न करना भी बिजली संकट को बढ़ा देता है.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर समय रहते ट्रांसमिशन लाइन में फाल्ट का पता चल जाता है तो उस लाइन को अलग कर दिया जाता है, लेकिन यह करना काफी मुश्किल है और इसके लिए काफी कम समय मिल पाता है.
हालांकि पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने ब्रेकडाउन का कारण केवल वोल्टेज में उतार-चढ़ाव बताया है.
जानकारों के मुताबिक बिजली ग्रिड फेल होने से न सिर्फ नौकरियां और जनजीवन ठप हो गया बल्कि भारी उद्योग को भी मुश्किल का सामना करना पड़ता है, क्योंकि ऐसे उद्योगों के पास बिजली का बैकअप सपोर्ट नहीं होता है जिससे वे लंबे समय तक बिना बिजली के अपनी फैक्ट्री को चला पाएं.
इस्लामाबाद में क्या है स्थिति

इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता शुमाइला जाफ़री ने बताया कि सुबह से मार्केट में दुकानदार बिजली का इंतजार कर रहे हैं. कुछ दुकानदार बिजली के लिए जेनरेटर का इस्तेमाल भी कर रहे हैं.
शुमाइला जाफ़री ने इस्लामाबाद की जी-10 मार्केट में कुछ लोगों से इस मसले पर बात की.
मार्केट में अपनी दुकान के बाहर बैठे एक व्यक्ति ने कहा, "सुबह आठ बजे से बिजली बंद है. हर रोज का यही हाल है. एक घंटे बिजली आती है फिर करीब दो घंटे नहीं आती है. वैसे भी ग्राहक नहीं आ रहे हैं दूसरा बिना बिजली की दुकान में माल दिखाई नहीं देता तो लोग आना पसंद नहीं करते."
दूसरे दुकानदार ने कहा, "ऐसी स्थिति में हमारा खर्चा दोगुना हो जाता है. जनरेटर पर हर रोज करीब एक हजार रुपये खर्च आता है, दूसरा बिजली का बिल तो आना ही है. किराए पर दुकान वाले का मालिक ये कभी नहीं कहेगा कि बिजली नहीं आ रही तो आप किराया न दें. उसका खर्चा बढ़ जाता है जिसका असर सीधा परिवार पर पड़ता है."
"इस पूरे राजनीतिक सिस्टम से लोगों में नाउम्मीदी है. लोग खुश नहीं है."
जी-10 मार्केट में कॉस्मेटिक की दुकान चलाने वाले व्यक्ति ने कहा, "हर रोज ऐसा हो रहा है. जनरेटर चलाकर गुजारा कर रहे हैं. अगर नहीं चलाते तो अंधेरा होता है तो ज्यादा नुकसान होता है. किराया निकालना मुश्किल हो जाता है."
सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं लोग?

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पाकिस्तान में बत्ती गुल को लेकर वहां के सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की है.
कुछ ट्विटर यूजर्स मीम्स बनाकर पाकिस्तान सरकार का मजाक उड़ा रहे हैं तो कुछ सवाल खड़ा कर रहे हैं.
पाकिस्तान की पत्रकार आरिफा नूर ने लिखा कि सर्दियों में लगभग हर बार इस तरह की खराबी होती है. हम इसे अब तक ठीक नहीं कर पाए हैं.
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एक दूसरे यूजर ने ट्विटर पर लिखा, "जब सोमवार ऐसा है तो हफ्ता कैसे होगा?"
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हयात नाम के यूजर ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि जिन लोगों का फोन बीस प्रतिशत चार्ज है उनकी हालात वैसी है जैसे तस्वीर में बच्ची रो रही है. .
कुछ उपभोक्ता ऊर्जा मंत्री के उस बयान की आलोचना कर रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि यह कोई बड़ी समस्या नहीं है और 12 घंटे में सब ठीक हो जाएगा.
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