पाकिस्तान का दोस्त चीन आख़िर उसे कब तक बचा पाएगा? -वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान का ब्लॉग
पाकिस्तान के आर्थिक हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं.
कुछ दिन पहले स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान ने जानकारी दी कि सरकार के विदेशी मुद्रा भंडार में सिर्फ़ चार से पांच हफ़्ते के आयात का खर्चा बचा है.
पाकिस्तान के अर्थव्यवस्था को संभाले रखने में चीन, सऊदी अरब और यूएई ने लगातार मदद की है. लेकिन क्या ये देश आगे भी साथ बनाए रखेंगे?
साथ ही पाकिस्तान के भीतर चल रही राजनीतिक उठा-पटक देश की अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान पहुंचा देगी?
इसी मुद्दे पर पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान की ख़ास टिप्पणी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)