इमरान ख़ान पर हुए हमले की भारत में ख़ूब चर्चा हुई, क्या हैं इसके मायने?

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- Author, ज़ोया मतीन & एंड्र्यू क्लेरेंस
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़

- इमरान ख़ान मशहूर क्रिकेटर और सेलिब्रिटी के तौर पर भारत में काफ़ी पसंद किए जाते हैं.
- इमरान के शासन में भारत-पाक में अच्छे रिश्तों की उम्मीद बंधी थी.
- लेकिन दोनों देशों के ख़राब रिश्तों की वजह से भारत में इमरान की छवि को झटका लगा है.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान पर हमले की ख़बर पूरे भारत की मीडिया में छा गई. इमरान भारत के घर-घर में जाना-पहचाना नाम है.
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव भरे रिश्तों के बावजूद इमरान ख़ान भारत में काफ़ी लोकप्रिय हैं.
इमरान पर हमले के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ''भारत पाकिस्तान के हालात पर नज़दीकी निगाहें बनाए हुए है.''
अंग्रेज़ी अख़बार 'इंडियन एक्सप्रेस' में राजनीतिक विश्लेषक संजय बारू ने इस हमले को 'टर्निंग प्वाइंट' क़रार दिया है.
पाकिस्तान में राजनीतिक नेतृत्व के सामने खड़ी चुनौतियों के बारे में उन्होंने लिखा कि इमरान ख़ान पर हमले से अब वहां लगाए जा रहे दांव नाटकीय ढंग से काफ़ी ऊंचे हो गए हैं.
इमरान ख़ान पर हमले के बाद भारत में ट्विटर पर पाकिस्तान टॉप ट्रेंड में शामिल हो गया.
भारत में ख़ासे पसंद किए जाते हैं इमरान ख़ान

एक धनी परिवार में पैदा हुए दिग्गज क्रिकेटर इमरान ने पाकिस्तान को 1992 में क्रिकेट का विश्व कप दिलाया था. लेकिन वह भारत में उस पीढ़ी के दिलों की धड़कन हैं, जो 1970 से 1990 के दशक में क्रिकेट देखते हुए बड़ी हुई है.
इमरान कई बार भारत आ चुके हैं और बॉलीवुड हस्तियों समेत तमाम दिग्गज हस्तियों से उनकी मुलाक़ात सुर्ख़ियां बटोरती रही हैं.
एक पुराने वीडियो में इमरान ख़ान और अमिताभ बच्चन एक कव्वाली का लुत्फ़ लेते देखे जा रहे हैं. इसमें मशहूर पाकिस्तानी गायक क़व्वाली गा रहे हैं. ये वीडियो भारत में ख़ूब शेयर किया गया. बड़ी तादाद में लोगों ने इसे देखा है.
2018 में इमरान ख़ान ने एलान किया था कि वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद का चुनाव लड़ेंगे. अपने चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने पाकिस्तान में भ्रष्टाचार ख़त्म करने का एलान किया था, जिसकी भारत में बड़ी गूंज सुनाई पड़ी.
उन्होंने भारत से अच्छे संबंध बनाने और रिश्ते बरक़रार रखने पर भी ख़ूब बात की थी. इससे पाकिस्तान और पड़ोसी देशों के बीच अच्छे रिश्तों की उम्मीद पैदा हुई थी.
लेकिन इमरान की लोकप्रियता और वादों के बावजूद उनके प्रधानमंत्री रहते पाकिस्तान और भारत के बीच रिश्ते और ख़राब ही हुए.

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भारत-पाकिस्तान रिश्तों में इमरान की भूमिका
भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते तब और ख़राब हो गए जब 2019 के फ़रवरी में भारत के 40 सुरक्षाकर्मी एक आत्मघाती विस्फोट में मारे गए.
भारत ने आरोप लगाया कि इसमें पाकिस्तान से ऑपरेट कर रहे चरमपंथी जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है. इमरान ख़ान ने टीवी पर इस आरोप से इनकार किया और कहा, "भारत बग़ैर सबूत के पाकिस्तान पर आरोप लगाना बंद करे."
दोनों देशों के रिश्तों में तब और गिरावट आ गई, जब भारत ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटा कर उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया.
इमरान ख़ान सरकार ने भारत सरकार के इस क़दम को "कश्मीर और उसके लोगों" पर हमला बताया. इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार बंद है.
ये दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच तनाव बढ़ाने का नया कारण बन गया.
इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है.

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क्या भारत-पाक रिश्ते सुधरेंगे?
चीन के साथ पाकिस्तान की बढ़ती दोस्ती भी भारत के लिए सिरदर्द बना हुआ है. सीमा विवाद को लेकर 2020 में भारत और चीन के सैनिकों में भिड़ंत हो चुकी है.
भारत के एक पूर्व राजयनिक अनिल त्रिगुनायत कहते हैं, "इमरान यहां काफ़ी पसंद किए जाने वाले व्यक्ति हैं. लेकिन हाल में दोनों देशों के बीच विवाद के कारण उनकी लोकप्रियता भारत में घटी है."
बीबीसी से बातचीत में वो कहते हैं, "जब आप किसी देश के नेता बन जाते हैं और किसी देश के ख़िलाफ़ क़दम उठाते हैं तो क्रिकेट की वजह से पैदा हुई भाईचारे की भावना को चोट पहुंचती है."
वो कहते हैं, "अगर पाकिस्तान की राजनीति में भारत विरोध छाया रहा तो दोनों देशों के बीच रिश्तों में ज़्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं करनी चाहिए."
लेकिन भारत में इमरान ख़ान पर नज़र बनी ही रहती है, चाहे वजह अच्छी हो या ख़राब.
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