You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
ट्विटर को 'सुधारने' के लिए श्रीराम की मदद ले रहे हैं एलन मस्क
- एलन मस्क ने बीते सप्ताह पूरी की ट्विटर को टेकओवर करने की प्रक्रिया
- सीईओ समेत ट्विटर के कई बड़े अधिकारियों को हटाया
- अप्रैल 2022 में की थी ट्विटर को 44 बिलियन डॉलर में ख़रीदने की डील
- फिर जुलाई में एलन मस्क ने विचार बदले और कहा अब उनकी ट्विटर में दिलचस्पी नहीं, ट्विटर ने कानूनी रास्ता अपनाया
- अक्तूबर में फिर ट्विटर की डील में दिखाई दिलचस्पी, कंपनी ने रोकी कानूनी कार्यवाही
एलन मस्क ने ट्विटर को खरीदने के बाद से कंपनी में बड़े बदलाव लाने शुरू कर दिए हैं. उन्होंने सीईओ पद से भारतीय मूल के पराग अग्रवाल को हटाया लेकिन एक बार फिर से वो एक भारतीय की सलाह पर ही कंपनी से जुड़े अहम फ़ैसले ले रहे हैं.
इस भारतीय मूल के शख़्स का नाम है श्रीराम कृष्णन.
एलन मस्क ने चेन्नई में जन्में भारतीय-अमेरिकी इंजीनियर श्रीराम कृष्णन को ट्विटर में बदलावों के लिए बनाई कोर टीम में शामिल किया है.
श्रीराम कृष्णन ने ख़ुद भी ट्विटर पर ये जानकारी दे दी है कि वो एलन मस्क को मदद कर रहे हैं.
क्या कहा श्रीराम कृष्णन ने?
पेशे से इंजीनियर श्रीराम ने लिखा है कि वो ट्विटर कंपनी के लिए एलन मस्क की अस्थायी तौर पर मदद कर रहे हैं.
वो कहते हैं, "अब जब बात निकल गई है: मैं ट्विटर के लिए कुछ शानदार लोगों के साथ मिलकर एलन मस्क की मदद कर रहा हूं. मैं मानता हूं कि ये बहुत ही महत्वपूर्ण कंपनी है. इसका दुनिया पर बड़ा असर हो सकता है और एलन वो शख्स हैं जो इसे संभव बनाएंगे."
हालाँकि, उन्होंने अगले ही ट्वीट में ये भी स्पष्ट कर दिया कि अभी भी उनका मुख्य काम a16z कंपनी से ही जुड़ा है. इस इनवेस्टमेंट कंपनी का काम स्टार्टअप्स, कई नामी-गिरामी कंपनियों और क्रिप्टो में निवेश करना है.
श्रीराम कृष्णन को कितना जानते हैं आप?
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर के अनुसार कृष्णन पेशे से इंजीनियर हैं. उन्हें स्टार्टअप्स में निवेश के लिए जाना जाता है. अब तक वो इस तरह के 23 निवेश कर चुके हैं और चार अक्टूबर को ही उन्होंने सीड राउंड-लैसो लैब्स के लिए इसी तरह का निवेश किया था.
श्रीराम कृष्णन ने अपना करियर माइक्रोसॉफ़्ट के साथ शुरू किया था और वो ट्विटर में भी काम कर चुके हैं. इसके साथ ही वो बित्स्की, हॉपिन और पॉलीवर्क जैसी कंपनी के बोर्ड में भी शामिल रह चुके हैं.
फ़िलहाल वो ऐंद्रीसेन होरोवित्ज़ नाम की वेंचर कैपिटल फ़र्म में पार्टनर हैं. इस कंपनी को a16z के नाम से भी जाना जाता है.
कृष्णन अन्ना यूनिवर्सिटी के एसआरएम कॉलेज से साल 2001-2005 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं. उन्होंने साल 2017 से 2019 के बीच ट्विटर के साथ काम किया था. उस समय वो कोर कंज़्यूमर प्रोडक्ट टीम से जुड़े थे और उस समय कंपनी ने 20 फ़ीसदी की ग्रोथ 20 फ़ीसदी बढ़ी थी. इस दौरान उन्हें ट्विटर के होम टाइमलाइन, नए यूज़र के एक्सपीरिएंस, सर्च, डिस्कवरी और ऑडियंस ग्रोथ जैसे अहम काम करने थे.
उनके लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के अनुसार कृष्णन मेटा और स्नैप के साथ भी काम कर चुके हैं. वो टेक और निवेश से जुड़े मुद्दों पर अपनी पत्नी आरती राममूर्ती के साथ 'गूट टाइम शो' नाम का एक पॉडकास्ट शो भी चलाते हैं.
श्रीराम कृष्णन के लिंक्डइन प्रोफ़ाइल के अनुसार उन्होंने साल 2013 से 2016 के बीच फ़ेसबुक यानी मेटा के लिए काम किया था. इस दौरान उन्हें प्रोडक्ट/ बिज़नेस स्ट्रैटजी बनाने सहित कई अहम ज़िम्मेदारियां मिली थीं. उन्होंने सबसे लंबे समय तक 2005 से 2011 तक माइक्रोसॉफ्ट को अपनी सेवाएं दी थीं.
उनकी रुचि कंज्यूमर टेक और क्रिप्टो में रही है. इसके अलावा वो उन्हें किस्सागोई का भी शौक़ है.
श्रीराम चेन्नई के एक मध्यमवर्गीय परिवार में पले-बढ़े. उनके पिता एक बीमा कंपनी में काम करते थे और माँ गृहिणी थी. श्रीराम अपनी पत्नी आरती से वर्ष 2002 में याहू मेसेंजर के ज़रिए मिले थे और अब करीब 20 साल से भी ज़्यादा समय से दोनों साथ हैं.
साल 2005 में माइक्रोसॉफ़्ट में काम करने के लिए श्रीराम अमेरिका के सिएटल चले गए थे. उस समय वो महज़ 21 साल के थे.
एलन मस्क खुद बने सीईओ
उधर एलन मस्क ने ख़ुद को ट्विटर का नया सीईओ और निदेशक बना लिया है. कंपनी ने सिक्योरिटी फाइलिंग में इस बारे में जानकारी दी है.
पिछले दिनों लगभग 44 अरब डॉलर में ट्विटर को ख़रीदने के बाद से मस्क लगातार माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट चलाने वाली इस कंपनी में बदलाव ला रहे हैं.
इन बदलावों की शुरुआत कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल समेत अन्य शीर्ष अधिकारियों की बर्खास्तगी से हुई थी.
अब मस्क ने निदेशक मंडल को बर्खास्त करके खुद को कंपनी का इकलौता निदेशक बना लिया है.
इसके साथ ही कंपनी ने न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्टिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्विटर एक निजी कंपनी बन जाएगी जो कि स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट नहीं होगी.
ऐसा होने से मस्क और उनकी टीम पर हर तीन महीने में कंपनी की आर्थिक सेहत से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक करने का दायित्व ख़त्म हो जाएगा.
कॉपी - प्रियंका झा
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)