इमरान ख़ान ने एक बार फिर की नरेंद्र मोदी की तारीफ़, जानिए क्यों

इमरान ख़ान

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की है.

पिछले कई महीनों से वे नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति की कई बार तारीफ़ कर चुके हैं.

लेकिन इस बार मामला कुछ और है. बुधवार को एक रैली के दौरान इमरान ख़ान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ पर जमकर निशाना साधा.

इसी क्रम में उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी ज़िक्र किया.

उन्होंने पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ पर आरोप लगाया कि विदेश में उनकी अरबों-अरब की संपत्ति है.

इमरान ख़ान ने कहा- कोई मुझे एक भी ऐसा मुल्क बता दे, जहाँ लोकतांत्रिक सरकार चल रही है. आप एक प्रधानमंत्री के बारे में बता दें, जिसकी अरबों-अरबों-अरब की संपत्ति विदेश में है. एक बता दीजिए. आप और तो छोड़ दीजिए. ये साथ वाला मुल्क और ये नरेंद्र मोदी, उनकी कितनी संपत्ति विदेश में है.

उन्होंने शहबाज़ शरीफ़ पर निशाना साधते हुए कहा कि ये कोई सोच भी नहीं सकता कि देश का पीएम अरबों की संपत्ति बाहर रखे हुए हैं, उनके बिजनेस बाहर के मुल्कों में हैं और जिनके बच्चों के पासपोर्ट ब्रिटेन के हैं.

इमरान ने कहा- ऐसा कहीं नहीं होता. ऐसा तब होता है जब ताक़तवर के लिए एक क़ानून और कमज़ोर के लिए दूसरा क़ानून होता है.

आक्रामक इमरान

प्रधानमंत्री पद गँवाने के बाद से ही इमरान ख़ान पाकिस्तान की नई सरकार पर आक्रामक हैं.

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ये पहली बार नहीं है, जब इमरान ख़ान ने भारत की नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ़ की है.

हालाँकि वो नरेंद्र मोदी की सरकार के दौरान भारत में इस्लामोफ़ोबिया का भी आरोप लगा चुके हैं और कश्मीर के मुद्दे को भी उठाते रहे हैं.

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लेकिन उन्होंने भारत की विदेश नीति की ख़ास तौर पर कई बार तारीफ़ की है.

अगस्त में तो उन्होंने अपनी पार्टी की एक रैली के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का वीडियो भी चलाया और भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की तारीफ़ की.

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उस दौरान उन्होंने रैली में कहा था कि अमेरिका के लगातार दवाब के बावजूद भारत रूस से सस्ता तेल ख़रीदने पर अडिग रहा.

भारत के विदेश मंत्री जयशंकर का वीडियो स्लोवाकिया में हुई 'ग्लोबसेक-2022 ब्रातिस्लावा फ़ोरम' का था. रूस से तेल ख़रीदने के विषय पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा था कि कोई भी देश भारत को अपने लोगों के लिए एक बेहतर डील करने से कोई नहीं रोक सकता.

उस दौरान भी इमरान ख़ान ने शहबाज़ शरीफ़ की सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा था- वो हिंदुस्तान जो हमारे साथ आज़ाद हुआ था, उनमें इतनी ख़ुद्दारी है कि वो अपने लोगों की ज़रूरतों के मुताबिक़ अपनी फ़ॉरेन पॉलिसी बनाते हैं. तो ये हमारे कौन (शहबाज़ शरीफ़ सरकार की तरफ़ संकेत) आ गए हैं जो उनके पैरों में लेटे हुए हैं.

विदेश नीति की कई बार प्रशंसा

नरेंद्र मोदी

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इसी वर्ष मई के महीने में उन्होंने भारत को स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की प्रशंसा करते हुए कहा था कि अमेरिका की हिम्मत नहीं है कि वो भारत को डिक्टेट करे क्योंकि भारत एक आज़ाद मुल्क़ है.

उस वक़्त इमरान ख़ान ने कहा था, "भारत रूस से तेल और हथियार ख़रीद रहा है लेकिन अमेरिका उसको कुछ नहीं बोलता क्योंकि भारत एक आज़ाद मुल्क़ है. भारत ईरान के साथ भी व्यापार करता है लेकिन अमेरिका इसपर भी कोई आपत्ति नहीं जताता."

मई में ही जब पाकिस्तान में पेट्रोल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी हुई थी, तो इमरान ख़ान ने उस समय भी भारत की तारीफ़ की थी.

इमरान ख़ान ने उस समय शहबाज़ शरीफ़ की सरकार के बारे में कहा था- पाकिस्तान 'विदेशी मालिकों के सामने आयातित सरकार की ग़ुलामी की क़ीमत अब चुकाने लगा है.

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उन्होंने मोदी सरकार के बारे में कहा था- अमेरिका का सामरिक साझेदार भारत रूस से सस्ता तेल ख़रीदकर, ईंधन की क़ीमतें 25 रुपए कम करने में सफल रहा है. अब हमारा देश ठगों के गुट के चलते महंगाई की एक और डोज़ से जूझेगा.

हालाँकि इमरान ख़ान कई बार भारत और शरीफ़ परिवार के रिश्तों पर भी सवाल उठा चुके हैं.

एक बार उन्होंने कहा था- हमारी सरकार गिराई गई तो भारत ने ऐसी ख़ुशी मनाई जैसे शहबाज़ शरीफ़ नहीं शहबाज़ सिंह पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बन गया हो. मोदी ने कश्मीरियों पर ज़ुल्म किया और नवाज़ शरीफ़ ने उन्हें अपने ख़ानदान की शादी पर बुलाया. नवाज़ शरीफ़ के मुंह से कुलभूषण जाधव के ख़िलाफ़ कभी एक शब्द नहीं निकला. नवाज़ शरीफ़ भारत गए तो हुर्रियत के नेताओं से नहीं मिले क्योंकि नरेंद्र मोदी नाराज़ हो जाते.

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