महारानी एलिज़ाबेथ II को दुनियाभर में अलग-अलग तरीक़े से किया जा रहा याद

महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय नहीं रहीं. ब्रिटेन की सबसे लंबे समय तक महारानी रहीं एलिज़ाबेथ द्वितीय के निधन की ख़बर आते ही दुनियाभर में लोग उन्हें अपने-अपने तरीके से श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया में सिडनी के ओपेरा हाउस में महारानी को श्रद्धांजलि दी गई. ओपेरा हाउस पर महारानी की तस्वीर कुछ इस तरह नज़र आई.

कनाडा के क्वीन्स पार्क लेजिस्लेटिव असेंबली में महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय की एक तस्वीर को ऊंचे स्थान पर रखा गया. तस्वीर के दो छोरों पर काले रिबन बांधे गए. बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे.

रूस की राजधानी मॉस्को में महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय को श्रद्धांजलि देने आए एक शख़्स ने उन्हें नमन किया. महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय को श्रद्धांजलि देने वालों के लिए एंजलिकन चर्च में उनकी तस्वीर रखी गई.

चेक रिपब्लिक की राजधानी प्राग में लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय को याद किया.

जापान की राजधानी टोक्यो में ब्रिटिश दूतावास के बाहर लोगों ने महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के सम्मान में फूल रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. महारानी को श्रद्धांजलि देती एक महिला.

भारत के मुंबई शहर में आर्ट-स्टूडेंट्स ने महारानी एलिज़ाबेथ के पोट्रेट बनाकर उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि दी.

स्पेन के बेनिडॉर्म में फ़्लैगपोल में यूनियन-फ़्लैग लगाया गया, जो आधा झुका हुआ था.

राष्ट्रमंडल के 56 देशों के नेताओं ने महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के निधन की ख़बर आने के बाद उन्हें श्रद्धांजलि दी है.

केन्या की राजधानी नैरोबी में अख़बारों में महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय को श्रद्धांजलि दी गई.

उनके आख़िरी वक्त में उनके परिजन उनके साथ ही स्कॉटलैंड के बालमोरल क़िले में मौजूद थे. महारानी का निधन गुरुवार दोपहर स्कॉटलैंड के बालमोरल कासल में हुआ. विंडसर कासल महारानी का प्रिय निवास था. यहां रहने वाले स्थानीय लोग उन्हें अपनी पड़ोसी की तरह देखते थे.

भारत में पंजाब राज्य के अमृतसर के बाहरी इलाक़े में एक पेपर-आर्टिस्ट ने लंदन-टावर ब्रिज बनाकर, महारानी की तस्वीर लगाकर उन्हें अपने तरीक़े से श्रद्धांजलि दी.

सबसे पहले महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के पार्थिव शरीर को स्कॉटलैंड के बालमोरल क़िले से लंदन लाया जाएगा, जहां उनकी अंत्येष्टि करने से पहले उनके पार्थिव शरीर को वेस्टमिन्स्टर हॉल में क़रीब चार दिनों तक रखा जाएगा.

इस दौरान लोग उनके दर्शन कर सकेंगे और उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे.

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने सियोल के ब्रिटिश दूतावास में रखे बुक ऑफ़ कंडोलेंस में महारानी को श्रद्धांजलि देते हुए नोट लिखा.

केपटाउन में एक बेकर ने महारानी को कुछ इस तरीके से याद किया.

भारत के ओडिशा में सैंड-आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने महारानी एलिज़ाबेथ को अपनी कला के माध्यम से श्रद्धांजलि दी.

बर्लिन में ब्रिटिश दूतावास के बाहर लोगों ने महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय को याद करते हुए कुछ चीज़ें भेंट कीं.

ये भी पढ़ें..

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)