पाकिस्तान में अपने नागरिकों पर तेज़ होते हमलों से चीन चिंतित, इस्लामाबाद पर बढ़ा दबाव

पाकिस्तान

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    • Author, बीबीसी मॉनिटरिंग
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पाकिस्तान में पिछले महीने से चरमपंथी हमले की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है. ख़ासकर सिंध सूबे के कराची शहर में.

17 मई को कराची के भीड़भाड़ भरे एक बाज़ार में धमाका हुआ जिसमें एक महिला की मौत हो गई और 12 लोग घायल हो गए.

पिछले हफ़्ते कराची में ही एक और धमाका हुआ था जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

कराची यूनिवर्सिटी के कन्फ़्यूशियस इंस्टीट्यूट के पास 26 अप्रैल को एक खुदकुश हमला हुआ जिसमें तीन चीनी शिक्षक और ड्राइवर मारे गए थे. ड्राइवर कराची का ही रहने वाला था.

वहीं 15 मई को कराची के बाहर कबायली इलाक़े उत्तरी वज़ीरिस्तान में एक चरमपंथी हमला हुआ.

ऑडियो कैप्शन, बलूचिस्तान

'अर्बन वॉयलेंस'

अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में छह लोगों की मौत हुई जिनमें पाकिस्तानी फौज के जवान और आम नागरिक शामिल थे.

इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक 'पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फ़ॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज़' (पीआईसीएसएस) ने हाल ही में चरमपंथी हमलों से जुड़े आंकड़े जारी किए थे.

पीआईसीएसएस का कहना है कि साल 2022 के मार्च महीने की तुलना में अप्रैल में देश में चरमपंथी हमलों की संख्या 24 फ़ीसदी तक बढ़ गई है.

कराची के हमलों को पाकिस्तान के अंग्रेज़ी अख़बार 'डॉन' ने 'अर्बन वॉयलेंस' करार दिया है.

18 मई को 'डॉन' ने लिखा है, "ये साफ़ है कि विरोधी ताक़तें ऐसी हरकतों के जरिए कराची में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं."

वीडियो कैप्शन, बलूचिस्तान के सहासी कलाकार

बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था

अख़बार ने सरकार से हिंसा की ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने और कदम उठाने की अपील की है.

डॉन लिखता है- "केंद्र और सिंध की सरकार को शहरी हिंसा की नई लहर को रोकने की ज़रूरत है, इससे पहले कि ये बेक़ाबू हो जाए."

ठीक इसी तरह, एक दूसरे अख़बार 'द नेशन' ने बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए फौरन कदम उठाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है.

अख़बार ने लिखा है, "जिस तरह से ऐसे हमले बार-बार हो रहे हैं और कई तरह के संगठन इसे अंजाम दे रहे हैं, वो चिंता की बात है."

"अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद फिर से संगठित हुए पुराने गुटों के अलावा हाल ही खड़े हुए नए समूहों का डेटाबेस तैयार करने और उन्हें ट्रैक किए जाने की ज़रूरत है."

वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान: बलूचिस्तान में चरमपंथी हमले में मारे गए कई पाकिस्तानी सैनिक

शहबाज़ शरीफ़ और ली कचियांग की बातचीत

उर्दू में छपने वाले 'जंग' अख़बार ने लिखा है, "कराची पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, शायद यही वजह है कि हुकूमत विरोधी ताक़तें इस शहर को निशाना बना रही हैं."

'जंग' ने सरकार से सिर्फ़ कराची ही नहीं बल्कि पूरे मुल्क में सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा और चरमपंथी और देश विरोधी शक्तियों को ख़त्म करने की अपील की है ताकि पाकिस्तान में हज़ारों लोगों की कुर्बानी के बाद अमन फिर से बहाल किया जा सके.

पिछले महीने कराची में हुए धमाके में मारे गए चीनी शिक्षकों की मौत को लेकर चीन और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर 'पाकिस्तान ऑब्ज़र्वर' अख़बार ने 18 मई को अपने संपादकीय में संतोष व्यक्त किया है.

अख़बार ने इस ओर ध्यान दिलाया है कि चीन के प्रधानमंत्री ली केचियांग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने 16 मई को फोन पर बात की.

दोनों नेता इस बात सहमत थे कि वे पाकिस्तान और चीन के बीच लंबे समय से चली आ रही साझादारी को किसी को नुक़सान पहुंचाने की इजाज़त नहीं देंगे.

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चीन ने की कार्रवाई की मांग

17 मई को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पीपल्स डेली ने सरकारी समाचार एजेंसी शिनहुआ के हवाले से पाकिस्तान और चीन के प्रधानमंत्रियों की बातचीत पर रिपोर्ट की.

अख़बार लिखता है कि शहबाज़ शरीफ़ के सत्ता में आने के बाद से दोनों नेताओं के बीच ये पहली बातचीत थी.

ग्लोबल टाइम्स समेत चीन के सरकारी मीडिया में ली केचियांग का बयान सुर्खियों में है. ली केचियांग ने कहा है कि पाकिस्तान में हालिया हुए हमलों से चीन स्तब्ध और नाराज़ है.

चीन ने इन हमलों की कड़ी आलोचना की है. ली केचियांग ने पाकिस्तान से दोषी लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की.

हालांकि उन्होंने इन हमलों की पाकिस्तान द्वारा की गई फौरी कार्रवाई की सराहना भी की.

वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान में किस हाल में हैं बलूच लोग? - वुसत का व्लॉग

कन्फ़्यूशियस सेंटर के बाहर हमला

जिस दिन दोनों नेताओं की बातचीत हुई, उसी रोज़ सरकारी टेलीविज़न चैनल सीसीटीवी ने पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के हवाले से कहा कि सीपेक (चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) में चीनी नागरिकों पर खुदकुश हमले की साज़िश रचने के संदेह में एक महिला को गिरफ़्तार किया गया है.

सीसीटीवी के मुताबिक़, ये महिला पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की मेंबर बताई जा रही है. कराची हमलों के लिए इसी संगठन को ज़िम्मेदार ठहराया गया है.

15 मई को शिनहुआ ने कन्फ़्यूशियस सेंटर के बाहर हुए आत्मघाती हमले में मारे गए तीन चीनी शिक्षकों की याद में आयोजित स्मृति सभा पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी.

इस रिपोर्ट के मुताबिक़ पाकिस्तान के चीनी दूतावास ने कहा है कि चीन इन हमलों की कड़ी निंदा करता है और दोनों देशों की दोस्ती और सहयोग को कमतर करने की कोई भी कोशिश कामयाब नहीं होगी.

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