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बिलावल भुट्टो एक-दो दिन में विदेश मंत्री की शपथ लेंगे: प्रधानमंत्री के सलाहकार - उर्दू प्रेस रिव्यू
- Author, इकबाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
शहबाज़ शरीफ़ के प्रधानमंत्री बनने और उनकी कैबिनेट के शपथ ग्रहण के बाद सबसे ज़्यादा इसी बात पर चर्चा हो रही थी कि आख़िर बिलावल भुट्टो शहबाज़ शरीफ़ की कैबिनेट में शामिल क्यों नहीं हुए. लेकिन अब लगता है कि अटकलों का बाज़ार जल्द बंद हो जाएगा.
अख़बार जंग के अनुसार प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के सलाहकार क़मर ज़मान कायरा ने कहा है कि अगले एक-दो दिन में बिलावल भुट्टो मंत्री पद की शपथ लेंगे और वो विदेश मंत्रालय की ज़िम्मेदारी संभालेंगे.
शहबाज़ शरीफ़ की कैबिनेट में फ़िलहाल कोई भी विदेश मंत्री नहीं है. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की ही हिना रब्बानी खार को विदेश राज्य मंत्री बनाया गया है.
अख़बार जंग के अनुसार बिलावल भुट्टो लंदन में नवाज़ शरीफ़ से मुलाक़ात के बाद पाकिस्तान वापस लौट गए हैं. लंदन में बिलावल भुट्टो ने नवाज़ शरीफ़ से मुलाक़ात की थी और नवाज़ शरीफ़ के ज़रिए दिए गए इफ़्तार पार्टी में भी शामिल हुए थे. इस दौरान दोनों के बीच पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक हालात पर बातचीत हुई थी.
संस्थानों पर हमले जल्द चुनाव कराने के लिए दबाव का हथकंडा है: मरियम नवाज़
पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़ गुट) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज़ ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान पर हमला करते हुए कहा कि वो जल्द चुनाव कराने के लिए पाकिस्तान के संवैधानिक संस्थानों पर हमले कर रहे हैं.
इमरान ख़ान की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए मरियम नवाज़ ने ट्विटर का सहारा लिया.
उन्होंने ट्वीट किया, "संस्थानों पर हमले और घेराव का सबक़ भी जल्द चुनाव कराने के लिए दबाव बढ़ाने का हथकंडा है. कान खोलकर सुन लें, आपकी गुंडागर्दी और धमकियां अब आपकी अपनी तबाही का कारण बनेंगी. अपनी सरकार ना संभाल सके, अपनी पार्टी ना संभाल सके और बातें सुन लो. आपका खेल हमेशा के लिए ख़त्म. इंशाअल्लाह."
मरियम नवाज़ ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के चुनाव आयोग पर इमरान ख़ान इसलिए हमले कर रहे हैं क्योंकि इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ ग़ैर-क़ानूनी फ़ंडिंग के पक्के सबूत मिल चुके हैं.
इस्लामाबाद मार्च की तैयारी करें: इमरान ख़ान
इससे पहले शनिवार शाम को पत्रकारों से बात करते हुए इमरान ख़ान ने कहा था कि चुनाव आयुक्त को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए क्योंकि उनकी पार्टी को चुनाव आयुक्त पर भरोसा नहीं है.
इस दौरान उनकी सरकार गिराने के पीछे अमेरिकी साज़िश का फिर एक दफ़ा आरोप लगाते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि मुल्क के ख़िलाफ़ इतनी बड़ी घटना हुई है कि सुप्रीम कोर्ट को खुली अदालत में इसकी जाँच करनी चाहिए.
अख़बार जंग के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा कि लंदन में बैठे नवाज़ शरीफ़ ने दूसरे देश के साथ मिलकर उनकी सरकार गिराने की साज़िश रची जिसमें आसिफ़ अली ज़रदारी और शहबाज़ शरीफ़ भी शामिल थे.
इमरान ख़ान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में जो भी बात कही गई उससे साबित होता है कि इस बारे में वो जो कह रहे थे वह सब सही था.
हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा गया है कि इमरान ख़ान की सरकार को गिराने के लिए कोई भी साज़िश नहीं रची गई थी.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान इमरान ख़ान ने कहा कि अगर आज संस्थाएं देश की आज़ादी के लिए खड़ी नहीं होंगी तो नागरिकों के बच्चों का भविष्य भी ख़तरे में होगा.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान इमरान ख़ान ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के सभी संगठनों को निचली स्तर तक यह संदेश भेज दिया है कि वो असली आज़ादी के लिए राजधानी इस्लामाबाद की तरफ़ मार्च की तैयारी करें.
इमरान ने यह तो नहीं बताया कि वो इस्लामाबाद मार्च कब शुरू करेंगे लेकिन इतना ज़रूर कहा कि वो जल्द ही इसकी तारीख़ की घोषणा करेंगे.
चुनाव का रास्ता नहीं अपनाया गया तो गृह युद्ध की आशंका: जमात-ए-इस्लामी
पाकिस्तान के एक धार्मिक संगठन जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख सिराज-उल-हक़ ने कहा है कि अगर देश में जारी राजनीतिक संकट को दूर करने के लिए चुनाव का रास्ता नहीं अपनाया गया तो पाकिस्तान में गृह युद्ध की आशंका है.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार जमात-ए-इस्लामी प्रमुख ने कहा कि चुनाव सुधार और जल्द चुनाव कराने के लिए सभी पार्टियों को मिल कर बातचीत करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों पर भारी ज़िम्मेदारी है कि वो इस हादसे से बचें और देश को मौजूदा संकट से बाहर निकालें.
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