अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान पर लगाया हमले का आरोप, राजदूत को किया तलब- उर्दू प्रेस रिव्यू

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- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने सीमा से सटे अफ़ग़ानिस्तान के इलाक़ों में बमबारी की है जिसमें कई लोग मारे गए हैं.
डॉन अख़बार के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो अफ़ग़ानिस्तान के ख़ोस्त और कुनड़ प्रांतों में पाकिस्तानी सेना की कथित कार्रवाई से संबंधित ख़बरों की जांच कर रहा है.
पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख्वाह प्रांत के उत्तरी वज़ीरिस्तान से सांसद मोहसिन दावड़ ने शनिवार को नेशनल असेंबली में कहा कि पाकिस्तानी सेना ने अफ़ग़ानिस्तान के भीतर बमबारी की है जिसमें कम से कम 40 लोग मारे गए हैं.
हालांकि अभी तक पाकिस्तानी सेना और अफ़ग़ानिस्तान में तैनात पाकिस्तानी राजदूत की तरफ़ से इस घटना के बारे में कोई बयान नहीं आया है.
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तालिबान के प्रवक्ता ज़बीउल्लाह मुजाहिद ने ट्वीट कर पाकिस्तान के इस कथित हमले की निंदा की है, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि हमले में कितने लोग मारे गए हैं.
तालिबान प्रवक्ता ने लिखा, अफ़ग़ानिस्तान की इस्लामी हुकूमत पाकिस्तान से मांग करती है कि वो ऐसे मामलों में अफ़ग़ानिस्तान के सब्र का इम्तेहान ना लें और ऐसी ग़लती दोबारा ना करें नहीं तो इसके बुरे परिणाम होंगे.
उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच समस्याओं को राजनीतिक तरीक़े से हल किया जाना चाहिए.
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इधर अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि विदेश मंत्री अमीर ख़ान मुत्ताक़ी और उप रक्षा मंत्री मुल्ला शेर अख़ुंद ने ख़ोस्त और कुनड़ प्रांत में होने वाली कार्रवाई की निंदा की है. उन्होंने इसका हल निकालने के लिए ज़ोर दिया है.
विदेश मंत्री ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से दोनों देशों के संबंध ख़राब होते हैं और शांति का विरोध करने वालों को स्थिति का ग़लत इस्तेमाल करने का मौक़ा मिल जाता है.
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की ख़बर के अनुसार,अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तानी सेना के कथित हमलों के विरोध में तालिबान ने पाकिस्तान के राजदूत को तलब किया. अफ़ग़ानिस्तान विदेश मंत्रालय ने भी अपने बयान में कहा कि क़ाबुल में मौजूद पाकिस्तानी राजदूत को विदेश मंत्रालय बुलाकर इस मामले में अफ़ग़ानिस्तान ने ख़्त विरोध दर्ज कराया है.

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आधी रात अदालत खोलने का मामला नहीं भूलूंगा: इमरान ख़ान
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के चेयरमैन इमरान ख़ान ने पाकिस्तान की न्यायपालिका पर जमकर हमला किया और कहा कि एक मामले की सुनवाई के लिए रात के 12 बजे अदालत खोलने का मामला वो ज़िंदगी भर नहीं भूल सकते.
इमरान ख़ान ने अपनी सरकार गिर जाने के बाद शनिवार देर शाम कराची में एक जलसे को संबोधित किया.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार, जलसे को संबोधित करते हुए इमरान ख़ान ने कहा, "मैं अदालत से सिर्फ़ दो सवाल पूछना चाहता हूं. क्या सुप्रीम कोर्ट को उस दस्तावेज़ की जांच नहीं करनी चाहिए थी और जब सांसदों की ख़रीद-फ़रोख़्त की मंडी लगी हुई थी, तो क्या सुप्रीम कोर्ट को मामले का स्वत: संज्ञान नहीं लेना चाहिए था?"
इमरान ख़ान का दावा है कि उनके पास ऐसे दस्तावेज़ मौजूद हैं जिनसे पता चलता है कि अमेरिका ने उनकी सरकार को गिराने की साज़िश रची थी और इसमें पाकिस्तान के विपक्षी नेता भी शामिल थे.
शनिवार को इमरान ख़ान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस दस्तावेज़ की जांच करनी चाहिए थी. इमरान ख़ान ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से तकलीफ़ हुई है और वो ज़िंदगी भर इसे नहीं भूल सकते.
शनिवार को इमरान ख़ान के जलसे में भारी भीड़ उमड़ी थी. लोगों के हाथों में पाकिस्तान के झंडे थे क्योंकि इमरान ख़ान ने एक दिन पहले अपने समर्थकों से पार्टी के बजाए पाकिस्तान का झंडा लेकर जलसे में शामिल होने की अपील की थी. उनका कहना था कि अब मामला उनकी पार्टी का नहीं बल्कि पाकिस्तान का है.
कराची में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "दो महीने पहले ही पता चल गया था कि मैच फ़िक्स हो गया है. अमेरिकी दस्तावेज़ में मेरी सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाकर मेरी सरकार गिराने की बात मौजूद है."
नई सरकार पर हमला करते हुए इमरान ख़ान ने कहा, "इससे ज़्यादा शर्म की बात क्या होगी कि प्रधानमंत्री (शहबाज़ शरीफ़) पर 40 अरब रुपए के भ्रष्टाचार के केस हैं. ज़मानती पिता को प्रधानमंत्री और बेटे को पंजाब का मुख्यमंत्री बना दिया गया है."
इमरान ख़ान ने कहा कि वो कोई टकराव नहीं चाहते हैं, हालांकि उन्होंने अपने समर्थकों से सड़क पर उतरकर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि वह जल्दी चुनाव चाहते हैं और यह जब तक नहीं हो जाता उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.

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शहबाज़ शरीफ़ के बेटे पंजाब के मुख़्यमंत्री बनाए गए
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के बेटे हमज़ा शरीफ़ पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री चुन लिए गए हैं.
शनिवार को पंजाब की विधानसभा में वोटिंग का इमरान ख़ान की पार्टी पीटीआई ने बायकॉट किया था जिसके बाद शहबाज़ शरीफ़ को 197 वोट मिले.
अख़बार जंग के अनुसार, पंजाब विधानसभा के उप सभापति दोस्त मोहम्मद मज़ारी ने हमज़ा शरीफ़ के मुख्यमंत्री चुन लिए जाने की आधिकारिक घोषणा की. इससे पहले विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ.
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पीटीआई के मुख्यमंत्री उम्मीदवार परवेज़ इलाही का कहना है कि उनपर जानलेवा हमला हुआ. जबकि पीटीआई के विधायकों पर आरोप है कि उन्होंने उप सभापति दोस्त मोहम्मद मज़ारी का सदन के अंदर घेराव किया.
अख़बार के अनुसार, पीटीआई विधायकों ने दोस्त मोहम्मद मज़ारी के साथ धक्का-मुक्की की और उनके बाल खींचे. बाद में सुरक्षाकर्मियों को सदन के भीतर बुलाना पड़ा.
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