यूक्रेन पर रूस के हमले के चौथे दिन क्या-क्या हुआ जो आपको जानना चाहिए

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यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से यूरोपीय संघ ने यूक्रेन को लेकर ऐतिहासिक क़दम उठाए हैं. यूरोपीय संघ ने घोषणा की है कि वह यूक्रेन को जल्दी ही हथियार मुहैया कराना चाहता है.
यूक्रेन को हथियार मुहैया कराने का यह फ़ैसला अपने आप में काफ़ी अहम है. यह पहला मौक़ा है जब ईयू ने इस तरह का कोई क़दम उठाया है.

यूरोपीय संघ के सख़्त क़दम
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वोन देर लेयेन ने कहा कि यह एक इतिहास बदलने वाला समय है.
इसके साथ ही उन्होंने रूस और बेलारूस को लक्षित करने वाले नए प्रतिबंधों की भी घोषणा की. उन्होंने रूस के लिए यूरोपीय एयर स्पेस को भी प्रतिबंधित करने की घोषणा की.
यूरोपीय संघ ने रूस पर कुछ और नए और पहले से कहीं अधिक सख़्त प्रतिबंध लगाए हैं.
इन घोषणाओं के दौरान लेयेन ने यह भी कहा कि यह पहला मौक़ा है जब ईयू किसी हमले से जूझ रहे देश में हथियारों की ख़रीद और उसकी सप्लाई का ख़र्च उठाएगा.
रूस के सभी विमानों को यूरोप के हवाई क्षेत्र में प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसका मतलब यह हुआ कि अब से रूस के विमान यूरोपीय संघ के क्षेत्र में उतरने, उड़ान भरने के लिए मान्य नहीं होंगे.
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उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध रूस के कुलीन वर्ग के निजी जेट विमानों पर भी लागू रहेगा.
इसके अलावा रूस के सरकारी मीडिया जैसे रशिया-टुडे और स्पूतनिक और उनकी अन्य कंपनियों को लेकर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं.
उन्होंने कहा, "हम एक ऐसा टूल विकसित कर रहे हैं जो यूरोप में ग़लत और आक्रामकता फैलाने वाली ख़बर को बैन कर देगा."
रूस के साथ-साथ बेलारूस पर लगे प्रतिबंधों को और सख़्त करने का फ़ैसला लिया गया है.

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शरणार्थियों के लिए यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने खोले द्वार
यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने यूक्रेन के शरणार्थियों को तुरंत राहत देते हुए शरण देने पर सहमति जताई है. शरण लेने के लिए उन्हें कागज़ात से जुड़ी औपचारिकताएं करने से राहत दी गई है.
जर्मनी के गृहमंत्री ने यह घोषणा करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ के सभी सदस्य देशों ने इस बात पर सर्वसम्मति जताई है कि वे यूक्रेन के शरणार्थियों को तीन साल के लिए शरण देंगे.
ख़ास बात यह है कि इसके लिए शरणार्थियों को पहले आवेदन करने की ज़रूरत नहीं होगी.
यूक्रेन पर हमले के कारण लाखों की संख्या में यूक्रेन के लोग देश छोड़कर पड़ोसी देशों और दूसरे देशों में शरण ले रहे हैं.

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पुतिन का 'न्यूक्लियर अलर्ट'
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी सेना को आदेश दिया है कि वो न्यूक्लियर फ़ोर्सेज़ को स्पेशल अलर्ट पर रखें. रूस की स्ट्रैटेजिक मिसाइल फ़ोर्सेज़ के लिए ये सबसे बड़ा अलर्ट है.
अमेरिका ने इस पर प्रतिक्रिया दी है और इसे 'अस्वीकार्य क़दम' बताया है.
इसके पहले पुतिन ने रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू और सेना के दूसरे शीर्ष अधिकारियों से बात करते हुए कहा कि पश्चिमी देशों ने रूस के साथ 'दोस्ताना बर्ताव नहीं' किया और उन पर 'ग़लत तरह से प्रतिबंध लगा दिए.'
रूस के इस क़दम को नेटो देशों की प्रतिक्रिया के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है.
रूस के राष्ट्रपति पुतिन के इस क़दम को भविष्य की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन बीबीसी के रक्षा संवाददाता गॉर्डन कोरेरा का कहना है कि ये रूस का परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का संकेत देने के बजाए नेटो को चेतावनी देने का एक तरीका लगता है.
पुतिन ने बीते सप्ताह भी चेतावनी दी थी, ''जो भी हमें रोकने की कोशिश करेगा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.''
वहीं, अमेरिका ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की प्रतिनिधि लिंडा थॉमस ग्रीनफ़ील्ड ने 'सीबीएस न्यूज़' से कहा कि यह 'बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा.'

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की बातचीत के लिए तैयार
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको से रविवार दिन में हुई बातचीत के बाद एक बयान जारी किया है.
इस बयान के मुताबिक़, ''हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि यूक्रेन का प्रतिनिधि मंडल रूसी प्रतिनिधि मंडल से बिना किसी शर्त यूक्रेन-बेलारूस सीमा पर प्रिपयात नदी के किनारे मिलेगा.''
''एलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको ने यह ज़िम्मेदारी ली है कि जब यूक्रेन का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए जाएगा, बातचीत करेगा और वापस लौटेगा, तब तक सभी विमान, हेलिकॉप्टर और मिसाइल बेलारूस की सीमा पर रहेंगे.''
ज़ेलेंस्की ने पहले कहा था कि रूसी प्रतिनिधि मंडल से वो बेलारूस में नहीं मिलेंगे क्योंकि रूस ने बेलारूस के कुछ हिस्सों से यूक्रेन पर हमला किया था.
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यूक्रेन खारकीएव से रूसी सेना को बाहर खदेड़ने का दावा किया
उत्तर पूर्वी यूक्रेन के खारकीएव शहर के क्षेत्रीय प्रशासनिक प्रमुख ने बताया कि स्थानीय सेनाओं ने रूस के सैनिकों के ख़िलाफ सड़कों पर जंग लड़ने के बाद शहर पर फिर से पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है.
सोशल मीडिया पर एक संदेश में खारकीएव के गवर्नर ओलेग सिनेगुबोव ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने रूसी सेना को शहर के बाहर खदेड़ दिया है.
इससे पहले रविवार सुबह से ही रूसी सेना के खारकीएव में प्रवेश की ख़बरें आनी शुरू हो गई थीं. साथ ही अलग-अलग स्रोतों से ये भी पता चला था कि रूसी सेना को यूक्रेन की सेना और स्थानीय लड़ाके ज़बर्दस्त टक्कर दे रहे हैं.
खारकीएव यूक्रेन का दूसरा बड़ा शहर है और यहां यूक्रेन की सेना को मिली ये छोटी सी कामयाबी, उसका हौसला बढ़ा सकती है.
लेकिन ये संभव है कि रूस की सेना अधिक बड़ी संख्या में आकर, खारकीएव पर एक बड़ा हमला कर सकती है.

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यूक्रेन की मदद के लिए जर्मनी ने बदली नीति
जर्मनी ने यूक्रेन को लेकर अपनी नीति में बड़े बदलाव किए हैं. जर्मनी यूक्रेन के लिए हथियार भेजेगा. जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शल्ट्स ने इसकी पुष्टि की है.
उन्होंने कहा कि जर्मनी एक हज़ार एंटी-टैंक हथियार और पांच सौ ज़मीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें यूक्रेन को भेजेगा.
जर्मनी, यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा कर चुका है और इसी क्रम में उसने संघर्ष या युद्ध क्षेत्रों में हथियारों के निर्यात पर प्रतिबंध वाली अपनी पुरानी नीति में परिवर्तन किए हैं.
एक के बाद एक देश यूक्रेन को हथियार के लिए मदद करते दिख रहे हैं. ताज़ा नाम ऑस्ट्रेलिया का है जिसने कहा है कि वो रूस के ख़िलाफ़ यूक्रेन को हथियार ख़रीदने के लिए फ़ंड देगा. ऑस्ट्रेलिया ने ये फ़ैसला ऐसे समय में किया है जब जर्मनी ने अपनी नीति को बदलते हुए यूक्रेन को हथियार देने का फ़ैसला किया है.
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