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अमेज़न के संस्थापक जेफ़ बेज़ोस के चलते नीदरलैंड में इन दिनों क्यों मचा है बवाल
अमेज़न के संस्थापक जेफ़ बेज़ोस नीदरलैंड के दौरे पर जाने वाले हैं. बेज़ोस वहां के मुख्य शहर रॉटरडैम भी जाएंगे, जहां वे सुपरयाच (जहाज) से शहर घूमने का लुत्फ़ भी उठाएंगे. लेकिन उनकी इस सैर को लेकर विवाद पैदा हो गया है.
यह विवाद इसलिए पैदा हुआ कि रॉटरडैम सिटी काउंसिल ने शहर के ऐतिहासिक कोनिंग्सहेवन पुल को तोड़ने का फ़ैसला लिया है. इसे इसलिए तोड़ा जा रहा है ताकि जेफ़ बेज़ोस अपने इस जहाज से नदी में दूर तक सैर कर सकें.
रॉटरडैम सिटी काउंसिल के प्रवक्ता ने यह पुल तोड़ने के फ़ैसले की पुष्टि की है और बताया कि इसका पूरा ख़र्च जेफ़ बेज़ोस उठाएंगे.
बेज़ोस की इस सैर के लिए बन रहा यह सुपरयाच अपने आकार में काफ़ी बड़ा है, जिसके चलते वह इस ऐतिहासिक पुल के नीचे से नहीं गुजर सकता. इस आलीशान सुपरयाच की लंबाई 127 मीटर और ऊंचाई 40 मीटर है. इसे नीदरैंड की ओशनको कंपनी बना रही है.
इस फ़ैसले की जानकारी इस हफ़्ते नीदरलैंड की मीडिया ने दी.
ख़बरों में बताया गया कि स्थानीय तौर पर 'डी हेफ़े' नाम से मशहूर इस पुल के बीच वाले हिस्से को अस्थायी तौर पर हटा दिया जाएगा, ताकि 40 मीटर ऊंचा सुपरयाच आगे जा सके.
विवाद क्यों हो रहा?
विवाद का मुख्य कारण स्टील से बने इस कोनिंग्सहेवन पुल का पुराना और ऐतिहासिक होना है. इसे 145 साल पहले 1877 में बनाया गया था. इस पुल को रॉटरडैम की पहचान माना जाता है. साथ ही यह देश के धरोहरों में भी शामिल है.
2014 से 2017 के बीच यातायात रोक कर इस पुल की बड़े पैमाने पर मरम्मत की गई थी. तब अधिकारियों ने कहा था कि इस पुल को तोड़ा नहीं जाएगा.
रॉटरडैम सिटी काउंसिल के फ़ैसले की कई नेता काफ़ी आलोचना कर रहे हैं. स्थानीय नेता स्टीफ़न लेविस ने ट्विटर पर कहा कि हमारे ख़ूबसूरत राष्ट्रीय स्मारक को तोड़ना बहुत बड़ा क़दम है.
न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, सिटी काउंसिल ने बताया है कि इस सुपरयाच के बनाए जाने के चलते कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काफ़ी रोज़गार पैदा हो रहा था, जिसे देखते हुए इस पूरी योजना को मंज़ूरी दी गई. हालांकि सिटी काउंसिल ने वादा किया है कि इस पुल को फिर से पहले जैसा बना दिया जाएगा.
वहीं रॉटरडैम के एक अधिकारी मार्सेल वालरावेन्स ने एक न्यूज़ वेबसाइट से कहा कि इस सुपरयाच को कहीं और बनाना संभव ही नहीं था. उन्होंने दावा किया कि आर्थिक नज़रिए से यह परियोजना काफ़ी अहम है. जहाज बनाने में रॉटरडैम की प्रतिष्ठा का ज़िक्र करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि रॉटरडैम को यूरोप की ''मैरीटाइम कैपिटल'' कहा जाता है.
रॉटरडैम का महत्व
वैसे रॉटरडैम का बंदरगाह पूरे यूरोप में सबसे बड़ा है, जो दुनिया के सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक है. वहीं जहाज बनाने का उद्योग शहर में सबसे बड़ा है.
मार्सेल वालरावेन्स ने एक अख़बार को बताया है कि इस पुल को गर्मी में तोड़े जाने की उम्मीद है. हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई है कि केवल दो हफ़्तों में इसके बीच वाले हिस्से को हटाकर उसे फिर से लगा दिया जाएगा.
इस सुपरयाच के बारे में विस्तृत जानकारी सबसे पहले पिछले साल सामने आई थी. हालांकि उसने यह नहीं बताया था कि यह जहाज किसके लिए बनाया जा रहा है. लेकिन 2021 में जेफ़ बेज़ोस पर प्रकाशित ब्लूमबर्ग की बायोग्राफ़ी में क़रीब-क़रीब पुष्टि कर दी कि इस जहाज को अमेज़न के लिए बनाया जा रहा है.
बोट इंटरनेशनल के अनुसार, Y721 नाम का यह जहाज अपने क़िस्म का दुनिया का सबसे बड़ा जहाज होगा. कहा जा रहा है कि इस जहाज में कई आधुनिक और आलीशान फ़ीचर है. दावा किया जा रहा है कि एक और जहाज यदि साथ आ जाएंगे तो इस पर एक हेलीकॉप्टर लैंड कर सकता है.
फ़ोर्ब्स के अनुमान के अनुसार, जेफ़ बेज़ोस की संपत्ति इस समय 175 अरब डॉलर से अधिक है और वे दुनिया के तीसरे सबसे अमीर आदमी हैं. अमेज़न कंपनी के अलावा वे 'वाशिंगटन पोस्ट' अख़बार और अंतरिक्ष ले जाने वाली कंपनी 'ब्लू ओरिजिन' के भी मालिक हैं.
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