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अमेज़ॉन को लेकर मेक्सिको में एक बड़ा विवाद क्यों छिड़ा?
कइयों के लिए ये पूंजीवाद की असमानताओं की एक आदर्श तस्वीर है.
मेक्सिको के शहर तिजुआना में अमेज़ॉन के विशाल वितरण केंद्र के चारों ओर की ग़रीबी पड़ोस की संपन्नता के एकदम विपरीत है.
इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों का ध्यान इस ओर नहीं गया कि कैसे दुनिया के सबसे अमीर, पृथ्वी के सबसे ग्लोबलाइज्ड व्यवसायों में से एक के क़रीब ही खाने-पीने को तरसने वाले लोग रहते हैं.
ट्विटर पर किसी ने 2.1 करोड़ डॉलर के इस वितरण केंद्र को "मनहूस" बताया, तो किसी ने कहा कि इसका "निष्कर्ष ये है कि पूंजीवाद आख़िर बुरा क्यों है."
एक फ़ोटो जर्नलिस्ट की तस्वीरें हुईं वायरल
फ़ोटो जर्नलिस्ट उमर मार्टिनेज़ द्वारा ली गई हवाई तस्वीरों के बाद छिड़ी बहस वायरल हो गई है.
41 साल के मार्टिनेज़ मेक्सिको की कुआर्टोस्कोरो एजेंसी के लिए काम करते हैं और वे अमेरिका-मैक्सिको की सीमा पर स्थित शहर तिजुआना के रहने वाले हैं.
मार्टिनेज़ ने बीबीसी को बताया, "मैंने अपने शहर में मौजूद बड़ी विसंगति को दिखाने के इरादे से ये तस्वीरें लीं. मुझे खुशी है कि मेरे फ़ोटोग्राफ़्स ने एक बड़ी बहस छेड़ दी है."
उन्होंने कहा कि इसकी तस्वीरें लेना काफ़ी मुश्किल था क्योंकि ये जगह "किनारे पर" और असुरक्षित है. अंत में ड्रोन से दूर से ही शॉट लेना पड़ा.
"यह जगह एक सीवेज नहर के बगल में है. यहां बहुत सारे गैंगस्टर और ड्रग डीलर रहते हैं. इसलिए, ये बहुत असुरक्षित जगह है."
वैश्विक पूंजीवाद
कैलिफ़ॉर्निया विश्वविद्यालय, सांता बारबरा के वैश्विक अध्ययन विभाग में सहायक प्रोफ़ेसर चार्माइन चुआ ने इस बारे में ट्विटर पर लिखा, "नया तिजुआना डीसी (वितरण केंद्र) लोकल बाज़ार की ज़रूरतों के लिए नहीं बना है. यह सीमा पार से आयात होकर आने वाले माल को अलग करने के लिए मेक्सिको के अतिशोषित श्रमिकों को रोज़गार देगा."
चुआ ने कहा कि यह क्षेत्र लॉस एंजिल्स-लॉन्ग बीच के बंदरगाह परिसर के पास है और अमेज़ॉन इसका इस्तेमाल अपने 40 फ़ीसदी व्यापार के लिए करता है.
चूंकि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध तेज़ हो गया है, इसलिए टैरिफ़ के कारण दोनों देशों के बीच का सीधा लेन-देन बहुत महंगा हो गया है. उन्होंने कहा, "तो इसका समाधान क्या है? मेक्सिको".
मेक्सिको में अमेरिका से कम मज़दूरी
अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर लॉजिस्टिक्स पर शोध कर रहे कैलिफ़ोर्निया-इरविन विश्वविद्यालय के शोध छात्र स्पेंसर पोटिकर ने बताया कि अमेरिका की तुलना में मेक्सिको में श्रम की लागत बहुत कम है.
उन्होंने बीबीसी को बताया कि अमेरिका में एक कर्मचारी को कम से कम 15 डॉलर प्रति घंटे का भुगतान किया जाता है, जबकि मेक्सिको में ये 2 से 4 डॉलर के बीच है.
तिजुआना में अमेज़ॉन का वितरण केंद्र "वैश्विक असमानता का प्रतिनिधित्व करता है" और "सीमा के दोनों छोर पर वितरण केंद्रों के विकास की बढ़ती प्रवृत्ति" को भी दिखाता है.
अप्रैल में समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक विशेष रिपोर्ट में बताया गया था कि मेक्सिको सिटी के पास एक अमेज़ॉन के एक वितरण केंद्र के कर्मचारियों को तय समय से अधिक काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था. इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कर्मचारियों को ऐसा न करने पर इस्तीफ़ा देने को मजबूर किया गया या निकाल दिया गया.
अमेरिका में काम करने का माहौल भी विवादों में रहा है. पिछले साल अप्रैल में कंपनी ने स्वीकार किया कि उसके कुछ ड्राइवरों को कम समय में डिलीवरी की मांग पूरी करने के लिए प्लास्टिक के बोतलों में पेशाब करना पड़ा.
वितरण केंद्र से इलाके का होगाविकास
हालांकि सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना को ख़ारिज़ करते हुए तिजुआना के मेयर ने कहा कि गोदाम के बनने से उस इलाके का विकास होगा.
इस बारे में कार्ला रुइज़ मैकफ़ारलैंड ने कहा कि नए निवेश से नई नौकरियां पैदा होंगी और "आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा जिससे वहां रह रहे परिवारों का भला होगा."
वहीं अमेज़ॉन ने बीबीसी को बताया कि कंपनी जिन देशों में काम करती है वहां वो लोगों के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है. कंपनी ने यह भी बताया कि तिजुआना का ये गोदाम मेक्सिको का 11वां गोदाम है.
कंपनी ने कहा, "मेक्सिको आने के बाद से हमने देश में 15,000 से अधिक नौकरियां पैदा की हैं. अब हम तिजुआना में 250 और लोगों को रोज़गार दे रहे हैं. हम सभी कर्मचारियों को बेहतर वेतन और लाभ के साथ रोज़गार के अवसर दे रहे हैं."
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