रूस-यूक्रेन संकट: नेटो ने पूर्वी यूरोप में भेजे और युद्धक पोत, लड़ाकू विमान

रूस-यूक्रेन संकट

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यूक्रेन के मुद्दे पर रूस और पश्चिमी देशों के बीच चल रहा तनाव सोमवार को उस वक़्त और गहरा गया जब नेटो ने पूर्वी यूरोप में अतिरिक्त लड़ाकू विमानों और युद्धक पोतों की तैनाती का एलान कर दिया.

उधर, यूक्रेन पर रूस के हमले की आशंकाओं के बीच आयरलैंड ने भी चेतावनी देते हुए कहा है कि उसके तटीय इलाके में जंग जैसे हालात नहीं पैदा होने दिए जाएंगे.

दूसरी तरफ़, यूक्रेन पर रूसी हमले की सूरत में अमेरिका और यूरोपीय संघ कड़ी जवाबी कार्रवाई के लिए साझा कदम उठाए जाने की संभावनाओं पर गौर कर रहे हैं.

रूस ने अपने पड़ोसी देश यूक्रेन की सीमा पर तकरीबन एक लाख सैनिकों और भारी हथियारों की तैनाती कर रही है. इसे लेकर भारी तनाव की स्थिति है. हालांकि रूस इस बात से इनकार करता है कि उसकी योजना उक्रेन पर हमला करने की है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने अपने राजनयिकों के परिजनों को यूक्रेन की राजधानी कीव छोड़ने का आदेश दिया है. फ्रांस ने अपने नागरिकों से कहा है कि अगर ज़रूरी न हो तो वो यूक्रेन न जाएं.

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अमेरिका और रूस के विदेश मंत्रियों की बैठक

लेकिन जल्द रूसी हमला होने की आशंकाओं के बीच यूक्रेन और यूरोपीय संघ के विदेश नीति मामलों के प्रमुख, दोनों ने ही कहा है कि राजनयिकों को वापस बुलाने की फिलहाल संभावना नहीं है.

शुक्रवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हुई मुलाकात के बारे में बताने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के अपने समकक्षों के साथ मिलने वाले थे. ब्लिंकन और सर्गेई की मुलाकात में दोनों पक्ष मुद्दे का कोई हल निकालने में नाकाम रहे लेकिन इस बात पर सहमति बनी कि बातचीत जारी रखी जाएगी.

रूस ने अगर और फौज भेजी तो अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ मॉस्को पर बड़े पैमाने पर प्रतिबंध लगाने की योजना पर काम कर रहा है.

दूसरी तरफ़, यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने कहा है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वो रूस को कुछ ही दिनों के भीतर 'करारा जवाब' देंगे.

अमेरिका के नेतृत्व वाले नेटो गठबंधन ने कहा है कि उसके सदस्य देश पूर्वी यूरोप की प्रतिरक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए युद्धक पोत और लड़ाकू विमान भेज रहे थे. डेनमार्क, स्पेन और नीदरलैंड ने भी अपने सैनिकों की तैनाती की है.

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नेटो और रूस के बीच आरोप-प्रत्यारोप

नेटो के प्रमुख जेंस स्टॉल्टेनबर्ग ने कहा, "नेटो अपने साथियों की रक्षा के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएगा."

इस पर रूस ने नेटो पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है. उसका कहना है कि नेटो ने रूस समर्थित अलगाववादियों पर यूक्रेनी सैनिकों के हमले का जोखिम बढ़ा दिया है.

यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से अमेरिका का पक्ष सुनेंगे कि उन्होंने रूस को किस तरह का आश्वासन दिया है. रूस ने नेटो के सामने ये मांग रखी है कि वो यूक्रेन को उसमें शामिल होने से रोकेगा और पूर्वी यूरोप से उसके सदस्य देश अपनी सेना वापस बुलाएंगे.

यूरोप की विदेश नीति मामलों के प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा है कि वे कीव से अपने राजनयिकों को वापस बुलाने की फिलहाल उनकी कोई योजना नहीं है.

उन्होंने ये भी कहा कि रूस के साथ बातचीत जारी है और हालात को और नाटकीय बनाने की ज़रूरत नहीं है.

यूरोपीय संघ अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों के साथ इस उम्मीद से रूस के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने की योजना पर काम कर रहा है कि उसकी तरफ़ से किसी सैनिक कार्रवाई की संभावना टल जाए.

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डेनमार्क के विदेश मंत्री का बयान

हालांकि सोमवार को यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के विदेश मंत्री किसी प्रतिबंध को मंज़ूरी नहीं देने वाले हैं लेकिन यूरोपीय संघ के एक स्रोत ने बताया कि यूरोप को रूसी तेल और गैस की आपूर्ति निशाने पर आ सकती है.

डेनमार्क के विदेश मंत्री जेप्पे कोफोड ने कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि हम व्यापक पैमाने पर प्रतिबंधों के साथ प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं. ऐसे प्रतिबंध जो पहले कभी नहीं देखे गए हों."

लेकिन यूरोपीय संघ की भी अपनी समस्याएं हैं. 27 सदस्य देशों के रूस के साथ अलग-अलग रिश्ते हैं और उसे लेकर उनका अपना नज़रिया है. ऐसे में उनके लिए साझा कार्रवाई में सहमति के बिंदुओं पर पहुंचने में मुश्किल आ रही है.

यूरोप का इकोनॉमिक पावरहाउस कहा जाने वाला जर्मनी पहले ही यूक्रेन की आलोचनाओं के केंद्र में रहा है. दरअसल जर्मनी ने यूक्रेन में अपनी फौज भेजने से इनकार कर दिया था और ग्लोबल स्विफ्ट पेमेंट सिस्टम से रूस को अलग करने की मांग पर उसने अपनी हिचकिचाहट दिखाई थी.

हालांकि जर्मनी की विदेश मंत्री अन्नालिना बाएरबॉक ने ये जोर देकर कहा है कि रूस और आक्रामकता दिखाता है तो यूरोप स्पष्ट कदम उठाएगा. साथ ही उन्होंने यूक्रेन को आर्थिक समर्थन देने का भी भरोसा दिलाया है.

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रूस को ब्रिटेन की चेतावनी

यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सूला वोन डेर लेयेन ने कहा है कि ईयू यूक्रेन के लिए 1.2 अरब यूरो की आपातकालीन आर्थिक सहायता पैकेज पर काम कर रहा है. साल 2020 के आख़िर में यूरोपीय संघ से अलग हो जाने वाले ब्रिटेन ने सप्ताहांत पर ये आरोप लगाया कि मॉस्को कीव में रूस समर्थक नेता को सत्ता में लाने की योजना पर काम कर रहा है.

सोमवार को प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रूस को चेतावनी दी कि यूक्रेन पर हमला करने की सूरत में उसे नए चेचेन्या से रूबरू होना पड़ सकता है. नब्बे के दशक में चेचेन्या पर नियंत्रण के लिए रूस को ख़ूनी संघर्ष से गुजरना पड़ा था.

आयरलैंड ने भी अटलांटिक सागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में रूसी सेना के अभ्यास पर सतर्कता भरी प्रतिक्रिया दी है. आयरलैंड नेटो का सदस्य देश नहीं है और रूस जिस जगह पर युद्धाभ्यास करने वाला है वो आयरलैंड के दक्षिण पश्चिमी तट के पास पड़ता है.

यूक्रेन पर रूस के हमले की आशंका ने साल 2014 के उस दौर की यादें ताज़ा कर दी हैं जब मॉस्को ने यूक्रेन से क्रीमिया छीन लिया था.

यूक्रेन पहले से देश के पूर्वी इलाके में रूस समर्थित विद्रोही गुटों से लड़ाई लड़ रहा है. पिछले 8 सालों में 13 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जानें इस जंग में गई हैं.

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