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पाकिस्तान में राष्ट्रपति सिस्टम के पक्ष में बहस तेज़- उर्दू प्रेस रिव्यू
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी हिंदी संवाददाता
पाकिस्तान में पिछले कुछ दिनों से बहस हो रही है कि क्या संसदीय लोकतंत्र की जगह राष्ट्रपति सिस्टम को लागू किया जाना चाहिए. अख़बारों और सोशल मीडिया में चल रही यह बहस शुक्रवार को पाकिस्तानी संसद में भी पहुँच गई.
अख़बार नई बात के अनुसार शुक्रवार को संसद में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई.
मुस्लिम लीग (नवाज़ गुट) के वरिष्ठ नेता अहसान इक़बाल ने कहा कि पता नहीं कौन बार-बार यह बहस छेड़ देता है कि राष्ट्रपति सिस्टम लेकर आना चाहिए. उन्होंने राष्ट्रपति सिस्टम का विरोध करते हुए कहा, "जितना राष्ट्रपति सिस्टम पाकिस्तान ने भुगता है उतना शायद इस क्षेत्र में किसी और देश ने नहीं भुगता है. हम पाकिस्तान के संविधान में, पाकिस्तान के संघीय संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली में किसी तरह का हस्तक्षेप और बदलाव स्वीकार नहीं करेंगे."
अहसान इक़बाल ने कहा कि हर हाल में संसदीय लोकतंत्र की रक्षा की जाएगी.उन्होंने कहा, "पाकिस्तान का हर नागरिक अपने संविधान, अपने संसदीय सिस्टम की सुरक्षा के लिए सीसा पिलाई हुई दीवार बनेगा."
लेकिन सरकार ने विपक्ष के इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा कि सरकार का ऐसा कुछ करने का कोई इरादा नहीं है.
प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के विशेष सहायक शहज़ाद अकबर ने कहा कि सरकार, राष्ट्रपति सिस्टम नहीं लागू करना चाहती है, लेकिन इतना ज़रूर है कि प्रशासन की बेहतरी के लिए बहुत सारे सुधार किए जाएंगे.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि वो संसदीय लोकतंत्र को किसी भी हालत में नुक़सान नहीं पहुंचने देंगे. अख़बार अनुसार मुस्लिम लीग के कुछ नेताओं ने नवाज़ शरीफ़ से लंदन में मुलाक़ात की. इस दौरान नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली ही पाकिस्तान को मुश्किलों से निजात दिला सकता है.
नवाज़ शरीफ़ का कहना था, "मुल्क में ग़रीबी, मंहगाई और बेरोज़गारी ने डेरा डाल रखा है और 'सिलेक्टेड हुकूमत' ने पाकिस्तान को तबाही के मुहाने पर ला खड़ा किया है और अब बादशाहत क़ायम करने के लिए राष्ट्रपति सिस्टम लागू करने की तैयारी चल रही है ताकि अपनी मनमानी करके रही-सही कसर निकाल सकें."
सरकार और विपक्ष के अलावा मीडिया में भी इसको लेकर ख़ूब बहस हो रही है और दोनों सिस्टम के बारे में लोग लिख रहे हैं.
राजनीतिक विश्लेषक मोहम्मद अकरम चौधरी ने अख़बार नवा-ए-वक़्त में एक लेख लिखा है जिसमें उनका दावा है कि राष्ट्रपति सिस्टम का विरोध करने वाले संसदीय लोकतंत्र के पक्ष में कोई ठोस दलील पेश करने में नाकाम रहे हैं.
मोहम्मद अकरम चौधरी लिखते हैं, "जिन्हें संसदीय लोकतंत्र पसंद है वो इस सिस्टम को इस क़ाबिल बना दें कि यह मुल्क और क़ौम की ज़रूरत को पूरा कर सके और लोगों की समस्याओं को हल कर सके. अगर नहीं तो फिर जल्द से जल्द राष्ट्रपति सिस्टम लागू होना चाहिए."
अकरम चौधरी कहते हैं कि पाकिस्तान में संसदीय लोकतंत्र का ढिंढोरा इसलिए पीटा जाता है क्योंकि इसके ख़त्म होने से वंशवाद पर आधारित सियासत के समाप्त होने का ख़तरा रहता है.
लाहौर धमाका मामले में दो लोग गिरफ़्तार
पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख़ रशीद का कहना है कि लाहौर में हुए धमाके मामले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
लाहौर में गरुवार को हुए एक विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे. ये धमाका शहर के लाहौरी गेट इलाक़े के अनारकली बाज़ार की पान मंडी में हुआ था.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार शेख़ रशीद ने कहा कि धमाके में शामिल कथित चरमपंथियों की पहचान कर ली गई है और उनकी मदद करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
शेख़ रशीद ने कहा कि इससे पहले 18 जनवरी को इस्लमाबाद में हुई एक घटना में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी जबकि दो चरमपंथी मारे गए थे. मंत्री के अनुसार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ले ली है और एक ख़ास मक़सद के तहत यह हमले किए जा रहे हैं.
इमरान ख़ान ने 5.37 फ़ीसद विकास दर पर सरकार को दी मुबारकबाद
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने तीन सालों में जीडीपी में 5.37 फ़ीसद विकास दर के लिए अपनी ही सरकार को मुबारकबाद दी है.
शुक्रवार को उन्होंने ट्वीट कर कहा, "तीन सालों में 5.37 फ़ीसद विकास दर हासिल करने के लिए मैं अपनी सरकार को मुबारकबाद पेश करना चाहता हूं. इससे नौकरियां पैदा हुईं हैं और प्रति व्यक्ति आमदनी में भी इज़ाफ़ा हुआ है. ब्लूमबर्ग ने कहा है कि विकास और रोज़गार की तेज़ रफ़्तार जारी रहेगी."
इमरान ख़ान ने इकोनोमिस्ट अख़बार की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के मामले में तीव्रता में कमी के बाद जल्दी आम जनजीवन सामान्य होने वाले 50 देशों की लिस्ट में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर है.
इकोनोमिस्ट की इस रिपोर्ट में भारत आठवें नंबर पर है जबकि अमेरिका 25वें, चीन 33वें और ब्रिटेन 39वें नंबर पर है.
अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तान के वित्त मंत्री शौकत तरीन ने कहा कि पिछले 14 साल में देश में जीडीपी विकास दर दूसरी सबसे अधिक है.
पाकिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री मिफ़्ताह इस्माइल ने कहा कि विकास दर ज़रूर बेहतर हुई है लेकिन यह मज़बूत बुनियादों पर आधारित नहीं है और महंगाई अभी भी आम जनता को मार रही है.
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