अर्दोआन कैसे कर रहे हैं तुर्की को 10 बड़ी आर्थिक ताक़तों में लाने का दावा

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बढ़ती महंगाई और राष्ट्रीय मुद्रा लीरा में ज़बरदस्त गिरावट के बाद तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने देश की आर्थिक नीतियों में कई बदलाव किए हैं.

इन बदलावों को लेकर राष्ट्रपति अर्दोआन ने एक बार फिर अपनी बात रखी है. उन्होंने रविवार को नए आर्थिक कार्यक्रम को लेकर कहा कि यह तुर्की को तेज़ी से दुनिया की शीर्ष 10 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कराएगा.

इस्तांबुल में सत्तारूढ़ एकेपी पार्टी के एक कार्यक्रम में अर्दोआन ने यह बातें कही थीं. इससे पहले उन्होंने कहा था कि नई आर्थिक रास्तों के परिणाम इन गर्मियों तक दिखने लग जाएंगे.

अर्दोआन इन दिनों अपनी अर्थव्यवस्था में कई तरह के प्रयोग कर रहे हैं. पहले उन्होंने बढ़ती महंगाई के दौरान भी ब्याज दरों में कटौती को जारी रखा.

ब्याज दरों में कटौती के कारण तुर्की की मुद्रा लीरा डॉलर के मुक़ाबले औंधे मुँह गिरने लगी. एक साल पहले एक डॉलर के लिए 7.5 लीरा देना होता था, पर अब दोगुना देना पड़ रहा है.

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अर्दोआन का क्या कहना है

तुर्की के राष्ट्रपति ने इससे पहले कहा था कि इस नए तंत्र में जब आर्थिक रूप से संतुलन होगा तो 'हम देखेंगे कि हमारा देश एक बिलकुल अलग आर्थिक माहौल में जा रहा है जो कि गर्मी के महीनों तक दस्तक देगा.'

उन्होंने कहा कि तुर्की ने आर्थिक नीतियों में ऐतिहासिक बदलावों की नई शुरुआत की है जो महंगाई काबू करने के लिए ऊंची ब्याज दरों को बढ़ाने की पारंपरिक समझ को अलग हटाता है.

"उसने एक ऐसी आर्थिक नीति अपनाई है जो देश के निवेश, रोज़गार, उत्पादन, निर्यात और वर्तमान सरप्लस को बढ़ाएगा. तुर्की के पास शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, सुरक्षा से लेक क़ानून और उद्योग से लेकर पर्यटन तक का आधारभूत ढांचा है."

अर्दोआन का दावा है कि ब्याज दरों को कम रखते हुए तुर्की की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी. उन्होंने अपने उस विचार को फिर दोहराया है कि महंगाई सिर्फ़ उच्च ब्या दरों का परिणाम है.

लीरा

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उन्होंने कहा, "ब्याज़ दर अमीर को और अमीर और ग़रीब को और ग़रीब बनाती हैं. हम इस चक्र को तोड़ेंगे ताकि हमारे लोग मुख्य लक्ष्य को हासिल कर सकें."

अर्दोआन ने कहा कि सभी वैश्विक आर्थिक संकटों के दौरान तुर्की बचा रहा और इसके लिए एकेपी सरकार ने बीते 19 सालों में जो मूलभूत ढांचा मुहैया कराया है उसका शुक्रिया अदा किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, "हमें विस्तारपूर्वक बताना चाहिए कि हमारा अंतिम लक्ष्य दुनिया की शीर्ष 10 अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने का है जो कि वास्तविकता बनने के क़रीब है और अब यह कोई ख़्वाब नहीं रह जाएगा."

अर्दोआन ने दोहराते हुए कहा कि एकेपी का लक्ष्य 2023 में तुर्की गणराज्य का शताब्दी वर्ष और 2053 में इस्तांबुल विजयी के 600 वर्ष का जश्न मनाने का है लेकिन विदेशी ताक़तें और उनके सहयोगी उसे कुचलने की कोशिश कर रहे हैं.

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लगातार गिरकर संभलती लीरा

बीते शुक्रवार को तुर्की की मुद्रा लीरा बीते सप्ताह में सबसे अधिक मज़बूत रही लेकिन इसके लिए भी तुर्की की सरकार ही ज़िम्मेदार रही जिसने बाज़ार में अरबों डॉलर की रक़म डाली थी.

साथ ही सरकार ने वादा किया था कि वो चुनिंदा जमा पर नुक़सान को भुगतेगा.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स लिखती है कि ट्रेडर्स की गणना के मुताबिक़ तुर्की के दख़ल देने से उसके केंद्रीय बैंक पर 8 अरब डॉलर का असर पड़ा है.

लीरा के लगातार पांच दिन ऊपर उठने से यह लाभ हुआ कि शुक्रवार को डॉलर के मुक़ाबले वो मध्य नवंबर के दाम 10.7 के स्तर तक पहुंच गई.

बीते सोमवार को लीरा गिरते हुए डॉलर के मुक़ाबले 18.4 पर बंद हुई थी जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट थी जो कि लगातार जारी ब्याज दरों में कटौती का नतीजा था.

वीडियो कैप्शन, जानकार इसके लिए राष्ट्रपति अर्दोआन की नीतियों को ज़िम्मेदार बता रहे हैं.

तुर्की में नवंबर में वार्षिक महंगाई दर 21 फ़ीसदी पहुंच गई थी. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ये अभी और ऊपर जाएगी. अगले नौ महीनों में महंगाई दर 30 फ़ीसदी तक पहुंचने की आशंका है.

महंगाई बढ़ने के बावजूद तुर्की के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कटौती करना जारी रखा.

सामान्य तौर पर होता यह है कि महंगाई बढ़ने पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जाती है.

इसी साल तुर्की के केंद्रीय बैंक में अर्दोआन ने नए गवर्नर की नियुक्ति की थी क्योंकि तत्कालीन गवर्नर ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी थी.

तुर्की के केंद्रीय बैंक ने सितंबर से ब्याज दर में पाँच प्रतिशत पॉइंट्स की कटौती की है जबकि इस दौरान महंगाई दर 21 फ़ीसदी तक रही है.

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अर्दोआन गिरती अर्थव्यवस्था को बता रहे हैं साज़िश

हालांकि इन सब चुनौतियों के बावजूद अर्दोआन का दावा है कि 'अर्थव्यवस्था को नष्ट करने की साज़िशें लक्ष्य से भटकाने के लिए की जा रही हैं.'

उन्होंने कहा, "हमें (हमारे नागरिकों से) कहना चाहिए कि हमारी अर्थव्यवस्था को तबाह करने की साज़िशें हमें अपने लक्ष्य से भटकाने के मक़सद से हैं. हमें बताया जाना चाहिए कि ब्याज दरों को लेकर हालिया खेल और विदेशी मुद्रा (राष्ट्रीय मुद्रा की तुलना में बढ़ना) इस साज़िश का हिस्सा हैं लेकिन हमारे पास उन्हें हराने की पर्याप्त शक्ति और दृढ़ संकल्प है."

अर्दोआन ने कहा कि अगर तुर्की इतनी दूरी तय कर पाया है तो वो एकेपी सरकार की सत्ता के कारण है जो साल 2000 से है और ये सभी लक्ष्य पार्टी द्वारा साल 2023 और 2053 तक लागू किए जा सकते हैं.

अर्दोआन ने कहा कि महान और शक्तिशाली तुर्की के निर्माण से कुछ विदेशी ताक़तें ख़ुश नहीं हैं.

वीडियो कैप्शन, अर्दोआन ने इसराइल से दोस्ती को बताया ज़रूरी

इसके साथ ही उन्होंने मुख्य विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वो एकेपी सरकार के ख़िलाफ़ झूठ फैला रही है.

उन्होंने कहा, "हमें अपने लोगों को इस बात पर राज़ी करना चाहिए कि अगर तुर्की में सत्ता उनको (विपक्षी गठबंधन) दी गई तो बड़ी तबाही आएगी जैसा कि हम इस्तांबुल निकाय चुनावों (2019) में देख चुके हैं."

अर्दोआन ने एकेपी के सभी मोर्चों से साल 2023 के चुनावों के लिए तैयार रहने के लिए कहा क्योंकि विपक्ष भी चुनावों के लिए बहुत ज़ोर-शोर और ऊर्जा से लगा हुआ है.

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