तुर्की के लिए किसे ख़तरा मानते हैं आर्दोआन?
उस्मान कवाला की लगातार क़ैद ने तुर्की को टकराव की राह पर ला खड़ा किया है. 64 साल के उस्मान कवाला पर अब तक कोई भी दोष साबित नहीं हुआ. लेकिन वो पिछले चार सालों से जेल में क़ैद हैं.
उनके बारे में यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स ने कहा है कि मानवाधिकारों के लिए काम करने के चलते उन्हें चुप कराने के लिए गिरफ़्तार किया गया है.
मानवाधिकार संस्थाओं का कहना है कि कवाला का मामला तो राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन के शासन वाले तुर्की की असलियत का केवल एक नमूना है.
रिपोर्ट: ओरला गुएरिन
आवाज़: गुरप्रीत सैनी
एडिट: रुबाइयत बिस्वास
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