राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने तुर्की की गिरती मुद्रा लीरा को संभालने के लिए क्या किया है?

इमेज स्रोत, Getty Images
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने लोगों को बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए सोमवार को कई नई नीतियों की घोषणाएं कीं.
ऐसा माना जा रहा है कि यह नीतियां लोगों को राहत देने के मुक़ाबले देश की राष्ट्रीय मुद्रा लीरा को डॉलर के मुक़ाबले मज़बूत करने के लिए बनाई गई हैं.
पिछले महीने के मुक़ाबले तुर्की की मुद्रा लीरा डॉलर के मुकाबले अपनी एक तिहाई क़ीमत खो चुकी थी.
तुर्की की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलू के अनुसार, राष्ट्रपति अर्दोआन ने राजधानी अंकारा में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद घोषणा की कि तुर्की के किसी भी नागरिक को अपनी बचत को तुर्की की मुद्रा लीरा से विदेशी मुद्रा में स्थानांतरित करने की आवश्यकता नहीं होगी.
उन्होंने कहा कि बढ़ती विनिमय दरों के कारण अपनी बचत को लेकर चिंतित देश के नागरिकों को राहत देने लिए सरकार नए वित्तीय विकल्प पेश कर रही है.
अर्दोआन ने बताया, "विदेशी विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण निर्यात कंपनियों को अपने वर्तमान दामों को बताने में कठिनाइयां हो रही हैं, केंद्रीय बैंक उनको भविष्य की विनिमय दर देगा."
उन्होंने यह भी बताया कि कंपनियों के डिविडेंट भुगतान को भी 10% तक कम कर दिया गया है.
अर्दोआन ने बताया कि व्यक्तिगत पेंशन सिस्टम के सब्सिडी रेट को 5% से बढ़ाकर 30% कर दिया गया है ताकि लोग इसको लेकर आकर्षित हों.

इमेज स्रोत, EPA
लीरा पर क्या पड़ा फ़र्क़
अर्दोआन की इस घोषणा के बाद तुर्की की मुद्रा लीरा पर अच्छा प्रभाव पड़ा और इसने सोमवार को अमेरिकी डॉलर के ख़िलाफ़ मज़बूती दिखाई. यह दिन में सबसे उच्चतम स्तर 18.41 पर रहा, लेकिन शाम को बाज़ार बंद होते समय यह नीचे आकर 16.43 पर बंद हुआ.
यह नए क़दम बढ़ते दामों और बढ़ती विनिमय दरों के बीच उठाए गए हैं.
सरकार का कहना है कि विनिमय दर तुर्की की मज़बूत आर्थिक बुनियाद के उलट हैं और उन्होंने बढ़ते दामों के लिए जमाखोरों और वैश्विक कारणों को ज़िम्मेदार ठहराया.
अर्दोआन ने कहा कि तुर्की के अपनाए गए नए तरीक़ों के लाभ अगले तीन से छह महीनों में दिखाई देने लगेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की नई नीतियां बनाई गई हैं जो विदेशी मुद्रा में निवेश करने जैसे लाभ तुर्की की मुद्रा लीरा में निवेश करने की तरह ही देंगी.
उन्होंने बताया, "निवेशकों को तुर्की की लीरा आधारित संपत्तियों में निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाएगा. ये संपत्तियां सरकारी बिल हैं जिन्हें जारी किया जाएगा और यह सार्वजनिक आर्थिक उद्यम राजस्व हैं जो बजट में ट्रांसफ़र होगा."

इमेज स्रोत, Reuters
'गद्दों के नीचे छिपाई गई बचत'
तुर्की के बैंकों से अपनी संपत्तियों को निकालकर घर में रखने को अर्दोआन ने 'गद्दों के नीचे छिपाई गई बचत' बताया है. उन्होंने कहा है कि यह बैंक में वापस आएंगी.
उन्होंने कहा, "गद्दों के नीचे 280 अरब डॉलर का तक़रीबन पांच टन सोना है. बाज़ार सहभागियों के साथ नए उपाय विकसित किए जाएंगे जो इसे अर्थव्यवस्था में शामिल करेंगे."
अर्दोआन ने कहा कि तुर्की में बढ़ती महंगाई कुछ महीनों में केंद्रीय बैंक के ब्याज दरों में कटौती के कारण कम होगी. उन्होंने अपने मंत्र को दोहराते हुए कहा कि 'ब्याज दर कारण हैं, महंगाई परिणाम है.'
उन्होंने कहा, "तुर्की का न ही कोई इरादा है और न ही कोई ज़रूरत है कि वो मुक्त बाज़ार अर्थव्यवस्था या विदेशी विनिमय शासन से पीछे हटे."

इमेज स्रोत, Reuters
"यह देश उन लोगों के लिए स्वर्ग नहीं रहेगा जो उच्च ब्याज दर से अधिक लाभ कमाते हैं और न ही आयात के लिए स्वर्ग होगा."
साथ ही उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि वो ऐसे किसी भी क़दम की अनुमति नहीं देंगे जो निवेश, रोज़गार, उत्पादन या निर्यात को कम करेगा.
अर्दोआन ने कहा, "तुर्की वो देश नहीं बनेगा जो अपनी अर्थव्यव्स्था और राजनीति को आईएमएफ़ के कार्यक्रमों के ज़रिए गिरवी रख देगा."
अर्दोआन ने उन सभी निवेशकों से अपील की जिनके पास पैसा है और जो तुर्की में उत्पादन करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, "अब वास्तव में यहां आने का समय है जब तुर्की अर्थव्यवस्था की सीढ़ी में ऊपर चढ़ रहा है."
(कॉपी: मोहम्मद शाहिद)
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














