'22 साल से अमेरिका में हूं, ऐसी भीषण बारिश नहीं देखी'- तूफ़ान और बारिश की आंखों देखी

अमेरिका में बारिश

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    • Author, सलीम रिज़वी
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, न्यूयार्क से

अमेरिका में पिछले हफ़्ते आए आईडा तूफ़ान और भीषण बारिश से न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी के कई इलाक़ों में काफ़ी नुकसान हुआ है.

अब तक न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में तूफ़ानी बारिश और बाढ़ से कम से कम 40 लोगों की मौत हुई है.

न्यूयॉर्क में 13 लोगों के मौत हुई है जबकि न्यूजर्सी में 27 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है, वहीं चार लोग अब भी लापता हैं.

न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं. इन लोगों को काफ़ी नुकसान उठाना पड़ा है.

अमेरिका में बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति

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गाड़ियों के साथ लोग बह गए

पिछले हफ़्ते बुधवार को रात क़रीब आठ बजे से आईडा तूफ़ान के असर से भीषण बारिश शुरू हुई उससे न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में क़रीब दो घंटे के अंदर बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी. कई जगहों पर चार से छह फ़ीट के आसपास पानी भर गया.

पानी का बहाव इतना तेज़ था कि गाड़ियों के साथ साथ लोग उसमें बह गए. पुलिस और बचाव दल ने कई शहरों में बाढ़ के पानी के तेज़ बहाव में डूब रहे लोगों की जान बचाई. लेकिन कई लोग बाढ़ की चपेट में आ गए और डूबने से उनकी मौत हो गई.

न्यूजर्सी में वुडब्रिज पुलिस के अनुसार आइस्लिन में रहने वाली भारतीय मूल की 56 वर्षीय सुनंदा उपाध्याय गिल लेन पर पैदल चलते हुए बाढ़ के पानी में डूब गईं. बुधवार को देर रात तक जब सुनंदा उपाध्याय अपने काम से घर नहीं लौटीं तो उनके पति ने उनके लापता होने के बारे में पुलिस को सूचित किया था.

पुलिस का कहना है कि सुनंदा उपाध्याय ने बाढ़ में फंसी अपनी गाड़ी छोड़ कर पैदल ही घर की ओर जाने की कोशिश की जिससे तेज़ बहाव वाले पानी में वह डूब गईं.

अमेरिका में बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति

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पुलिस और बचाव दल ने जब बाढ़ ग्रस्त इलाक़े में खोज की तो सुबह क़रीब साढ़े छह बजे आइस्लिन के कूपर एवेन्यू पार्क के क़रीब सुनंदा उपाध्याय का शव मिला.

इसी तरह इडिसन में रहने वाले भारतीय मूल के 31 वर्षीय धनुष रेड्डी भी साउथ प्लेनफ़ील्ड के इलाके में बाढ़ के तेज़ बहाव वाले पानी में बह गए और कई मील दूर पिसकैटवे में पुलिस को दूसरे दिन उनकी लाश मिली.

धनुष रेड्डी और उनके साथी पानी से घिरी कार से निकल कर पैदल चलने की कोशिश में ही बाढ़ की चपेट में आ गए थे. उनके साथी को तो पुलिस ने बाढ़ से बचा लिया था. भारतीय मूल के अब तक तीन लोग लापता भी बताए जा रहे हैं.

बचाव दल अब भी दो लापता भारतीय मूल के नौजवानों को ढूंढ़ने में लगे हैं. पसेयिक में 18 साल की निधि राणा और 21 साल की आयूष राणा को आख़िरी बार बुधवार की शाम देखा गया था जब उनकी कार बाढ़ में फंस गई थी और तेज़ बहाव में बह गई.

पसेयिक के मेयर हेक्टर लोरा ने एक बयान में कहा कि एक दर्जन खोजी बोट्स और प्रांतीय पुलिस के हवाई दस्तों के साथ अब भी उन दोंनों की खोज़ जारी है.

बाढ़ में गुमशुदा

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गुमशुदा की तलाश

राणा परिवार की ओर से पोस्टर जारी किया गया है और सोशल मीडिया पर भी लोगों से अपील की जा रही है कि वह उनके बारे में पता चलने पर सूचित करें. फ़्लाइर में दोनों की फ़ोटो और जानकारी देने के लिए फ़ोन नंबर भी लिखा हुआ है.

इसी तरह 46 वर्षीय भारतीय मूल की माल्थी कांची भी आख़िरी बार हाइवे 22 पर चिमनी रॉक रोड के पास बाढ़ में फंस गई थीं और उसके बाद उनका कुछ पता नहीं चल रहा. उनके परिवार ने भी आम लोगों से अपील की है कि वह माल्थी कांची को ढूंढने में मदद करें.

न्यूजर्सी के गवर्नर फ़िल मर्फ़ी ने कहा है कि प्रांत में होने वाली भीषण बारिश और बाढ़ के कारण अब तक 27 लोग मारे गए हैं और चार लोग अब भी लापता हैं.

गवर्नर मर्फ़ी ने कहा, "कई इलाकों में दो या तीन घंटों में इतनी बारिश हो गई कि जो आम तौर पर महीने या दो महीने में होती है."

अमेरिका में बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति

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मौसम विभाग ने आगाह किया था

मौसम विभाग ने पहले ही आगाह कर दिया था, लेकिन लोगों को इतनी जल्दी इतनी भीषण बारिश की उम्मीद नहीं थी.

एडिसन में भारतीय मूल की योशिता बेन बताती हैं कि वह अपने पति के साथ ग्रोसरी स्टोर गई थीं लेकिन कार कई फुट पानी में फंस गई और मजबूरन उन्हें कार छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा. उनकी कार बेकार हो गई और अब वह नई कार ख़रीदने के इंतज़ार में हैं.

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नुक़सान

बारिश और बाढ़ से जानी नुकसान के साथ-साथ बहुत से लोगों का हज़ारों डॉलर का माली नुकसान भी हुआ है. सैकड़ों घरों, दुकानों, व्यापारिक संस्थान और दफ़्तरों में भी कई फ़ुट पानी भर गया और निचली सतह पर रखा सारा सामान भी बर्बाद हो गया.

भारतीय अमरीकी जयेश मेहता का न्यूजर्सी के मैनवील इलाक़े में एक बैंक्वेट हॉल का बिज़नेस है. आइडा तूफ़ान के दौरान भीषण बारिश के कारण आई बाढ़ से उनके बैंक्वेट हाल की इमारत में पहले तो पानी भर गया और फिर आग लग गई.

अपने नुकसान के बारे में जयेश मेहता कहते हैं, "अभी तो जांच जारी है कि आग कैसे लगी. लगता है गैस, इलेक्ट्रिक और पानी के मिलने से आग लग गई. अग्निशमन सेवा के लोगों को भी बाढ़ के कारण आने में देरी हुई. मेरा सारा सामान जलकर राख हो गया. एक चम्म्च तक नहीं साबूत बचा है."

सैफ़्रन नामक बैंक्वेट हॉल के मालिक जयेश मेहता ने यह भी बताया, "हमारा तो बहुत बड़ा नुकसान हुआ है. कोविड के बाद हमारा बैंक्वेट का बिज़नेस पिक अप पकड़ रहा था, तो अब सब कुछ चौपट हो गया. कोविड के बाद हालात बेहतर होने के कारण शादियों आदि के लिए बैंक्वेट हॉल में भारी बुकिंग जारी थी. बहुत से लोगों ने एडवांस बुकिंग भी करवाई थी. अब जिन्होंने एडवांस बुकिंग करवाई हुई थी, वह अपने पैसे वापस मांग रहे हैं. सरकारी मदद कब मिलेगी मुझे नहीं मालूम. अभी तक हमें किसी भी सरकारी अधिकारी से एक फ़ोन तक नहीं आया है

इसी तरह रोशेल पार्क इलाके में भारतीय मूल के डॉनी बरोट की बिल्डिंग में बारिश का कई फ़ुट पानी भर गया और उनको भी भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. उनकी बिल्डिंग में कई कंपनियों के दफ़्तर भी हैं. वह कहते हैं कि भीषण बारिश से बिल्डिंग के निचले स्तर में पानी भर गया था.

डॉनी बरोट बताते हैं, "बारिश जब थमी तो मैं अपनी प्रापर्टी देखने गया. मेरी बिल्डिंग में निचले स्तर पर लॉबी एरिया और बेसमेंट में रखा सारा सामान कई फ़ुट पानी में डूबा हुआ था. मैं पिछले कई दिनों से पंप लगाकर पानी निकाल रहा हूं. मेरी कार भी पानी से ख़राब हो गई है. मेरा क़रीब 10 लाख डॉलर का नुकसान हुआ है."

अमेरिका में बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति

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"22 सालों में ऐसी बारिश नहीं देखी"

एडिसन के बाशिंदे भारतीय मूल के भावेश दवे कंस्ट्रक्शन का कारोबार करते हैं. उनका घर और उसके आसपास उनकी अन्य प्रापर्टी में कई फ़ीट पानी भर गया था और उनको बहुत सा सामान फेंकना पड़ा.

भावेश दवे कहते हैं, "मैं 22 साल से यहां रह रहा हूं और मैंने आजतक ऐसी भीषण बारिश नहीं देखी. पानी इतनी तेज़ी से बढ़ रहा था कि हम लोग जल्दी-जल्दी ईपर के माले में भागे और जो सामान बचा सकते थे वह हटाने लगे. लेकिन बहुत सा सामान तबाह हो गया. मेरा पूरा स्टोरेज तबाह हो गया उसमें रखा सामान ख़राब हो गया."

भावेश दवे के मुताबिक कई दरवाज़े और खिड़कियां तो बदलवाई हैं, लेकिन अब भी बहुत काम होना बाक़ी है. एक स्टोरेज की तो पूरी छत भी पानी से ख़राब हो गई. वह कहते हैं कि उनका कई हज़ार डॉलर का नुकसान हुआ है.'

इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को न्यूजर्सी और न्यूयॉर्क के कुछ बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा किया है. उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को फ़ौरन राहत पहुंचाए जाने का आश्वासन दिया और कहा कि सबको राहत मिलेगी.

जलवायु परिवर्तन

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जलवायु परिवर्तन

इस मौके पर राष्ट्रपति बाइडन ने जलवायु परिवर्तन पर काम करने के लिए भी अपनी प्रतिबद्वता जताई. उन्होंने कहा, "तापमान का बढ़ना या ग्लोबल वॉर्मिंग एक सच्चाई है और हम उसे जी रहे हैं. अब हमें जलवायु परिवर्तन के बारे में कुछ करना है."

न्यूयॉर्क के क्वींस इलाक़े में भी बाढ़ से भारी तबाही हुई है. क्वींस में कई इमारतों के बेसमेंट वाले घरों में बाढ़ का पानी भर गया. न्यूयॉर्क के क्वींस बरो प्रेसिडेंट डोनोवन रिचर्ड्स ने प्रांतीय और संघीय सरकारों से बाढ़ पीड़ितों के लिए फ़ौरन मदद की गुहार लगाई है.

अमरीकी सरकार ने न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी के बाढ़ पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद दिए जाने की घोषणा की है. कई लोगों को अब तक मदद मिली भी है, लेकिन बहुत से अब भी ऐसे हैं जो मदद के इंतज़ार में हैं.

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