अफ़ग़ानिस्तान: काबुल एयरपोर्ट के पास भारतीयों के साथ क्या हुआ, अब तक हमें क्या-क्या पता है?

एयरपोर्ट के पास मौजूद भारतीय

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    • Author, रविंदर सिंह रॉबिन
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

भारत का विदेश मंत्रालय अफ़ग़ानिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने की कोशिश कर रहा है. जो लोग निकाल कर लाए जा रहे हैं उनमें अफ़ग़ान हिंदू और सिख भी हैं.

विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी से कहा, "हम भारतीयों को काबुल से निकालने की कोशिश कर रहे हैं." काबुल एयरपोर्ट अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा में है और बाहर तालिबान के लड़ाके तैनात हैं.

वहां मौजूद लोगों का कहना है कि हज़ारों की तादाद में लोग एयरपोर्ट में दाख़िल होने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन अंदर नहीं पहुंच पा रहे हैं.भारत भी अपने नागरिकों को एयरपोर्ट पहुंचाने की कोशिश कर रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान एयरपोट

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'कोई अधिकारी मौजूद नहीं'

एयरपोर्ट के पास मौजूद भारतीय नागरिकों के दल में शामिल एक व्यक्ति ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया, "हमें दो दिनों से एयरपोर्ट लाने की कोशिश की जा रही है."

उन्होंने आगे बताया," भारत का कोई अधिकारी यहां मौजूद नहीं है. हमें कॉन्ट्रैक्टरों के ज़रिए लाया जा रहा है."

इस दल में शामिल एक अन्य व्यक्ति ने बताया, "बीते दो दिनों से हमें एयरपोर्ट के पास वेडिंग हॉल में रखा गया था."भारतीय नागरिकों के दल के साथ अफ़ग़ान हिंदू और सिख भी हैं. दस बसों में सवार इन लोगों के काफ़िले के समन्वयक का दावा है कि शनिवार सुबह तालिबान उन्हें अपने साथ ले गए थे.

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इस दल के समन्वयक और भारतीय नागरिक ज़ुहैब ने बीबीसी को बताया, "तालिबान के दो-दो लोग हमारी बसों में सवार हो गए और बसों को अपने साथ ले गए. उन्होंने अफ़ग़ान हिंदुओं और सिखों को भारतीय नागरिकों से अलग किया. कुछ सिख और हिंदू डर की वजह से गुरुद्वारे चले गए."ज़ुहैब ने बताया कि तालिबान ने भारतीयों के दस्तावेजों की जांच की और फिर उन्हें एयरपोर्ट के पास ही एक फैक्ट्री में भेज दिया गया जहां ये लोग कंटेनरों में बैठे हैं. उनके मुताबिक जल्द ही इन्हें एयरपोर्ट भेज दिया जाएगा.ज़ुहैब ने ये भी बताया कि तालिबान ने भारतीय दल के लोगों से पूछताछ की और कुछ के मोबाइल फ़ोन भी तोड़ दिए हैं.

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अफ़़गान सिख अनारकली कौर ने बीबीसी को बताया कि भारतीय और अफ़ग़ान नागरिक रात दस बजे से ही एयरपोर्ट के पास बसों में बैठे थे.उनके मुताबिक "जाहिद नाम के एक भारतीय का मोबाइल तालिबान ने ले लिया और उनके बारे में अब कोई ख़बर नहीं मिल पा रही है."

अरिंदम बागची

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विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

वहीं भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बीबीसी से कहा है कि अभी वो इस घटनाक्रम की पुष्टि नहीं कर सकते हैं.अफ़ग़ान मीडिया में भारतीयों को अग़वा किए जाने की अपुष्ट ख़बर भी चली थी.

लेकिन तालिबान के प्रवक्ता ने स्थानीय मीडिया को दिए बयान में इसका खंडन किया है.काबुल में तालिबान प्रवक्ता अमानुल्ला वासिक ने एक बयान में कहा, "भारतीयों को अग़वा नहीं किया गया है, उन्हें एयरपोर्ट पहुंचाया जा रहा है."

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