कोरोना के डेल्टा वेरिएंट ने कई देशों में मचाई खलबली, ऑस्ट्रेलिया, रूस और बांग्लादेश में नई पाबंदियाँ

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भारत में धीरे-धीरे कई शहरों के अनलॉक होने की प्रक्रिया शुरू हो रही है. दिल्ली में सोमवार से जिम, योगा सेंटर और बैंक्वेट हॉल खोलने की सशर्त इज़ाज़त मिल गई है. हरियाणा सरकार ने भी कुछ पाबांदियों के साथ अपने लोगों को सोमवार से थोड़ी राहत देने का ऐलान किया.
जानकार भारत में तीसरी लहर आने की चेतावनी देते हुए मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिग का पालन करने की सलाह दे रहे हैं.
इस बीच दुनिया के कई ऐसे देश हैं, जहाँ डेल्टा वेरिंएट के चलते कोरोना संक्रमण के मामलों में तेज़ी देखने को मिल रही है.
ऑस्ट्रेलिया
सबसे ताज़ा उदाहरण ऑस्ट्रेलिया का है. सिडनी शहर में एक साथ डेल्टा वेरिएंट से जुड़े अब तक 128 मामले सामने आ चुके हैं. बढ़ते संक्रमण के मामलों को देखते हुए सिडनी में 9 जुलाई तक लॉकडाउन लगा दिया गया है.
इसके अलावा क्वींसलैंड और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक साथ नए पॉज़िटिव मामले देखने को मिले हैं. कई महीने में ये पहला मौक़ा है, जब एक साथ कई शहरों में संक्रमित लोगों की मामले बढ़े हों.
नए ख़तरे को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने आपातकालीन बैठक बुलाई है. चार राज्यों ने अपने बॉर्डर सील कर पाबंदियाँ लगानी शुरू कर दी है. सिडनी और डार्विन शहर में लॉकडाउन लगा दिया गया है. नए आदेशों के बाद तक़रीबन 50 लाख लोग एक बार फिर अपने घरों में रहने को मजबूर हैं.
जॉन हॉप्किंस के कोरोना डैशबोर्ड के आँकड़ों के मुताबिक़ बीते एक सप्ताह में ऑस्ट्रेलिया में कोरोना संक्रमण के 173 पॉज़िटिव मामले सामने आए हैं, जो पिछले 10 महीने में सबसे ज़्यादा हैं. इससे पहले पिछले साल 23 अगस्त और 29 अगस्त के बीच 135 मामले रिपोर्ट किए गए थे.
इस साल फरवरी के बाद से हर रोज़ मिलने वाले मामलों की औसत संख्या 10 पर सिमट आई थी. लेकिन अब रोज़ाना 30-40 मामले सामने आ रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया में लगभग 4.7 फ़ीसदी आबादी को टीके की दोनों डोज़ लग चुकी है.

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रूस
रूस में न सिर्फ़ संक्रमण के मामलों में तेज़ी देखने को मिली है, बल्कि मौतें भी अब ज़्यादा हो रही है. 20 जून से 26 जून वाले सप्ताह में कोरोना संक्रमण से 3800 से ज़्यादा मौतें दर्ज की गई है.
एक सप्ताह में इससे ज़्यादा मौतें इससे पहले नहीं दर्ज की गई हैं. इस दौरान लगभग 1.32 लाख नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं. इस साल जनवरी के बाद रूस में नए मामलों में लगातार कमी देखी जा रही थी.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ ज़्यादातर मामले डेल्टा वेरिएंट से जुड़े बताए जा रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, रूस समेत अब इस वेरिएंट का ख़तरा दुनिया के 85 देशों में धीरे धीरे बढ़ रहा है.
इस बीच ख़बर ये भी है कि टीके की कमी की वजह से टीकाकरण की रफ़्तार भी धीमी पड़ गई है. रूस में अब तक 11.52 प्रतिशत आबादी को टीके की दोनों डोज़ लग चुकी है.
मॉस्को समेत कुछ इलाक़ों में पाबंदियां लगाई जा रही हैं. यहाँ लोगों पर टीका लगवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. लेकिन यूरो 2020 के लिए फुटबॉल फैन्स की मेज़बानी कर रहे सेंट पीटर्सबर्ग में अभी तक कड़े क़दम नहीं उठाए जा रहे.

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बांग्लादेश
भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी कोरोना का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है. 27 जून को यहाँ 119 लोगों की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हुई.
जॉन हॉप्किंस के कोरोना डैशबोर्ड के मुताबिक़ एक दिन में इससे पहले इतनी मौतें बांग्लादेश में पहले कभी नहीं हुई थी.
बढ़ते मामलों को देखते हुए बांग्लादेश में सोमवार से तीन दिन के लॉकडाउन (सीमित पाबंदियों के साथ) की घोषणा की गई है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद हैं और सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में सीमित संख्या में कर्मचारियों को बुलाने की इजाज़त दी गई है.
मॉल और मार्केट बंद हैं. खाने-पीने के ज़रूरी सामान की दुकानों को केवल सुबह 8 बजे से रात के 8 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है.
थाईलैंड और इंडोनेशिया
बांग्लादेश जैसी ही हालत थाईलैंड की भी है. वहाँ भी जून के महीने में अब तक 881 लोगों की मौत हो चुकी है. हालाँकि थाईलैंड में मामले मई महीने से ही बढ़ना शुरू हो गए थे, जो अब तक थमने का नाम नहीं ले रहे. अब भी रोज़ाना 3- 4 हज़ार नए मामले सामने आ रहे हैं.
इंडोनेशिया की हालात भी बेहतर नहीं हैं. 20 जून वाले सप्ताह में इंडोनेशिया में तक़रीबन 2 हज़ार से ज़्यादा लोगों की कोरोना संक्रमण की वजह से जान गई. जनवरी के बाद ये अब तक का सबसे बड़ा आँकड़ा है. हर हफ़्ते यहाँ तकरीबन एक लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं.

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ब्रिटेन
डेल्टा वेरिएंट के बढ़ते मामलों की वजह से ब्रिटेन सरकार ने लोगों पर लगी पाबंदियाँ अब 19 जुलाई तक बढ़ा दी है. पहले 21 जून से पाबांदियों में ढिलाई देने की बात की जा रही थी.
ब्रिटेन में रविवार को कोरोना के तकरीबन 14 हज़ार नए मामले सामने आए हैं. ब्रिटेन में पिछले साल दिसंबर से टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई थी. जिसके बाद जनवरी से लगातार मामलों में कमी देखने को मिली. लेकिन डेल्टा वेरिएंट के मिलने के बाद से वहाँ रोज़ाना सामने आने वाले नए कोरोना मामलों में लगातार तेज़ी देखने को मिल रही है.
इसराइल
डेल्टा वेरिएंट की वजह से बढ़ते संक्रमण की रफ़्तार को रोकने के लिए सोमवार को इसराइल के प्रधानमंत्री ने 12 से 18 साल के बच्चों और उनके अभिभावकों से 9 जुलाई तक वैक्सीन की पहली डोज़ लगवाने की अपील भी की. 9 जुलाई के तीन हफ़्ते बाद इसराइल में इस उम्र के लिए वैक्सीन की दूसरी डोज़ लगने की शुरुआत होगी.
इसराइल का दावा है कि 56 फ़ीसदी आबादी को कोरोना टीके की दोनों डोज़ लग चुकी है. आउट डोर जगहों पर मास्क से छुट्टी की घोषणा वहाँ अप्रैल महीने में कर दी गई थी.
इनडोर ऑफ़िस और दूसरी जगहों पर मास्क पहनने की अनिवार्यता 15 जून को ख़त्म कर दी गई थी. लेकिन हाल में किसी-किसी दिन 100 से ज़्यादा मामले आने की वजह से इसराइल में दोबोरा इनडोर सेटअप में मास्क पहनने को अनिवार्य कर दिया गया है.
कॉपी : सरोज सिंह
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