इमरान ख़ान कुलभूषण जाधव के वकील निकले: बिलावल भुट्टो - पाकिस्तान उर्दू प्रेस

- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते बजट और कुलभूषण जाधव से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में थीं.
पाकिस्तान के वित्त मंत्री शौकत तरीन ने शुक्रवार को 8487 अरब पाकिस्तानी रुपए का बजट संसद में पेश किया. इमरान ख़ान के नेतृत्व वाली सरकार का यह तीसरा वार्षिक बजट था.
बजट में रक्षा के लिए 1370 अरब रुपए का प्रावधान है जो कि पिछले साल की तुलना में 6.2 प्रतिशत अधिक है.
लेकिन इस बार का रक्षा बजट कुल बजट का 16 फ़ीसद है जो कि पिछले साल की तुलना में दो फ़ीसद कम है.

इमेज स्रोत, Getty Images
विपक्षी पार्टियों ने जहां विपक्ष को जनविरोधी क़रार दिया है वहीं सरकार ने इसे आर्थिक विकास में इज़ाफ़ा करने वाला बजट क़रार दिया है.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री फ़व्वाद चौधरी ने कहा कि समाज के हर हिस्से के लोगों ने बजट की सराहना की है.
विपक्ष पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष का रवैया बहुत ही ग़ैर-ज़िम्मेदाराना है क्योंकि उन्होंने तो अभी पूरा बजट पढ़ा भी नहीं होगा.
विपक्ष कर रहा बजट की आलोचना

इमेज स्रोत, Getty Images
अख़बार दुनिया के अनुसार सदन में नेता प्रतिपक्ष शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि सरकार ने जाली आंकड़े दिए हैं जबकि एक दूसरी विपक्षी पार्टी पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने कहा कि वो मिलकर इस बजट का विरोध करेंगे.
बिलावल भुट्टो ने कहा कि वित्त मंत्री सदन में जो बातें कह रहे थे उससे ऐसा लग रहा था कि वो किसी और देश के बजट और अर्थव्यवस्था के बारे में बात कर रहे थे.
पाकिस्तान जमीयत-उलेमा-इस्लाम के अध्यक्ष मौलाना फ़ज़लुर्रहमान ने कहा कि इस बजट को आईएमएफ़ ने बनाया है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार लाहौर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मौलाना ने कहा, "जब तक देश में आईएमएफ़ की नीतियां चलती रहेंगी, अर्थव्यवस्था में तेज़ी नहीं आ सकती. आईएमएफ़ की शर्तों पर पास होने वाले बजट से ग़रीब जनता को कोई फ़ायदा नहीं होगा."
अख़बार जंग के अनुसार प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का कहना है कि बजट के संबंध में आईएमएफ़ को उन्होंने अपनी शर्तों पर मना लिया.
लेकिन बजट पर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दावों के अलावा एक बात जो सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रही वो थी बजट पेश करने के दौरान सदन में हुआ शोर-शराबा.
अख़बार जंग के अनुसार सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के सांसद अब्दुल मजीद नियाज़ी ने बजट पेश किए जाने के दौरान बिलावल भुट्टो पर भद्दे जुमले कसे.
अख़बार के अनुसार उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वो बिलावल भुट्टो पर भद्दे जुमले कसते हुए देखे जा सकते हैं. अख़बार के अनुसार इससे भी ज़्यादा अफ़सोस की बात यह थी कि उनके बग़ल और पीछे बैठे सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद और मंत्री समेत कई लोग उनको रोकने के बजाए हँस रहे थे.
कुलभूषण जाधव को अपील करने का हक़ मिल गया

इमेज स्रोत, AFP
पाकिस्तान में इमरान ख़ान की सरकार ने इतिहास बनाते हुए एक ही दिन में संसद से 21 बिल पास करवा लिया. हालांकि इस दौरान विपक्ष ने ख़ूब हंगामा किया और स्पीकर के डायस का घेराव भी किया.
गुरुवार को पास किए गए 21 बिल में एक बिल का संबंध पाकिस्तानी जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव से है.
कुलभूषण जाधव को सैन्य अदालत के फ़ैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का अधिकार मिल गया है.
कुलभूषण जाधव के बारे में पाकिस्तान का दावा है कि वो भारतीय नौसेना के मौजूदा अधिकारी हैं जिन्हें 2016 में पाकिस्तान के बलूचिस्तान से गिरफ़्तार किया गया था.
भारत का कहना है कि कुलभूषण जाधव एक सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और वो अपने बिज़नेस के सिलसिले में ईरान गए थे और पाकिस्तान-ईरान सीमा पर उनको अग़वा किया गया था.
पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में कुलभूषण जाधव को जासूसी और दहशतगर्दी के आरोप में दोषी क़रार देते हुए मौत की सज़ा सुनाई थी.

इमेज स्रोत, PAKISTAN FOREIGN OFFICE
इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ भारत ने मई 2017 में अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) का दरवाज़ा खटखटाया था और माँग की थी कि कुलभूषण जाधव की सज़ा ख़त्म की जाए और उनकी रिहाई के आदेश दिए जाएं.
आईसीजे ने सुनवाई के बाद 2019 में अपना फ़ैसला सुनाया. उसने भारत की इस माँग को ठुकरा दिया था लेकिन पाकिस्तान को आदेश दिया था कि वो जाधव को काउंसुलर ऐक्सेस दे और उनकी सज़ा पर पुनर्विचार करे.
अदालत ने ये भी कहा था कि जब तक पुनर्विचार याचिका पर फ़ैसला नहीं आ जाता कुलभूषण जाधव को फाँसी न दी जाए.
विपक्ष का इमरान ख़ान पर हमला

इमेज स्रोत, Getty Images
पाकिस्तान की सरकार ने इसी साल अप्रैल में कुलभूषण जाधव को हाईकोर्ट में अपील करने के लिए एक अध्यादेश लाया था. गुरुवार को उसी बिल को संसद से पास कराया गया है.
अख़बार दुनिया के अनुसार बिलावल भुट्टो ने इमरान ख़ान पर हमला करते हुए कहा, "हम जिसे कश्मीर का वकील समझ रहे थे, वो तो कुलभूषण जाधव के वकील निकले."
लेकिन बिल का बचाव करते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि वो तो अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) के फ़ैसले पर अमल कर रहे हैं.
उनका कहना था, "भारत भी यही चाहता है कि पाकिस्तान आईसीजे के फ़ैसले पर अमल ना करे और यहां विपक्ष भी यही चाहता है. अफ़सोस कि विपक्ष भारत की ज़ुबान बोल रहा है."
केंद्रीय क़ानून मंत्री फ़रोग़ नसीम ने कहा कि अगर यह बिल नहीं लाया जाता तो भारत आईसीजे में अवमानना की नोटिस दे सकता था और वो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी जा सकता था.
क़ानून मंत्री के अनुसार यह बिल लाकर उन्होंने भारत के नापाक इरादों को मिट्टी में मिला दिया है.
अमेरिका के इतिहास में पहली बार एक मुसलमान फ़ेडरल जज

इमेज स्रोत, Getty Images
पाकिस्तानी मूल के ज़ाहिद क़ुरैशी को अमेरिका में फ़ेडरल जज बनाया गया है. अख़बार जंग के अनुसार अमेरिका के इतिहास में फ़ेडरल जज बनने वाले वो पहले मुसलमान हैं और साथ ही में एशियाई मूल के भी पहले व्यक्ति हैं जो अमेरिकी अदालत में इस कुर्सी पर बैठेंगे.
अमेरिका के ऊपरी सदन सिनेट ने गुरुवार को उनकी तैनाती पर अपनी मुहर लगा दी. सिनेट में वोटिंग के दौरान उन्हें 81 वोट मिले जबकि 16 वोट उनके ख़िलाफ़ गए थे. वो न्यू जर्सी की अदालत में फ़ेडरल जज की ज़िम्मेदारी निभाएंगे.
ज़ाहिद कुरैशी उन 11 लोगों में से एक हैं जिन्हें राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस साल के शुरू में जज के लिए नामांकित किया था.
न्यू जर्सी के सिनेटर बॉब मेनेन्डेज़ ने ज़ाहिद क़ुरैशी की तारीफ़ करते हुए कहा, "हम सभी को उनकी (ज़ाहिद क़ुरैशी) कहानी से प्रेरणा लेनी चाहिए क्योंकि यह ऐसी कहानी है जो सिर्फ़ अमेरिका में ही संभव है."
ज़ाहिद क़ुरैशी के पिता पेशे से डॉक्टर थे और पाकिस्तान से आकर न्यूयॉर्क में बस गए थे. ज़ाहिद क़ुरैशी का जन्म न्यूयॉर्क में हुआ लेकिन वो न्यू जर्सी में पले बढ़े और रटगर्स लॉ स्कूल से उन्होंने साल 2000 में ग्रैजुएशन किया.
ज़ाहिद कुरैशी के पिता की इसी साल अप्रैल महीने में कोरोना से मौत हो गई थी. वो अपने बेटे को यह इतिहास बनाते हुए नहीं देख सके.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)













