जो बाइडन ने चेताया- अमेरिका नहीं संभला तो चीन से पिछड़ जाएगा

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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीन को लेकर एक चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि 'इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने के मामले में अमेरिका ने अगर तेज़ी नहीं दिखाई, तो चीन भारी पड़ेगा और अमेरिका पीछे हो जाएगा.
गुरुवार को सीनेट के कुछ सदस्यों के साथ हुई बैठक में जो बाइडन ने यह चेतावनी दी. इस बैठक में उन्होंने इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर अधिक खर्च करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.
एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फ़ोन पर बात हुई थी. व्हाइट हाउस पहुँचने के बाद जो बाइडन की शी जिनपिंग के साथ यह पहली फ़ोन कॉल थी.
बताया गया है कि इस बातचीत में शी जिनपिंग ने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में ये कहा कि 'टकराव दोनों देशों के लिए बहुत घातक साबित हो सकता है. जो बाइडन ने पर्यावरण और लोकनिर्माण कमिटी के सदस्यों से मुलाक़ात के बाद चीन को लेकर यह चेतावनी दी.
उन्होंने सीनेटरों से कहा कि 'हमें इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने की ज़रूरत है. वो (चीन) विभिन्न क्षेत्रों में अरबों डॉलर ख़र्च कर रहे हैं, चाहे वो यातायात के साधन हों, पर्यावरण से जुड़ी योजनाएं हों या इन्फ्रास्ट्रक्चर के अन्य मामले हों, वो उन पर काफ़ी ख़र्च कर रहे हैं. इसलिए हमें भी अपने क़दम बढ़ाने होंगे और अपना स्तर सुधारना होगा.'
अपने चुनाव-अभियान के दौरान जो बाइडन ने चार वर्ष में क़रीब दो ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर नौकरियों के अवसर पैदा करने और क्लीन एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर खर्च करने का प्रस्ताव रखा था.

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अमेरिकन सोसायटी ऑफ़ सिविल इंजीनियर्स (एएससीई) नामक संस्था का अनुमान है कि अमेरिका में इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी की भरपाई करने के लिए 2025 तक क़रीब दो ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च करने पड़ सकते हैं और अगर इस कमी को पूरा नहीं किया गया तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को इससे दोगुनी क़ीमत का नुक़सान हो सकता है."
द वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वर्ष 2019 की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन्फ्रास्ट्रक्चर की क्वॉलिटी के मामले में अमेरिका 13वें स्थान पर रहा जबकि वर्ष 2002 में अमेरिका का पाँचवा स्थान था.
इस दौरान चीन ने अपनी आधारिक संरचना पर बहुत ज्यादा खर्च किया है. चीन हाई- स्पीड रेल के नेटवर्क को और विकसित करने के लिए भारी निवेश कर रहा है. इसके अलावा मेट्रो सिस्टम, उन्नत तकनीक वाले रिहायशी अपार्टमेंट, इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड और मोबाइल नेटवर्क पर जमकर पैसा खर्च किया जा रहा है.
जो बाइडन ने अपनी चेतावनी के साथ कहा कि "चीन के पास रेल परियोजनाओं को लेकर बड़ी योजनाएं हैं. उनके पास पहले ही ऐसी रेल है जो बड़ी आसानी से 225 मील प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकती है."

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बताया गया है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत में जो बाइडन ने उन मुद्दों को भी उठाया, जिन्हें लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद रहे हैं.
व्हाइट हाउस के मुताबिक़, जो बाइडन ने चीन द्वारा व्यापार के लिए ताक़त दिखाने, हॉन्ग-कॉन्ग के साथ ज़बरदस्ती करने और शिनजियांग प्रांत में वीगर मुसलमानों के साथ बर्ताव पर अमेरिका की चिंताओं को लेकर भी बात की. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन पसाकी ने कहा कि "राष्ट्रपति बाइडन ने चीन के राष्ट्रपति से बातचीत में उनकी ओर से कोरोना महामारी को लेकर रही पारदर्शिता की कमी का भी ज़िक्र किया."
हालांकि, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हॉन्ग-कॉन्ग, शिनजियांग और ताइवान पर अपना वही पुराना सख्त रवैया बनाये रखा और उन्होंने कहा कि ये चीन के अंदरूनी मामले हैं जो चीन की संप्रभुता से जुड़े हैं.
चीन के विदेश मंत्री के अनुसार, बाइडन से बातचीत में शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच टकराव बहुत भयंकर साबित हो सकता है, इसलिए दोनों देशों को एक दूसरे के बारे में गलत अनुमान रखने से हर हाल में बचना चाहिए.
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