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अमेरिकी संसद पर हिंसाः ट्रंप पर महाभियोग की तैयारी, डेमोक्रैट्स ने बनाया प्लान
अमेरिकी संसद के निचले सदन की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने साथी सांसदों के साथ वह योजना साझा की है जिसके तहत ट्रंप पर महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने से पहले ही उन्हें राष्ट्रपति दफ़्तर से हटाने का पूरा ब्यौरा है.
हाउस ऑफ़ रिप्रजेंटेटिव्स एक रिजॉल्यूशन पर वोटिंग के ज़रिए उप-राष्ट्रपति माइक पेंस से ट्रंप की बतौर राष्ट्रपति सभी शक्तियां वापस लेने की अपील करेंगे.
इसके बाद कैपिटल हिल पर हुए हिंसक हमले में ट्रंप की भूमिका को देखते हुए डेमोक्रैट्स ट्रंप के ख़िलाफ़ ‘विद्रोह के लिए भड़काने‘ के आरोप को सदन में पेश करेंगे.
वोटिंग की पहली प्रक्रिया सोमवार को हो सकती है.
रविवार को पेलोसी ने सभी सांसदों से लिखित योजना साझा कि ताकि औपचारिक रूप से उप-राष्ट्रपति माइक पेंस से 25वां संशोधन लागू करने का निवेदन किया जाए.
इस संशोधन के लागू होने के बाद माइक पेंस राष्ट्रपति की भूमिका में आ जाएंगे और ट्रंप को व्हाइट हाउस से हटाया जा सकेगा.
पेलोसी की चिट्ठी के मुताबिक़ 25वां संशोधन लागू करना पहला क़दम होगा इसके बाद महाभियोग की प्रक्रिया सदन में शुरू की जाएगी.
उन्होंने लिखा है कि ‘’अपने संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए हमें तत्काल क़दम उठाने होंगे क्योंकि राष्ट्रपति इन दोनों ही चीज़ों के लिए बड़ा ख़तरा बन गए हैं.‘’
‘बाइडन को 100 दिन देने के बाद सीनेट में जाएगा क़ानून’
एक अन्य वरिष्ठ डेमोक्रैट नेता और हाउस व्हिप जेम्स क्लाइबर्न ने अमेरिकी न्यूज़ चैनल सीएनएन को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा है कि महाभियोग के एक अनुच्छेद पर इस हफ़्ते वोटिंग हो सकती है, उनकी पार्टी इस अनुच्छेद को सीनेट में ट्रायल के लिए तब तक नहीं भेजेगी जब तक नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के शासनकाल के 100 दिन पूरे नहीं हो जाते.
‘’बाइडन को 100 दिन मिलने चाहिए जिससे वह देश को चलाने के लिए अपना एजेंडा लागू कर सकें.‘’
इस अवधि में बाइडन अपनी नई कैबिनेट चुनेंगे और अपनी अहम नीतियों की शुरुआत करेंगे जिनमें कोरोना वायरस से निपटने का प्लान भी शामिल होगा. अगर सीनेट में महाभियोग क़ानून पेश हो जाता है तो इन नीतियों को लागू करने के लिए इंतज़ार करना पड़ सकता है.
शुक्रवार को ट्विटर सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से बैन होने के बाद ट्रंप का कोई बयान सामने नहीं आया है.
हालांकि, रविवार को व्हाइट हाउस ने ये जानकारी दी है कि राष्ट्रपति ट्रंप मंगलवार को टेक्सस जाएंगे और मैक्सिको की सीमा पर बनी दीवार का दौरा करेंगे साथ ही अपने प्रशासन के कामकाज को लोगों के सामने रखेंगे.
ट्रंप पर महाभियोग के लिए वोट करेंगे रिपब्लिकन?
बीते बुधवार को कैपिटल हिल में हुई हिंसा के लिए डेमोक्रैट्स और कई रिपब्लिकन ट्रंप को ज़िम्मेदार मान रहे हैं. इस हिंसा में पाँच लोगों की मौत हो गई. लेकिन किसी भी रिपब्लिकन ने ये नहीं कहा है कि वह ट्रंप को उनकी ‘ग़लतियों‘ की सज़ा दिलाने के लिए सीनेट में उनके ख़िलाफ़ वोट करेंगे.
रविवार को रिपब्लिकन सीनेटर पैट टूमी ने कहा कि ट्रंप को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.
उन्होंने समाचार चैनल एनबीसी की प्रेस मुलाक़ात में कहा, ‘’मुझे लगता है हमारे देश से लिए सबसे अच्छा होगा कि राष्ट्रपति इस्तीफ़ा दे दें और जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी दूर हो जाएं. मैं मानता हूं कि ऐसा होता दिखाई नहीं पड़ता लेकिन मुझे लगता है ये सबसे बेहतर होगा.‘’
अलास्का की सीनेटर लिसा मुर्कोवस्की पहली रिपब्लिकन हैं जिन्होंने ट्रंप को व्हाइट हाउस छोड़ने की बात कही. नेब्रास्का से सीनेटर बेन सैस ने कहा है कि अगर हाउस में महाभियोग क़ानून लाया गया तो वह इसके बारे में सोचेंगे.
वहीं दूसरी ओर पूर्व रिपब्लिकन नेता और कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर अर्नाल्ड श्वेक्सनेगर ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कहा है कि ट्रंप अमेरिका के ‘’सबसे ख़राब राष्ट्रपति‘’ हैं.
उन्होंने कैपिटल हिल की हिंसा को नाज़ी जर्मनी में साल 1938 में हुई क्रिस्टॉलनैच्ट घटना से जोड़ा, इस घटना में जर्मनी में यहूदियों के घरों-संपत्तियों को तबाह किया गया था.
ऑफ़-ड्यूटी होकर घटना में शामिल हुए कुछ पुलिस अधिकारी
जांचकर्ता कैपिटल हिल की हिंसा में शामिल दंगाईयों को पकड़ने की कोशिश में लगे हैं और इस दौरान वर्जीनिया और वॉशिंगटन पुलिस विभागों ने ऑफ़ ड्यूटी होकर कुछ अधिकारियों के इस घटना में हिस्सा लेने के कारण उन्हें प्रशासनिक छुट्टी पर भेज दिया है.
रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़ फ्लोरिडा और न्यूयॉर्क सिटी के फ़ायर विभाग ने कहा है कि जब भीड़ का हमला कैपिटल बिल्डिंग पर हुआ तो ये संभव है कि उनके कुछ सदस्य वहां मौजूद रहे हों.
क्या होगी महाभियोग की प्रक्रिया
अगर ट्रंप पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है तो वह अमेरिका के अकेले ऐसे राष्ट्रपति होंगे जिन पर दो बार महाभियोग चलाया गया.
ऐसा करने के लिए महाभियोग क़ानून हाउस में लाना होगा और उसे वोटिंग से पास कराना होगा.
इसके बाद ये मामला सीनेट में पेश होगा जहां राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए दो-तिहाई वोटों की ज़रूरत होगी. अगर वह दोषी साबित होते हैं तो सीनेट ये भी फ़ैसला कर सकती है कि वह दोबारा कभी किसी भी सार्वजनिक पद पर नहीं बैठ सकते.
डेमोक्रैट्स ने अन-औपचारिक रूप से पहले ही माइक पेंस से 25वां संशोधन लागू करने की अपील की है.
वहीं माइक पेंस ने राष्ट्रपति से दूरी बनाते हुए रविवार को कहा है कि वह 20 जनवरी को बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. हालांकि उन्होंने इस तरह के कोई संकेत नहीं दिए हैं कि वह संशोधन लागू करने को तैयार हैं.
ट्रंप ने कहा है कि वह बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे लेकिन इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में अपनी हार स्वीकारी है और वादा किया है कि वह शांतिपूर्ण तरीक़े से सत्ता का हस्तांतरण करेंगे. लेकिन वह वोटिंग में हुए फ़्रॉड के आधारहीन दावों को लोगों को बीच ले जाते रहेंगे.
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