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इवांका ट्रंप ने हिंसक समर्थकों को देशभक्त कहकर डिलीट किया ट्वीट
यूएस कैपिटल बिल्डिंग में हुई हिंसा के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप हमला करने वालों को देशभक्त कहकर निशाने पर आ गईं.
उनके एक ट्वीट की इतनी आलोचना हुई कि उन्हें उसे डिलीट करना पड़ा और उस पर सफ़ाई देनी पड़ी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने बुधवार को कैपिटल बिल्डिंग में घुसकर हिंसा शुरू कर दी. उस समय अमेरिकी कांग्रेस में इलेक्टोरल कॉलेज को लेकर बहस चल रही थी.
इसके बाद इवांका ट्रंप ने ट्वीट किया था, "अमेरिकी देशभक्तों- सुरक्षा का किसी भी तरह उल्लंघन या हमारे क़ानून के प्रति अनादर को स्वीकार नहीं किया जाएगा. हिंसा तुरंत बंद करनी होगी. कृपया शांति बनाए रखें."
इस ट्वीट में कैपिटल बिल्डिंग पर हमला करने वालों को देशभक्त कहने को लेकर इवांका ट्रंप की आलोचना होने लगी. लोग इसका विरोध करने लगे. इसके बाद उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया और सफाई दी.
उन्होंने एक और ट्वीट किया, "शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन देशभक्ति होती है. हिंसा स्वीकार्य नहीं है और मज़बूती से इसकी आलोचना होनी चाहिए."
इवांका ट्रंप का ट्वीट केवल इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है क्योंकि वो राष्ट्रपति ट्रंप की बेटी हैं बल्कि उनकी और उनके पति की ट्रंप प्रशासन में अहम भूमिका भी रही है.
इवांका ट्रंप दुनिया की सबसे ताक़तवर बेटी को तौर पर जानी जाती हैं. उन्हें व्हाइट हाउस में ऑफ़िस दिया गया है और वो अपने पिता की सलाहकार भी हैं.
हालांकि, इवांका डोनाल्ड ट्रंप को वेस्ट विंग में काम करने के लिए उन्हें कोई पद या वेतन नहीं दिया जाता.
इवांका के पति जैरेड कश्नर एक अमरीकी कारोबारी हैं लेकिन, वो डोनाल्ड ट्रंप के लिए महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां संभाल चुके हैं. उन्होंने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रंप के लिए डिज़िटल मीडिया स्ट्रैटिजी तैयार करने और चलाने में मदद की थी.
कश्नर को 2017 में वरिष्ठ व्हाइट हाउस सलाहकार बनाया गया था जिसके बाद परिवारवाद को लेकर भी सवाल उठे थे. उन्हें लेकर हितों के टकराव का मामला भी उठता रहा है. उन पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने अपने कारोबार को फायदा पहुंचाने वाली नीतियां प्रस्तावित की हैं.
जैरेड कश्नर ने मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया में और ट्रंप प्रशासन की कोविड-19 को लेकर अपनाई गई रणनीतियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
ट्विटर और फ़ैसबुक ने ट्रंप का अकाउंट किया लॉक
वहीं, कैपिटल बिल्डिंग में हिंसा के बाद सोशल मीडिया प्लेट्फॉर्म्स ने डोनाल्ड ट्रंप की पोस्ट और अकाउंट्स पर कार्रवाई की है. ट्विटर और फ़ैसबुक ने उनका अकाउंट लॉक कर दिया है और दूसरे प्लेटफॉर्म्स से उनका वीडियो भी हटा दिया गया है.
ट्विटर ने चुनाव को लेकर किए गए राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट्स के कारण अगले 12 घंटों के लिए उनका अकाउंट लॉक कर दिया है. ट्रंप अब अगले 12 घंटों तक कोई ट्वीट नहीं कर पाएंगे.
ट्विटर ने बयान जारी कर कहा है, "वॉशिंगटन, डीसी में चल रही हिंसक स्थिति को देखते हुए हमारी सिविक इंटीग्रिटी पॉलिसी के गंभीर उल्लंघन और दोहराव के लिए ज़रूरत है कि डोनाल्ड के उन तीन ट्विट्स को हटाएं, जो आज पोस्ट किए गए थे."
अगर ट्रंप उन तीनों ट्विट्स को नहीं हटाते हैं तो उनके अकाउंट लॉक रखा जाएगा.
ट्विटर ने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में अखंडता के उल्लंघन या धमकी की नीतियों के कारण ''डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट स्थायी तौर पर निलंबित कर दिया जाएगा."
फ़ेसबुक ने भी राष्ट्रपति ट्रंप का अकाउंट अगले 24 घंटों के लिए लॉक कर दिया. कंपनी ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दो नीतियों का उल्लंघन किया है.
वीडियो किया गया डिलीट
वहीं, फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक वीडियो हटा दिया गया है. इस वीडियो में प्रदर्शनकारियों के कैपिटल पर हिंसा करने के बाद ट्रंप ने उनके लिए संदेश जारी किया था.
इस वीडियो में ट्रंप अपने समर्थकों से घर लौटने के लिए कह रहे हैं लेकिन चुनावी गड़बड़ी के दावों को भी दोहरा रहे हैं.
वीडियो हटाने को लेकर फ़ेसबुक ने कहा कि हमने इसे इसलिए हटाया है क्योंकि हमें लगता है कि ये हिंसा को कम करने के बजाय उसे बढ़ाएगा.
कैपिटल में हिंसा से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने वॉशिंगटन में नेशनल मॉल में अपने समर्थकों से कहा था कि चुनाव में हेराफेरी की गई है.
इसके कुछ घंटों बाद जैसे ही अमेरिकी कैपिटल के अंदर और बाहर हिंसा शुरू हो गई ट्रंप ने फिर से एक वीडियो बनाया और अपने दावों को दोहराया.
वीडियो हटाने को लेकर यूट्यूब ने कहा कि उसने वीडियो इसलिए हटाया है क्योंकि ये चुनावी गड़बड़ी पर नीतियों का उल्लंघन करती है.
वहीं, ट्विटर ने शुरुआत में वीडियो को डिलीट नहीं किया था लेकिन, रीट्वीट, लाइक और कमेंट करने के विकल्प हटा दिये थे. हालांकि, बाद में उसने वीडियो भी हटा दिया.
कैपिटल बिल्डिंग क्या है
यूएस कैपिटल को कैपिटल बिल्डिंग भी कहा जाता है. कैपिटल बिल्डिंग वॉशिंगटन डीसी में नेशनल मॉल के पूर्व में कैपिटल हिल में स्थित है.
उच्च सुरक्षा वाली इस जगह पर अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदन बैठते हैं. हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दक्षिणी विंग में और सीनेट उत्तरी विंग में स्थित है.
ये जगह उतनी ही महत्वपूर्ण और संवदेनशील है जितना की भारत में रायसीन हिल्स का क्षेत्र जहां पर राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और नॉर्थ व साउथ ब्लॉक स्थित हैं.
क्या होना था छह जनवरी को
इलेक्टोरल कॉलेज के मतदान में अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की जीत की औपचारिक पुष्टि के बाद कांग्रेस में इलेक्टोरल कॉलेज के नतीजे प्रमाणित किए जाते हैं.
इसके लिए इलेक्टोरल कॉलेज के मतदान के नतीजे वॉशिंगटन भेजे गए और 6 जनवरी को कांग्रेस के संयुक्त सत्र में आधिकारिक तौर पर उनकी गिनती होनी थी. ये प्रक्रिया का एक हिस्सा है.
इस प्रक्रिया के तहत अंत में उप-राष्ट्रपति विजेता की घोषणा करते हैं. इसके बाद नए राष्ट्रपति के लिए शपथ लेने का रास्ता खुल जाता है.
लेकिन, जब वोटों की गिनती चल रही थी और सदन में बहस जारी थी तभी ट्रंप समर्थक कैपिटल बिल्डिंग में घुस गए. इस कारण वोटों की गिनती रोकनी पड़ी.
कैपिटल पुलिस ने ट्रंप समर्थक प्रदर्शनकारियों को रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन वो नहीं माने और ये झड़प हिंसा में बदल गई.
एक सीनेटर ने ट्वीट करके बताया कि स्टाफ के कुछ लोगों ने इस अफरातफरी के बीच बैलेट बॉक्स को किसी तरह वहां से बाहर निकाल लिया.
कैपिटल बिल्डिंग पर डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की ओर से किए गए हमले और हिंसा के बाद वॉशिंगटन डीसी में कर्फ्यू लगा दिया गया है.
कैपिटल हिंसा मामेल में 13 लोग गिरफ़्तार हो चुके हैं और एक महिला की मौत हो गई है. हिंसा के दौरान कुछ हथियार भी ज़ब्त किए गए हैं.
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