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ट्रंप ने अपनी ही ग़लती से कैसे ख़ुद की करा ली किरकिरी
जॉर्जिया के शीर्ष चुनाव अधिकारी ब्रैड रैफ़ेंसपर्गर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को 'साफ़तौर पर ग़लत' बताया है जिसमें ट्रंप ने कहा था कि वो 2020 में राज्य को जीते थे.
रैफ़ेंसपर्गर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप की ऐसी फ़ोन कॉल सामने आई है जिसमें वो रैफ़ेंसपर्गर को अपनी जीत खातिर वोट 'जुगाड़' करने के लिए कह रहे हैं.
ट्रंप की इस कॉल की निंदा हो रही है और कुछ लोगों का कहना है कि यह अवैध रूप से वोटों से छेड़छाड़ है.
रिपब्लिकन पार्टी को डर है कि इस मामले के सामने आने के बाद मंगलवार को जॉर्जिया की सीनेट की दो सीटों की दौड़ में वह पीछे रह सकती है.
अगर रिपब्लिकन जॉर्जिया की दोनों सीनेट की सीट जीत जाते हैं तो वह ऊपरी सदन में नियंत्रण बरक़रार रखेंगे लेकिन अगर उनके उम्मीदवार हारते हैं तो डेमोक्रेट्स का क़ब्ज़ा सीनेट, हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स और व्हाइट हाउस तीनों पर हो जाएगा.
रैफ़ेंसपर्गर ने एबीसी न्यूज़ से सोमवार को कहा था, "वो अधिकतर बोलते थे. हम अधिकतर सुनते थे."
"लेकिन मैं अपने तर्क देना चाहता हूं कि उनके पास जो डेटा था वह बिल्कुल ग़लत है."
द वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार ने एक ऑडियो सार्वजनिक किया था, जिसमें रैफ़ेसपर्गर शनिवार को फ़ोन पर राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम से एक घंटे तक बात कर रहे हैं.
सोमवार को रैफ़ेंसपर्गर ने पत्रकारों से कहा कि उनको नहीं मालूम था कि कॉल रिकॉर्ड हो रही था और वो राष्ट्रपति के साथ अपने घर से बात कर रहे थे.
उन्होंने कहा, "उनके (ट्रंप) पास लाखों लोग थे, उन्होंने कहा कि वे मर चुके हैं जिन्होंने वोट किया है. हमने उनमें से दो को ढूंढा, यह तो सिर्फ़ एक उदाहरण है, उनके पास बहुत ख़राब डेटा है."
राज्य के वोटिंग सिस्टम्स इम्पलिमेंटेशन मैनेजर गैब्रियल स्टर्लिंग ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के दावे 'आसानी से ग़लत साबित किए जा सकते हैं.' साथ ही उन्होंने रैफ़ेंसपर्गर को फ़ोन करने को अफ़सोसजनक बताया.
स्टर्लिंग ने चेताते हुए कहा कि राष्ट्रपति जॉर्जिया के चुनावी प्रक्रिया में भरोसे को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं और उन्होंने लोगों से मंगलवार के चुनाव में वोट करने की अपील की.
उन्होंने कहा, "हर किसी का वोट गिना जाएगा."
फ़ोन कॉल पर आख़िर क्या हुआ था?
राष्ट्रपति ट्रंप जॉर्जिया के सेक्रेटरी को फुसलाते हुए यह दबाव बनाते सुने जा रहे हैं कि मतों की गिनती 'दोबारा' की जाए.
उन्होंने कहा, "मुझे सिर्फ़ 11,780 वोट चाहिए."
इतने वोट मिलने से उनके पास राज्य के 24,73,634 वोट हो जाते जो उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी और राष्ट्रपति चुने गए जो बाइडन से एक वोट अधिक होता यानी के 24,73,633.
उन्होंने रैफ़ेंसपर्गर पर मतपत्रों में हेराफेरी और आपराधिक मामलों में शामिल होने का आरोप लगाया जिसकी क़ीमत ट्रंप को चुनाव में चुकानी पड़ी.
उन्होंने अनुचित आरोपों को 'एक आपराधिक दोष' बताया और साथ ही कहा कि वर्तमान में 'आप पर बड़ा ख़तरा है.'
रेफ़ैंसपर्गर ने जवाब देते हुए ट्रंप के अभियान पर टिप्पणी की और कहा कि वह कोर्ट में कई क़ानूनी मामले हार चुके हैं.
"जो चुनौतियां आपने दीं राष्ट्रपति महोदय वह दिखाता है कि आपके पास ग़लत डेटा था."
क्या प्रतिक्रियाएं आईं?
सोमवार को दो डेमोक्रेटिक नेताओं ने एफ़बीआई को लिखकर 'राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ तुरंत एक आपराधिक जांच शुरू करने की' मांग की.
कैलिफ़ॉर्निया के टेड लियू और न्यूयॉर्क की कैथलीन राइस ने लिखा, "कांग्रेस के सदस्य और पूर्व अभियोजक होने के नाते हमारा मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप कई चुनावी अपराधों की साज़िश के लिए लालच दे रहे थे."
नई उप-राष्ट्रपति चुनी गईं कमला हैरिस रविवार को डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार के प्रचार के लिए जॉर्जिया में थीं. उन्होंने ट्रंप के फ़ोन कॉल को 'शक्ति का दुरुपयोग' बताया.
जॉर्जिया के रिपब्लिकन लेफ़्टिनेंट गवर्नर ने सोमवार को सीएनएन से बात करते हुए ट्रंप की आलोचना की और कहा, "मैं 100 फ़ीसदी दावे से कहता हूं कि यह अनुचित है. और यह निश्चित रूप से ऐसी परिस्थितियों में मदद नहीं करता."
मंगलवार को होने वाले चुनावों पर असर होगा?
जॉर्जिया में सीनेट के लिए हो रहे चुनाव अब राष्ट्रीय चर्चा का विषय हैं.
सोमवार को ट्रंप, बाइडन और उप-राष्ट्रपति माइक पेंस ने अपने-अपने उम्मीदवारों के लिए रैली कीं.
अटलांटा में बोलते हुए बाइडन ने जॉर्जिया के लोगों से अपील की कि वे मंगलवार को वोट देने निकलें क्योंकि चुनाव के परिणाम 'न केवल चार सालों के लिए परिवर्तन कर सकते हैं बल्कि यह अगली पीढ़ी के लिए भी काम करेंगे.'
उन्होंने कहा, "कल अटलांटा, जॉर्जिया और अमेरिका के लिए एक नया दिन हो सकता है."
जॉर्जिया में 30 लाख मतदाता हैं जिसमें से आधे नवंबर के आम चुनाव में वोट कर चुके हैं.
जॉर्जिया के वर्तमान रिपब्लिकन सीनेटर डेविड पर्ड्यू अपनी सीट बचाने की जद्दोजहद में हैं और उन्होंने राष्ट्रपति का पक्ष लिया है और फ़ोन कॉल का मीडिया में लीक होना 'घिनौना' बताया है.
डेमोक्रिटेक सीनेट उम्मीदवार जॉन ओसोफ़ ने फ़ोन कॉल को 'लोकतंत्र पर सीधा हमला' बताया है और पर्ड्यू और उनकी सीनेट की दूसरी रिपब्लिकन उम्मीदवार साथी केली लोफ़लर पर 'जॉर्जिया के मतदाताओं को इस तरह के हमले से' सुरक्षित रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है.
डेमोक्रेटिक पार्टी के दूसरे सीनेट के उम्मीदवार रैफ़ेल वॉरनोक ने सीनेटर लोफ़लर को इन 'धोखाधड़ी के दावों' के ख़िलाफ़ बोलने के लिए कहा है.
सोमवार को एक चुनावी रैली के दौरान लोफ़लर ने फ़ोन कॉल से जुड़े सवाल पर कुछ बोलने से मना कर दिया था और कहा था कि उनका ध्यान मंगलवार को होने वाले चुनावों पर है.
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