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ट्रंप समर्थकों के फसाद पर जो बाइडन का फूटा ग़ुस्सा, ट्रंप ने की अपील
यूएस कैपिटल में ट्रंप समर्थकों के 'फसाद' पर अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन जमकर बरसे हैं.
यूएस कैपिटल वॉशिंगटन डीसी में है. यहाँ अमेरिकी कांग्रेस के लोग बैठते हैं. अमेरिकी कांग्रेस अमेरिका की फेडरल सरकार का द्विसदन है. इसमें हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट निहित हैं. अमेरिका के हिसाब से छह जनवरी को अमेरिकी कांग्रेस में जो बाइडन को पिछले साल तीन नवंबर को हुए चुनाव में मिली जीत की पुष्टि के लिए सत्र चल रहा था.
यह महज़ औपचारिकता होती है लेकिन रिपब्लिकन सांसदों ने कुछ चुनावी नतीजों पर सवाल उठाए थे. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप उपराष्ट्रपति माइक पेंस पर दबाव डाल रहे हैं कि वो बाइडन को जीत का सर्टिफिकेट ना दें. ऐसे में यह औपचारिकता भी अहम हो गई थी.
जब अमेरिकी कांग्रेस का सत्र चल रहा था तभी ट्रंप समर्थकों की हिंसक भीड़ बैरिकेड तोड़कर घुस गई. पुलिस बलों से झड़प हुई. कई ट्रंप समर्थक हथियारों से लैस थे. ट्रंप समर्थकों ने खिड़कियां तोड़ दीं और पुलिस वालों से भिड़ गए. इसी दौरान एक महिला को गोली लगी और बाद में मौत हो गई. बाद में ट्रंप ने अपने समर्थकों को घर जाने के लिए कहा लेकिन ये दावा भी दोहराया कि चुनाव में उन्हें जीत मिली है.
पूरे मामले पर जो बाइडन का ग़ुस्सा फूट पड़ा. विलमिन्गटन से बोलते हुए बाइडन ने कहा, ''लोकतंत्र अप्रत्याशित रूप से ख़तरे में है. मैं राष्ट्रपति ट्रंप से अपील कर रहा हूं कि वो नेशनल टीवी पर जाएं और अपनी शपथ का पालन करते हुए संविधान की रक्षा करें और कैपिटल को कब्जे से मुक्त कराएं. कैपिटल में घुसकर खिड़कियाँ तोड़ना, फ्लोर पर कब्जा कर लेना और उथल-पुथल मचाना विरोध नहीं फसाद है.''
अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग पर ट्रंप के समर्थकों की ओर से किए गए हमले और हिंसा के बाद वॉशिंगटन डीसी में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है.
कर्फ्यू बुधवार शाम छह बजे से गुरुवार सुबह तक के लिए लागू किया गया है.
हालांकि अब कैपिटल बिल्डिंग को सुरक्षित कर लिया गया है. अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी घोषणा की है.
कैपिटल के अंदर मौजूद रिपोर्टर्स का कहना है कि जब सुरक्षाबल के प्रमुख ने यह ख़बर दी तो सांसदों ने तालियां बजाई.
ये हंगामा तब हुआ जब अमेरिकी कांग्रेस में इलेक्टोरल कॉलेज को लेकर बहस चल रही थी. यहां जो बाइडन की चुनावी जीत की पुष्टि की जानी थी.
सदन में चल रही बहस के दौरान अचानक ट्रंप के समर्थक बिल्डिंग के अंदर पहुंच गए. इससे बहस को बीच में ही रोकना पड़ा.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक चुनाव रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई.
हालात बेकाबू होने पर नेशनल गार्ड को कैपिटल के लिए रवाना कर दिया गया है.
जो बाइडन ने ट्वीट करके भी डोनाल्ड ट्रंप से समर्थकों को हटाने की अपील की.
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि कैपिटल बिल्डिंग में कुछ लोगों ने जो किया है वो कानून को न मानने वाले अतिवादी लोग हैं. उन्होंने इसे राजद्रोह करार दिया.
ट्रंप ने जारी किया वीडियो संदेश
इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्विटर पर एक वीडियो जारी करके प्रदर्शनकारियों से घर लौटने की अपील की. उन्होंने कहा, ''एक चुनाव हुआ, जिसे हमसे चुरा लिया गया. वह एक जबरदस्त चुनाव था और ये बात सबको पता है. ख़ासकर दूसरे पक्ष को. लेकिन अब आपको घर जाना होगा. हमें शांति बनाए रखनी है. हमें कानून व्यवस्था बनाए रखना है. हम नहीं चाहते किसी को क्षति पहुंचे.''
वहीं, ट्विटर ने डोनाल्ड ट्रंप के इस वीडियो संदेश पर लाइक, शेयर और जवाब देने के विकल्प बंद कर दिए.
वीडियो के नीचे दिखाए जा रहे संदेश में ट्विटर ने लिखा, चुनाव में गड़बड़ी के आरोप विवादित हैं, और इस ट्वीट को रिप्लाई, रीट्वीट या लाइक नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे हिंसा का ख़तरा है.
नेशनल गार्ड भेजे गए
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, ''राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर नेशनल गार्ड और दूसरी केंद्रीय रक्षा सेवाएं रास्ते पर हैं. हम हिंसा के ख़िलाफ़ और शांति बनाए रखने के लिए राष्ट्रपति की अपील को दोहरा रहे हैं.''
कैपिटल के अंदर भीड़ के अनियंत्रित और हिंसक होने के बाद कैपिटल हिल पुलिस ने और अधिक सुरक्षाबल भेजने की मांग की थी.
कई लोग हिरासत में लिए गए
कैपिटल पुलिस ने बिल्डिंग के अंदर घुसे कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है. कुछ प्रदर्शनकारी दीवारों का सहारा लेकर सीनेट चैंबर के अंदर घुस गए.
प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने बंदूकें तान दीं.
ट्रंप ने की समर्थकों से अपील
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है. ट्रंप ने ट्वीट करके समर्थकों से अपील की है कि वो 'कैपिटल पुलिस का सहयोग करें.' उन्होंने लिखा, ''वो वाकई हमारे देश की तरफ हैं. शांति बनाए रखें.''
एक अन्य ट्वीट में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ''मैं अमेरिकी कैपिटल में मौजूद सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं. हिंसा नहीं. याद रखिए हम कानून और व्यवस्था की पार्टी हैं. कानून का सम्मान करें और नीली वर्दी में तैनात हमारे सभी पुरुषों और महिलाओं का भी. धन्यवाद.''
उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने भी प्रदर्शनकारियों से हिंसा न करने की अपील की है.
उन्होंने ट्वीट किया, ''कैपिटल पर हुआ ये हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें जो लोग शामिल हैं उन्हें कड़ी से कड़ी कानूनी सज़ा दी जाएगी.''
हथियारों के साथ दिखे प्रदर्शनकारी
अमेरिकी सीनेट की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें प्रदर्शनकारी सीनेट चैंबर के पास जमा हुए दिखाई दिए. इनमें से कुछ के हाथों में हथियार भी देखे गए हैं.
इसके पहले कैपिटल पुलिस ने हिंसक झड़पों के बाद अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग में लॉकडाउन लागू कर दिया.
अमेरिका में 2020 में हुए चुनावों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे ट्रंप समर्थकों ने कैपिटल बिल्डिंग के बाहर लगे अस्थाई बैरियर तोड़ दिए. कुछ प्रदर्शनकारी बिल्डिंग के अंदर घुसने की कोशिश करते हुए भी देखे गए.
ट्रंप के ख़िलाफ़ गए उपराष्ट्रपति पेंस
उधर, उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने एक लिखित बयान में कहा कि उनकी औपचारिक भूमिका साल 2020 के चुनावों में जो बाइडन की जीत को पलटने की अनुमति नहीं देती.
माइक पेंस का बयान ऐसे वक़्त में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उपराष्ट्रपति पर जनता के दबाव को जारी रखते हुए वाशिंगटन डीसी में अपनी रैली में समर्थकों से कहा कि अगर पेंस चुनाव परिणामों को अस्वीकार नहीं करते तो उन्हें बहुत निराशा होगी.
पेंस पर डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन सांसदों की ओर से काफ़ी दबाव था.
उन्होंने अपने बयान में कहा, ''मैं न तो चुनाव परिमाण उलट सकता और ना जो बाइडन की जीत को खारिज कर सकता. जबकि डोनाल्ड ट्रंप का काफ़ी दबाव है मुझ पर.''
पेंस ने आगे कहा, ''राष्ट्रपति पद अमेरिका के लोगों के लिए है और सिर्फ़ उन्हीं के लिए.''
माइक पेंस के बयान पर राष्ट्रपति ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्वीट करके कहा कि माइक पेंस में हिम्मत नहीं है.
उन्होंने लिखा, ''माइक पेंस ने हमारे देश और हमारे संविधान की रक्षा के लिए जो किया जाना था, वो करने का साहस नहीं किया, जिससे राज्यों को सही तथ्यों को प्रमाणित करने का मौका मिलता, न कि धोखाधड़ी या ग़लत तरीके से, वो जो उन्हें पहले प्रमाणित करने के लिए कहा गया है. अमेरिका सच चाहता है.''
अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने जो बाइडन की जीत पुष्टि का विरोध किया. हालांकि रिपब्लकिन सीनेट नेता मिच मैककॉनेल ने अपने साथियों की निंदा की और चेतावनी दी कि ऐसा करके वो ''हमेशा के लिए हमारे गणतंत्र को नुकसान'' पहुंचा सकते हैं.
उन्होंने अपने साथियों को संबोधित करते हुए कहा, ''अगर सिर्फ हारने वालों के आरोपों की वजह से चुनाव परिणाम बदलने लगे तो हमारा देश मौत की कुंडली में समाहित हो जाएगा. ''
दुनिया भर में घटना की निंदा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत दुनियाभर के नेताओं ने कैपिटल में हुई घटना की निंदा की है.
बोरिस जॉनसन ने एक ट्वीट में लिखा, ''अमेरिकी कांग्रेस में शर्मनाक हरकत. अमेरिका दुनियाभर में लोकतंत्र के लिए खड़ा होता है और अब यह महत्वपूर्ण है कि सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से होना चाहिए.''
कनाडा के विदेश मंत्री फ्रेंकोइस-फिलिप शैम्पेन ने ट्वीट किया, ''वाशिंगटन डीसी के हालात पर कनाडा बेहद हैरान है. सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण लोकतंत्र की मौलिकता है. इसे जारी रहना चाहिए और ये रहेगी. हम इस मामले पर करीब से नज़र बनाए हुए हैं और हमारी संवेदनाएं अमेरिका के लोगों के साथ हैं. ''
फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इस घटना की निंदा की और इस प्रदर्शन को ''लोकतंत्र पर गंभीर हमला'' बताया.
डच के प्रधानमंत्री मार्क रूट ने ट्वीट किया, ''वॉशिंगटन डीसी की तस्वीरें भयानक हैं. डियर डोनाल्ड ट्रंप, आज जो बाइडन को अगला राष्ट्रपति मान लीजिए.''
अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य लोरी त्रहान ने कैपिटल में हुई घटना को घरेलू आतंकवाद करार दिया है.
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ''कैपिटल पर हुआ हमला घरेलू आतंकवाद की घटना है. जो लोग इसमें शामिल हैं वो आतंकवादी हैं. ये हमारे लोकतंत्र पर हमला है, जिसके लिए अमेरिका की कई पीढ़ियां लड़ी हैं और जिसके लिए जान दी है. हालात सामान्य होंगे, न्याय तेज़ी से होगा. देखते जाइए.''
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