ट्रंप अपने समर्थकों के हमले के बाद पहली बार आए सामने, सत्ता सौंपने को तैयार

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यूएस कैपिटल हिल में हिंसा के 24 घंटे के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो ट्वीट करके अपने समर्थकों के हिंसा करने की निंदा की है और साथ ही कहा है कि वो 'व्यवस्थित' सत्ता हस्तांतरण चाहते हैं.
उन्होंने कहा, "मैं यूएस कैपिटल हिल में हिंसा से भाषण की शुरुआत करना चाहता हूं. बाक़ी अमेरीकियों की तरह मैं भी यूएस कैपिटल हिल में हिंसा और अराजकता से ग़ुस्से में हूं. मैंने तुरंत इमारत की सुरक्षा और घुसपैठियों को निकालने के लिए नेशनल गार्ड और लॉ एन्फ़ोर्समेंट फ़ोर्स की तैनाती कर दी थी."
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हालांकि, कई न्यूज़ एजेंसियों का मानना है कि सुरक्षाबलों की तैनाती माइक पेंस ने करवाई जबकि ट्रंप इसके विरोध में थे.
उन्होंने कहा कि अमेरिका को हमेशा एक क़ानून-व्यवस्था वाला देश बना रहना चाहिए, कैपिटल हिल में हिंसा करने वाले घुसपैठियों ने अमेरिकी लोकतंत्र को अपवित्र किया है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "जो लोग हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल थे वे हमारे देश का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं और जिन्होंने क़ानून तोड़ा है उनको इसकी क़ीमत चुकानी होगी."
सत्ता हस्तांतरण के लिए राज़ी
राष्ट्रपति ट्रंप ने वीडियो में कहा कि वो 'व्यवस्थित' सत्ता हस्तांतरण को लेकर प्रतिबद्ध हैं.
उन्होंने कहा कि 'नया प्रशासन 20 जनवरी को आएगा' और 'सुचारू, सुव्यवस्थित और निर्बाध' सत्ता के हस्तांतरण का वादा है.
यूएस कैपिटल हिल पर हमले के बाद राष्ट्रपति सिर्फ़ ट्विटर पर लौटे हैं जबकि फ़ेसबुक पर उनके अकाउंट को दो सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दिया गया है. इसके अलावा इंस्टाग्राम पर भी उनका अकाउंट सस्पेंड है.
ट्रंप सोशल मीडिया के ज़रिए अपने समर्थकों से अमेरिकी चुनाव परिणामों को न मानने की अपील कर रहे थे. उन पर आरोप है कि उन्होंने कैपिटल हिल पर हमले के लिए अपने समर्थकों को भड़काया.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अभी चुनाव समाप्त हुए हैं और भावनाएं बहुत गहरी हैं लेकिन अब मनोभावों को शांत किया जाना चाहिए, 'हमें अमेरिका के जनजीवन के हिसाब से चलना चाहिए.'
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उन्होंने कहा, "मेरे चुनावी अभियान ने बेहद ज़ोरों से चुनाव परिणामों के लिए हर क़ानून का सहारा लिया. मेरा लक्ष्य केवल ईमानदार मतपत्रों को सुनिश्चित करना था. ऐसा करना अमेरिकी लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ना था. मेरा लगातार यह मानना है कि हमें सभी मतदाताओं की पहचान और वैधता की जांच के लिए हमारे चुनावी क़ानूनों में बदलाव की ज़रूरत है ताकि भविष्य के सभी चुनावों में भरोसा और साहस सुनिश्चित हो सके."
ट्रंप ने कहा कि अब कांग्रेस ने परिणामों के लिए प्रमाण पत्र जारी कर दिया है और 20 जनवरी से नया प्रशासन आ जाएगा.
समर्थकों को भी दिया संदेश

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उन्होंने अपने समर्थकों के लिए भी वीडियो के अंत में संदेश दिया.
उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि आप निराश हैं लेकिन मैं आपको यह भी बता देना चाहता हूं कि हमारी अविश्वसनीय यात्रा अभी बस शुरू ही हुई है."
वहीं, अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को हुई घटना को अमेरिका के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक क़रार दिया है.
डेलावेयर में अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ''यह हमारे देश के इतिहास में सबसे काले दिनों में से एक है. वो हमला जो आज़ादी के गढ़ में हुआ है.''

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उन्होंने कहा, ''यह असंतोष नहीं था. यह कोई विरोध नहीं था. यह अराजकता थी. कैपिटल में वे प्रदर्शनकारी नहीं थे बल्कि 'दंगाई भीड़' थी और 'घरेलू आतंकवादी' थे.''
''मैं चाहता हूं- हम कह सकते कि हम इसे देख नहीं पाए.. लेकिन यह सच नहीं है. हम इसे देख सकते हैं.''
उन्होंने कहा, ''पिछले चार सालों से हमारे पास ऐसा राष्ट्रपति था, जिसने हमारे लोकतंत्र, हमारे संविधान, हमारे नियम क़ानून की अवमानना की है. उन्होंने हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले किए हैं.''
ब्रिटिश पीएम ने भी की निंदा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का कहना है कि अमेरिका में हुई हिंसा में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी भूमिका है.

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ब्रिटिश पीएम ने कहा, ''ऐसा लगता है जैसे उन्होंने लोगों को कैपिटल में घुसने के लिए उकसाया है और अब तक लगातार उन्होंने निष्पक्ष चुनावों पर सवाल खड़े किए हैं. मेरा मानना है कि ये सरासर ग़लत है.''
''मैं बस यही कहूंगा कि मुझे यह जानकर बहुत ख़ुशी हुई है कि निर्वाचित राष्ट्रपति की जीत पर औपचारिक मुहर लग चुकी है और लोकतंत्र को बचा लिया गया है.''

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अब तक 68 लोग गिरफ़्तार, 4 की मौत
शिंगटन डीसी के पुलिस चीफ़ रॉबर्ट कॉन्टी ने बताया है कि कैपिटल हिल्स में हिंसा के मामले में अब तक कुल 68 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. इनमें से सिर्फ़ एक शख़्स वॉशिंगटन डीसी से है.
उन्होंने कहा उनका विभाग हिंसक भीड़ में से एक-एक की पहचान करने और उन्हें इसका ज़िम्मेदार ठहराने की दिशा में काम कर रहा है.
उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने बहुत से लोगों की तस्वीरें निकाली हैं और उनकी पहचान के लिए कम्युनिटी से मदद ली जा रही है. गिरफ़्तार हुए 68 लोगों में से आठ महिलाएं हैं जबकि इस घटना में चार लोगों की मौत हुई है.
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