जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने के एक साल पर पाकिस्तान क्यों कर रहा है कार्यक्रम -उर्दू प्रेस रिव्यू

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- Author, इकबाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना के अलावा भारत प्रशासित कश्मीर से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में थीं.
सबसे पहले बात भारत प्रशासित कश्मीर की.
पाँच अगस्त 2019 को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने भारतीय संविधान की धारा 370 के तहत कश्मीर को मिलने वाले विशेष राज्य के दर्जे को ख़त्म कर दिया था और जम्मू-कश्मीर राज्य को विभाजित कर दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख बना दिया था.
भारत सरकार के इस फ़ैसले के एक साल पूरा होने को है. पाकिस्तान ने इस अवसर पर भारतीय कश्मीर में रहने वाले लोगों के समर्थन में कई तरह के प्रोग्राम आयोजित करने का फ़ैसला किया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, सूचना एंव प्रसारण मंत्री शिब्ली फ़राज़, राष्ट्रीय सुरक्षा के विशेष सलाहकार मोईद यूसुफ़ ने एक प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी.
पाकिस्तान के सारे अख़बारों के पहले पन्ने पर ये ख़बर छपी है. अख़बार जंग ने सुर्ख़ी लगाई है, "पाकिस्तान की मंज़िल श्रीनगर."
अख़बार के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत प्रशासित कश्मीर में रह रहे लोगों से समर्थन जताने के लिए पाकिस्तान ने पाँच अगस्त को 'कश्मीर शोषण दिवस' मनाने का फ़ैसला किया है.
शाह महमूद कुरैशी ने बताया कि चार-पाँच अगस्त की रात को पाकिस्तानी संसद भवन पर कश्मीर की प्रोजेक्शन की जाएगी.
पाँच अगस्त को सुबह 10 बजे पूरे पाकिस्तान में सायरन बजेगा और एक मिनट का मौन रखा जाएगा. उसके बाद राष्ट्रपति आरिफ़ अलवी एक मार्च की अगुवाई करेंगे. जबकि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान पाक प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद में एक मार्च निकालेंगे जिनमें पाक प्रशासित कश्मीर के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे.
इमरान ख़ान मार्च के बाद में पाक प्रशासित कश्मीर के सदन को संबोधित भी करेंगे.

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कश्मीर हाईवे का नाम बदला जाएगा
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि "पाँच अगस्त से कश्मीर हाईवे का नाम श्रीनगर हाईवे कर दिया जाएगा. यही हाईवे हमें श्रीनगर तक लेकर जाएगी. श्रीनगर की जिस मस्जिद पर ताले लगाए गए हैं, वो दिन दूर नहीं जब पाकिस्तानी और कश्मीरी मिलकर उस मस्जिद में नमाज़ पढ़ेंगे."
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के साथ खड़ा है और आख़िरी जीत तक खड़ा रहेगा. शाह महमदू क़ुरैशी ने ज़ोर देकर कहा कि 'भारत कश्मीरियों को दबा सकता है, मिटा नहीं सकता.'
श्रीनगर से लगभग 40 किलोमीटर दूर उत्तरी कश्मीर के सोपोर में एक जुलाई को एक चरमपंथी हमले के दौरान 65 साल के बशीर अहमद नाम के एक शख़्स की गोली लगने से मौत हो गई थी.
बशीर अहमद के साथ उनका तीन साल का नाती भी था जो बच गया था.
इस घटना की एक तस्वीर सामने आई थी जिसमें बच्चा अपने नाना के ख़ून से लथपथ शव के पास बैठा नज़र आ रहा था. वो तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी.
बशीर की पत्नी ने बीबीसी से बात करते हुए कहा था, "उन्हें रोककर गाड़ी से उतरने को कहा गया और फिर सीआरपीएफ़ ने गोली मार दी."
हालांकि, पुलिस की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है, "सोपोर में आतंकवादी हमले के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन साल के बच्चे को गोली लगने से बचाया."
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने उस घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि उस तस्वीर से ज़्यादा कश्मीरियों पर होने वाले कथित ज़ुल्म की अक्कासी कोई नहीं कर सकता. विदेश मंत्री ने बताया कि उस घटना को इतिहास का हिस्सा बनाने के लिए पाँच अगस्त को उस नक्शे पर एक स्टैम्प जारी करने का फ़ैसला किया गया है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने इमरान ख़ान और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ़ अलवी से टेलीफ़ोन पर बातचीत की और दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद दी. लेकिन अख़बार के अनुसार इस मौक़े पर पाकिस्तानी नेताओं ने अर्दोआन से अनुरोध किया कि वो पाँच अगस्त को कश्मीरियों के हक़ में अपनी आवाज़ उठाएंगे.

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अमरीका चुनाव से पहले क़ुर्बानी का बकरा ढूंढ रहा है: चीन
अख़बार नवा-ए-वक़्त में छपी एक ख़बर के मुताबिक़ चीन ने कहा है कि नवंबर में अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के कारण अमरीका एक नया शीत युद्ध शुरू करना चाहता है और इसके लिए कुर्बानी का बकरा ढूंढ रहा है.
अख़बार ने ब्रिटेन में चीन के राजदूत लिउज़ियाओ मिंग के हवाले से ख़बर दी है. अख़बार के अनुसार चीनी राजदूत का कहना था, "हमें किसी शीत युद्ध में कोई दिलचस्पी नहीं है, हमें किसी भी जंग में कोई दिलचस्पी नहीं है. अमरीका अपनी समस्या के लिए चीन को ज़िम्मेदार ठहरा रहा है. लेकिन हम बार-बार अमरीका को बता रहे हैं कि चीन आपका दुश्मन नहीं. चीन आपका दोस्त और छोटा पार्टनर है."
तुर्की अरब मामलों में हस्तक्षेप से बाज़ आए: यूएई
अख़बार जंग के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात ने तुर्की को अरब मामलों में दख़ल न देने की हिदायत दी है. संयुक्त अरब अमीरात के विदेश राज्य मंत्री अनवर क़रक़ाश ने कहा कि तुर्की अब ऑटोमन साम्राज्य के दौर का रवैया नहीं अपना सकता.
तुर्की लीबिया में संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार के पक्ष में है जबकि यूएई वहां संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार के विरोधी छापामार लड़ाके ख़लीफ़ा हफ़तार गुट का समर्थन करता है.

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और अब बात कोरोना की
पाकिस्तान को अपने यहां कोरोना वायरस पर क़ाबू पाने में लगातार सफलता मिल रही है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पाकिस्तान में अब तक क़रीब दो लाख 80 हज़ार लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं और क़रीब छह हज़ार लोगों की मौत हुई है.
पाकिस्तान का दावा है कि अब एक्टिव कोरोना संक्रमित लोगों की तादाद सिर्फ़ 25 हज़ार रह गई है और सिर्फ़ 210 मरीज़ वेंटिलेटर पर हैं.
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