टिकटॉक ने कहा, जल्द ही हॉन्ग-कॉन्ग से बाहर जाएगी कंपनी

टिक टॉक

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टिकटॉक कंपनी ने कहा है कि वो जल्द ही हॉन्ग-कॉन्ग से बाहर चली जाएगी. चीन के नए सुरक्षा क़ानून लागू किए जानेए जाने के बाद टिकटॉक ने ये फ़ैसला किया है.

कंपनी के एक प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा, "हाल की घटनाओं को देखते हुए हम लोगों ने हॉन्ग-कॉन्ग में टिकटॉक का काम बंद करने का फ़ैसला किया है."

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार टिकटॉक कंपनी कुछ ही दिनों के अंदर हॉन्ग-कॉन्ग से बाहर चली जाएगी.

चीन मैं मौजूद बाइटडांस नाम की कंपनी ने इस शॉर्ट-फ़ॉर्म वीडियो बेस्ड मोबाइल ऐप को लॉन्च किया था.

इसका मुख्य उद्देश्य चीन से बाहर रह रहे लोगों को इस ऐप की तरफ़ आकर्षित करना था.

बाइटडांस कंपनी चीन में भी टिकटॉक की ही तरह शॉर्ट-फ़ॉर्म वीडियो शेयरिंग ऐप चलाती है, जिसका नाम डोइन है.

वॉल्ट डिज़्नी के पूर्व कार्यकारी प्रमुख केविन मेयर टिकटॉक ऐप के सीईओ हैं.

उन्होंने पहले कहा था कि टिकटॉक के यूज़र्स से जुड़े आंकड़े चीन में स्टोर नहीं किए जाते हैं.

कंपनी ये भी कह चुकी है कि वो यूज़र्स के बारे में कोई जानकारी और कंटेन्ट पर किसी तरह की रोक-टोक के चीनी सरकार के किसी भी अपील को नहीं मानेगी.

कंपनी के अनुसार चीन की सरकार ने अभी तक उससे कभी भी इस तरह की जानकारी नहीं मांगी है.

लेकिन हॉन्ग कॉन्ग के लिए चीन ने जो नए सुरक्षा क़ानून बनाए हैं उसके बाद चीनी अधिकारियों को अत्यधिक अधिकार मिल गए हैं और इस कारण यूज़र्स के डेटा की निजता को लेकर चिंताएं बढ़ गईं हैं.

हॉन्ग कॉन्ग

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इमेज कैप्शन, चीन के इस नए सुरक्षा क़ानून को लेकर हॉन्ग-कॉन्ग में पहले कई बार विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

नए क़ानून के अनुसार चीन जिसे राजद्रोह, आतंकवाद, और विदेशी ताक़तों से सांठ-गांठ कहता है उसके लिए उम्र क़ैद की सज़ा दी जा सकती है.

लेकिन इस क़ानून के विरोधियों का कहना है कि इससे हॉन्ग-कॉन्ग के अर्ध-स्वायत्व स्टेटस को धक्का लगा है और अभिव्यक्ति की आज़ादी ख़त्म हो जाती है.

फ़ेसबुक, व्हाट्सऐप, ट्विटर और टेलिग्राम ने भी इस हफ़्ते घोषणा की है कि चीन के नए सुरक्षा क़ानून लागू हो जाने के बाद वो सभी हॉन्ग-कॉन्ग में अपना काम में बदलाव कर रहे हैं.

इन टेक कंपनियों का कहना है कि हॉन्ग-कॉन्ग पुलिस की तरफ़ से आए किसी भी डेटा शेयर करने की मांग को वो नहीं मान रही हैं और वो सभी हॉन्ग-कॉन्ग में इस दौरान हो रहे राजनीतिक बदलावों का आकलन कर रही हैं.

'सुरक्षा की बहाली'

कैरी लैम

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मंगलवार को हॉन्ग-कॉन्ग की प्रशासक कैरी लैम ने नए सुरक्षा क़ानून का बचाव करते हुए कहा कि "ये शहर के लिए कोई अंत नहीं है."

कैरी लैम ने कहा कि नए क़ानून से हॉन्ग-कॉन्ग दोबारा दुनिया के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक बन जाएगा. उनके अनुसार पिछले साल लोकतंत्र के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शन कई बार हिंसक हो गए थे.

कैरी लैम ने कहा, "दूसरे देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून की तुलना में ये क़ानून बहुत ही हल्का है. यह क़ानून दूसरे देशों या ख़ुद चीन के सुरक्षा क़ानूनों की तुलना में उतना व्यापक नहीं है."

लेकिन चीन के इस नए सुरक्षा क़ानून की दुनिया भर में आलोचना हो रही है.

आलोचकों का कहना है कि 'एक देश, दो सिस्टम' के तहत हॉन्ग-कॉन्ग को जो आज़ादी हासिल थी, नया क़ानून उस आज़ादी पर हमला करता है.

आलोचकों के अनुसार 1997 में ब्रिटेन ने इसी शर्त पर अपने इस उपनिवेश को चीन के हवाले किया था.

माइक पॉम्पियो

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इमेज कैप्शन, अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो

मंगलवार को अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने फ़ॉक्स न्यूज़ से कहा, "अमरीका निश्चित तौर पर टिकटॉक समेत चीन के सोशल मीडिया ऐप्स पर बैन लगाने के बारे में विचार कर रहा है."

अमरीकी विदेश मंत्री ने कहा कि वो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पहले कुछ भी नहीं कहना चाहते, लेकिन ये तय है कि अमरीका इस मामले पर नज़र बनाए हुए है.

अमरीकी विदेश मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए टिकटॉक के एक प्रवक्ता ने कहा, "टिकटॉक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एक अमरीकी हैं, ऐप की सुरक्षा, प्रोडक्ट और पब्लिक पॉलिसी से जुड़े सैकड़ों कर्मचारी अमरीकी हैं. हमारे यूज़र्स को एक सुरक्षित ऐप का अनुभव देने से बढ़कर हमारी कोई दूसरी प्राथमिकता नहीं है."

"हमने कभी भी यूज़र्स का डेटा, चीन की सरकार को नहीं दिया है और न ही सरकार के कहने पर ऐसा करेंगे."

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