इमरान ख़ान का आरोप भारत ने करवाया पाकिस्तान में कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हमला - उर्दू प्रेस रिव्यू

इमरान ख़ान

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    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना के अलावा कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हुए हमले से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं.

प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने इस हमले के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहराया है.

सोमवार (29 जून) को पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में स्टॉक एक्सचेंज की इमारत में चार बंदूक़धारियों ने हमला कर दिया था.

सुरक्षाकर्मियों ने हमले को तो नाकाम कर दिया लेकिन इसमें चार बंदूक़धारी समेत दो सुरक्षा गार्ड और एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर मारे गए थे.

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सक्रिय चरमपंथी गुट बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

अख़बार जंग के अनुसार हमले के अगले दिन पाकिस्तानी संसद में बोलते हुए इमरान ख़ान ने कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि ये हमला भारत ने कराया है. पाकिस्तान को अस्थिर करने के लिए इसकी साज़िश वहीं रची गई थी.

अख़बार जंग में छपी एक ख़बर में कहा गया है कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) का भारत से रिश्ता है, इसकी जानकारी सभी को है.

अख़बार के अनुसार सीपेक (चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर) के उद्घाटन के बाद से भारत बलूचिस्तान में ज़्यादा सक्रिय हो गया है और वो बीएलए की मदद से पाकिस्तान में चरमपंथी कार्रवाईयों को अंज़ाम देता है.

अख़बार के अनुसार भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ख़ुद इस बात का भांडा फोड़ा था और पाकिस्तान के इन आरोपों की पुष्टि कर दी थी कि भारत बलूचिस्तान में चरमपंथी संगठनो की मदद कर रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल क़िले से दिए गए अपने भाषण में बलूचिस्तान का ज़िक्र किया था. दूरदर्शन ने उसी साल (2016) में 27 अगस्त को बलोच नेता ब्राह्मदाग ख़ान बुगटी का एक इंटरव्यू भी चलाया था. इसके लिए दूरदर्शन की एक टीम जिनेवा भेजी गई थी.

पाकिस्तान इन्हीं सब बातों के आधार पर आरोप लगाता है कि मोदी के भाषण से साफ़ है कि भारत बलूचिस्तान में चरमपंथियों की मदद करता है. हालांकि भारत इन आरोपों को ख़ारिज करता है.

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नवाज़ शरीफ़ को सज़ा सुनाने वाले जज बर्ख़ास्त

जज अरशद मलिक

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को सज़ा सुनाने वाले जज को बर्ख़ास्त कर दिया गया है.

पाकिस्तान में भ्रष्टाचार की जाँच करने वाली संस्था नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) के एक जज अरशद मलिक को लाहौर हाईकोर्ट ने बर्ख़ास्त कर दिया है.

अख़बार दुनिया के अनुसार जज अरशद मलिक ने 2018 के दिसंबर में नवाज शरीफ़ को भ्रष्टाचार के एक मामले में सात साल की सज़ा सुनाई थी.

इसके क़रीब छह महीने बाद जुलाई 2019 में नवाज़ शरीफ़ के भाई और पार्टी के अध्यक्ष शहबाज़ शरीफ़, नवाज़ शरीफ़ की बेटी और पार्टी की उपाध्यक्ष मरियम नवाज़ ने एक वीडियो सार्वजनिक करते हुए दावा किया था कि अरशद मलिक ने दबाव में आकर फ़ैसला सुनाया था.

अरशद मलिक ने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया था, लेकिन उन्हें इस्लामाबाद नैब अदालत से हटाकर लाहौर हाईकोर्ट भेज दिया गया था.

मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और अदालत ने वीडियो मामले की जाँच के आदेश दिए और लाहौर हाईकोर्ट को इसकी ज़िम्मेदारी दी. लाहौर हाईकोर्ट के सात जजों ने उन्हें सर्वसम्मित से बर्ख़ास्त करने का फ़ैसला सुनाया.

अख़बार नवा-वक़्त के अनुसार इस फ़ैसले का स्वागत करते हुए शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, “साबित हो गया कि जज ने न्याय के आधार पर फ़ैसला नहीं दिया था और तीन बार के चुने हुए प्रधानमंत्री को नाहक़ सज़ा दी. सच्चाई सामने आने के बाद इंसाफ़ का तक़ाज़ा यही है कि नवाज़ शरीफ़ की सज़ा को ख़त्म किया जाए. लाहौर हाईकोर्ट का फ़ैसला नवाज़ शरीफ़ की बेगुनाही का सुबूत है.”

लेकिन प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के विशेष सलाहकार शहबाज़ गुल ने कहा कि, “शहबाज़ शरीफ़ और मरियम नवाज़ के पास एक वीडियो था जिसके आधार पर वो लोग जज अरशद मलिक को ब्लैकमेल कर रहे थे. इस केस में एक चार्जशीट अरशद मलिक के ख़िलाफ़ थी और दूसरी ब्लैकमेल करने वालों के ख़िलाफ़ है. एक को तो सज़ा मिल गई और दूसरे पक्ष को सज़ा मिलनी तय है.“

उधर, भ्रष्टाचार से जुड़े एक अन्य मामले में नैब (इस्लामाबाद) की अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के ख़िलाफ़ ज़मानती वारंट जारी किया है और उसी केस में नवाज़ शरीफ़ को इश्तहारी घोषित कर दिया है.

कराची

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पाकिस्तान में कोरोना का हाल

पाकिस्तान में शनिवार (चार जुलाई) 12 बजे रात तक के आंकड़ों के मुताबिक़ अब तक दो लाख 27 हज़ार से ज़्यादा लोग कोरोना संक्रमित हए हैं और अब तक 4681 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है.

सिंध में सबसे ज़्यादा संक्रमित हैं जिनकी संख्या 92 हज़ार पार कर चुकी है, दूसरे नंबर पर पंजाब है जहां 80 हज़ार से ज़्यादा लोग अब तक संक्रमित हो चुके हैं. सबसे ज़्यादा मौत पंजाब (1844) में हुई है उसके बाद सिंध में अब तक 1501 मौत हुई है.

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हालत थोड़े बेहतर कहे जा सकते हैं. वहां अब तक 13,292 कोरोना पॉज़िटिव हुए हैं और मरने वालों की तादाद 130 है.

पाकिस्तान के केंद्रीय योजना एंड विकास मंत्री और कोरोना मामले के प्रमुख असद उमर ने कहा कि स्मार्ट लॉकडाउन से बहुत फ़र्क़ पड़ा है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार असद उमर ने कहा कि सिंध और ख़ासकर उसकी राजधानी में हालात अच्छे नहीं हैं लेकिन पूरे देश में कोरोना को लेकर स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने कहा कि अगर जनता ने सरकारी गाइडलाइन का पालन किया तो जुलाई महीने के अंत कर पाकिस्तान में क़रीब चार लाख कोरोना के मामले होंगे.

फ़िलहाल दो लाख 27 हज़ार कोरोना के मामले हं. लेकिन मंत्री ने चेतावनी देते हुआ कहा कि अगर गाइडलाइन का पालन नहीं किय़ा गया तो जुलाई के आख़िर तक पाकिस्तान में 12 लाख मामले आ सकते हैं.

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