जॉर्ज फ़्लॉयड के बाद एक और काले आदमी की मौत, अटलांटा पुलिस चीफ़ का इस्तीफ़ा

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एक रेस्टॉरेंट के पास कार में सोने के दौरान एक अफ़्रीकी-अमरीकी शख़्स को गोली मारने के मामले में अटलांटा की पुलिस प्रमुख ने इस्तीफ़ा दे दिया है.
प्रशासन का कहना है कि शुक्रवार को झड़प के दौरान एक पुलिसकर्मी ने 27 वर्षीय रेशर्ड ब्रुक्स को गोली मार दी थी.
मेयर केइशा लांस बॉटम्स ने कहा है कि एरिका शिल्ड्स ने शनिवार को अपना इस्तीफ़ा दे दिया.
अटलांटा में प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए थे और उन्होंने ब्रुक्स की मौत के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की मांग की थी.
शनिवार शाम को प्रदर्शनकारियों ने अटलांटा में इंटरस्टेट-75 नामक एक मुख्य हाइवे को बंद कर दिया था.
वेंडीज़ नामक जिस रेस्तरां के बाहर ब्रुक्स की मौत हुई थी उसे भी आग लगा दी गई थी.

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बीते तीन सप्ताह से पुलिस हिरासत में एक काले अमरीकी जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद से पूरे अमरीका में विरोध प्रदर्शन जारी हैं.
एरिका शील्ड्स दिसंबर 2016 से पुलिस प्रमुख के पद पर थीं और अटलांटा पुलिस विभाग में 20 सालों से काम कर रही थीं.
मेयर बॉटम्स ने कहा है कि वो दूसरी भूमिका में विभाग के साथ जुड़ी रहेंगी.
बॉटम्स ने एक बयान में कहा, "उनकी इच्छा है कि सुधार के मामले में अटलांटा इस देश में एक मॉडल होना चाहिए, जिसको देखते हुए प्रमुख शील्ड्स ने पद से हटने का प्रस्ताव दिया ताकि शहर आगे बढ़े और समुदायों में विश्वास की भावना बढ़ाने की सख़्त ज़रूरत है."
मेयर बॉटम्स ने ब्रुक्स की हत्या में शामिल अफ़सर की बर्ख़ास्तगी के आदेश भी दिए हैं.
शुक्रवार की रात क्या हुआ था?

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जॉर्जिया ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन ब्रुक्स (जीबीआई) की मौत की जांच कर रही है और वेंडीज़ रेस्टॉरेंट में लगे सिक्योरिटी कैमरा और प्रत्यक्षदर्शियों की जांच भी की जा रही है.
बताया जा रहा है कि रेस्तरां ने पुलिस को बुलाया था क्योंकि ब्रुक्स कार में सो रहे थे और उनकी कार रेस्तरां के रास्ते को ब्लॉक कर रही थी.
पुलिस के अनुसार, ब्रीथालाइज़र टेस्ट में फ़ेल होने के बाद ब्रुक्स गिरफ़्तारी का विरोध कर रहे थे.
जीबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, वेंडीज़ रेस्तरां से मिली एक फ़ुटेज में पुलिस अफ़सर ब्रुक्स को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं और वो एक अफ़सर पर टेसर गन तान देते हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है, "उसके बाद अफ़सर ब्रुक्स पर गोली चला देते हैं."
इसके बाद ब्रुक्स को ज़मीन पर गिरा पाया गया. उनको अस्पताल ले जाय गया जहां उन्हें मृत घोषित किया गया. इस घटना में एक अफ़सर भी घायल हुए, जिनका इलाज किया गया.
बयान में कहा गया है कि फ़ुल्टन काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी का दफ़्तर इस मामले में अलग जांच कर रहा है.
ब्रुक्स के परिवार के वकील ने कहा है कि पुलिस अफ़सर के पास जानलेवा ताक़त इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि ब्रुक्स ने टेसर गन छीनी थी जो घातक हथियार नहीं है.
ब्रुक्स अपनी बेटी कोघुमाने ले जाने वाले थे
वकील क्रिस स्टीवर्ट ने कहा, "आप तब तक किसी को गोली नहीं मार सकते जब तक कि वो आप पर बंदूक़ न ताने."
उनके परिवार के वकील का कहना है कि शनिवार को ब्रुक्स अपनी आठ वर्षीय बेटी को उसके जन्मदिन पर स्केटिंग के लिए ले जाने वाले थे.
एबीसी न्यूज़ के अनुसार, इस साल जीबीआई गोलीबारी के मामले में 48वें अफ़सर की जांच हो रही है. इन मामलों में 15 लोगों की मौत हुई है.
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, शुक्रवार को वेंडीज़ के बाहर कई प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए थे.
शनिवार को अटलांटा के केंद्र में प्रदर्शन शुरू हुए थे जिसमें उन्होंने ब्रुक्स की तस्वीरें और 'ब्लैक लाइव्स मैटर' के चिन्ह लिए हुए थे.
अटलांटा में लोग पहले ही जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद प्रदर्शन कर रहे थे. 25 मई को मिनियापोलिस में एक पुलिसकर्मी ने उनकी गर्दन पर बलपूर्वक अपना घुटना रखा था जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी.
लंदन में हिंसक प्रदर्शन के बाद 100 गिरफ़्तार

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उधरस जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद अमरीका सहित पूरी दुनिया में विरोध प्रदर्शन जारी हैं. अमरीका में लोग पुलिस सुधारों की मांग कर रहे हैं.
मिनियापोलिस में जहां फ़्लॉयड की मौत हुई वहां की सिटी काउंसिल ने शुक्रवार को पुलिस विभाग को हटाकर समुदाय आधारित सार्वजनिक सुरक्षा प्रणाली लाने का प्रस्ताव पास किया.
वहीं, लंदन में शनिवार को हिंसक प्रदर्शनों के बाद 100 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
धुर-दक्षिणपंथी कार्यकर्ता मूर्तियों की सुरक्षा को लेकर इकट्ठा हुए थे जिसके बाद उन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया.
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का कहना है, "हमारी सड़कों पर नस्लवादी बदमाशों के लिए जगह नहीं है."
इसके अलावा पीसी कीथ पालमर के स्मारक के आगे एक शख़्स के पेशाब करने के मामले की भी जांच चल रही है. 2017 वेस्टमिंस्टर हमले में पालमर की मौत हो गई थी.
वहीं, शनिवार को लंदन समेत पूरे देश में नस्लवाद विरोधी प्रदर्शन भी हुए. नस्लवादी विरोध प्रदर्शनों के दौरान उन मूर्तियों को तोड़ने का मामला सामने आया है जो लोग किसी न किसी तरीक़े से ग़ुलामी प्रथा या नस्लवाद से जुड़े थे.
गृह मंत्री प्रीति पटेल ने कहा है कि पीसी पालमर के स्मारक का अपमान पूरी तरह से शर्मनाक है.
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