कोरोना: ऐसा जोड़ा जिसे इस वायरस के बारे में पता ही नहीं चला

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- Author, जेसिका शेरवुड
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
उन्होंने अपने परिवार के लोगों को एक शर्त पर संपर्क में रहने को कहा कि वो किसी भी तरह की बुरी ख़बर नहीं देंगे.
मैनचेस्टर का रहने वाला यह जोड़ा पिछले महीने अटलांटिक महासागर में कैनरी द्वीप से लेकर कैरिबियन द्वीप तक दुनिया में कोरोना वायरस की महामारी के फैलने से अनजान घूमता रहा.
समुद्र में लगातार 25 दिनों की यात्रा के बाद इस जोड़ ने मार्च के मध्य में एक छोटे से ट्वीप पर ठहरने का फैसला लिया. इस दौरान यह जोड़ा बाहर की दुनिया के साथ किसी भी तरह से संपर्क में नहीं रहा.
लेकिन फोन सिग्नल मिलने के बाद उन्हें पता चला कि द्वीप की सीमाएँ बंद है और फिर तब उन्हें पता चला कि दुनिया कोरोना नाम की महामारी से जूझ रही है, जिसके बारे में उन दोनों ने अब तक कुछ नहीं सुना था.
एलिना बताती हैं, "फरवरी में हमने चीन में किसी वायरस के संक्रमण की बात सुनी थी लेकिन हमारे पास इसे लेकर बहुत कम जानकारी थी. हमने सोचा कि 25 दिनों में जब तक हम कैरिबियन द्वीप पर पहुँचेंगे तब तक यह खत्म हो गया होगा."
रेयान कहते हैं, "लेकिन जब हम वहां पहुँचे तो यह पता चला कि यह खत्म नहीं हुआ बल्कि पूरी दुनिया में फैल चुका है."
बंद सीमाएं
कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत होने के बाद से ज्यादातर वक्त यह जोड़ा समुद्र में ही रहा है.
कभी-कभी इंटरनेट और परिवार के संपर्क में आने की वजह से इन्हें इस बात कोई आडिया ही नहीं था कि वायरस का यह संक्रमण कितनी गंभीर स्थिति में पहुँच चुका है.

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एलिना का घर इटली के सबसे बुरी तरह से संक्रमित क्षेत्र लोम्बार्डी में है.
वो कहती हैं, "हमने अपने नजदीकी संपर्कों से कह रखा था कि हम कोई बुरी खबर नहीं सुनना चाहते. इसलिए इसके बारे में सुनना और भी बुरा लगा क्योंकि यह एक बहुत ही बुरी खबर है. "
रेयान बताते हैं, "पहले हमने कैरिबियन क्षेत्र के एक फ्रेंच इलाके में उतरने की कोशिश की लेकिन जब हम लोग वहाँ पहुँचे तो हमने देखा कि सीमाएँ बंद थीं और द्वीप बंद हो रहे थे."
"उस वक्त हमें लगा कि चूंकि अभी टूरिस्टों के आने का मौसम है इसलिए ऐहतियातन यह कदम उठाया जा रहा है क्योंकि द्वीप प्रशासन नहीं चाहता कि कुछ बाहर से आए पर्यटक स्थानीय लोगों को संक्रमित कर दे."

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अपने नाव में लौटने के बाद उन दोनों ने ग्रेनाडा की ओर अपनी यात्रा का रुख मोड़ दिया और फिर समुद्र में एक जगह पर उन्हें 4जी की अच्छी सिग्नल मिली और फिर तब उन्हें पता चला कि दुनिया में क्या हो रहा है.
अब उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि इस वायरस का प्रकोप किस स्तर का है.
एलिना बताती हैं, "हमारी एक दोस्त सेंट विंसेट में पहले से थी, जहाँ हम जाने की ओर बढ़ चले थे, वहाँ पहुँचने से दस घंटे पहले किसी तरह से हमारी उससे बात हो गई. उसने बताया कि चूंकि मैं एक इटली की नागरिक हूँ इसलिए मुझे वहाँ नहीं उतरने दिया जाएगा. भले ही मैं महीनों से इटली ना गई हो."
किस्मत से जीपीएस की मदद से वो यह साबित करने में कामयाब रहे कि वो ना सिर्फ सिर्फ इटली महीनों से गए हैं बल्कि 25 दिनों से समुद्र में सबसे अलग आइसोलेशन में रहे हैं. इसतरह से उन्हें आखिरकार ज़मीन पर उतरने का मौका मिल पाया.
जब परिवार वालों से बात हुई
एलिना और रेयान दोनों अब अपने परिवार वालों को लेकर चिंतित थे.
एलिना बताती हैं, "मेरा घर इटली के लोम्बार्डी में है, जो कोरोना वायरस के संक्रमण से बुरी तरह से प्रभावित है. मैं और रेयान जब तक जमीन पर उतर नही आए और अपने डैड से बात नहीं की तब तक यह यकीन करना मुश्किल था कि हमारे परिवार के लोग किस हालत में रह रहे हैं. "
"डैड से बात करना मुश्किल भरा एहसास था. उन्होंने मुझे घबराने को नहीं बोला और कहा कि हमारा शहर बुरी तरह से प्रभावित है. उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स में हमारे शहर के ऊपर की गई स्टोरी भेजी. जिससे वहाँ की भयावह स्थिति की वास्तविकता का अचानक से एहसास हुआ. मैं सदमे में थी. "
"हमारे शहर में भयावह स्थिति है. ताबूत नहीं बचे हैं. कब्रिस्तान में कब्रों के लिए जगह नहीं खाली. शुक्र है मेरा परिवार अपने घर में सुरक्षित है और छह हफ्ते से लॉकडाउन में है. लेकिन कई ऐसे लोग जिन्हें हम सालों से जानते थे, उनकी मौत हो चुकी है."
एलिना और रेयान सेंट विंसेट में अभी सुरक्षित है लेकिन इस बात को लेकर परेशान है कि कब तक सुरक्षित रह पाएंगे.
एलिना कहती हैं, "हम सेंट विंसेट अभी छोड़ कर नहीं जाना चाहते हैं. हम जून में तूफान वाले मौसम आने से पहले तक यही जमे रहेंगे."
वो अभी भी उत्तर की ओर यात्रा जारी रखते हुए कैरिबियन द्वीप तक पहुंचना चाहते हैं. लेकिन अभी हालात साफ नजर नहीं आ रहे. एलिना कहती हैं, "हम तूफान और वायरस के बीच सैंडविच बन कर रह गए हैं."

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