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कोरोना: पाकिस्तान में ऐसे पढ़ी जाएगी रमज़ान की नमाज़- पाकिस्तान से उर्दू प्रेस रिव्यू
- Author, इकबाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना वायरस से जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहीं.
कोरोना वायरस से अब तक दुनिया भर में एक लाख 58 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 23 लाख से भी ज़्यादा लोग कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं.
पाकिस्तान में अब तक 149 लोग इस वायरस के कारण जान गंवा चुके हैं जबकि 7779 लोग ज़्यादा लोग संक्रमित हुए हैं.
इस महीने की 25 तारीख़ से मुसलमानों का पवित्र महीना रमज़ान शुरू होने वाला है. इस महीने में मुसलमान मस्जिदों में भारी तादाद में जमा होकर नमाज़ पढ़ते हैं.
रमज़ान का महीना जिस दिन ख़त्म होता है उसके अगले दिन मुसलमान ईद का त्यौहार मनाते हैं. ईद के मौक़े पर भी मुसलमान भारी संख्या में नमाज़ पढ़ने के लिए जमा होते हैं.
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच रमज़ान में क्या किया जाए इसी पर विचार विमर्ष करने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ़ अलवी ने देश भर के धार्मिक गुरुओं से वीडियो लिंक के ज़रिए बैठक की.
बैठक के बाद एक 20 सूत्री दिशानिर्देश जारी किए गए.
पाकिस्तान के सभी अख़बारों में इसका ज़िक्र है. दिशानिर्देश के तहत रमज़ान के तहत मुसलमानों को मस्जिदों में नमाज़ पढ़ने की इजाज़त तो दे दी गई है लेकिन ये भी कहा गया है कि लोगों को मास्क पहनना ज़रूरी है और उन्हें मस्जिद में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख़याल रखना होगा.
मस्जिद में कोई कालीन या दरी नहीं बिछाई जाएगी. मस्जिद में इफ़्तार पार्टी नहीं होगी. ये भी कहा गया है कि 50 साल से अधिक उम्र के लोग और नाबालिग़ बच्चे या फिर जिन्हें सर्दी, खांसी या ज़ुकाम के लक्षण हैं वो मस्जिद में नहीं जाएं.
लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि लोग क्या इन दिशानिर्देशों का पालन करेंगे क्योंकि शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के दौरान भी कई जगहों से सरकारी आदेशों के उल्लंघन की ख़बरें आईं.
अख़बार जंग के अनुसार इस्लामाद के मशहूर लाल मस्जिद में जुमे की नमाज़ पढ़ी गई जिसमें भारी संख्या में लोग जमा हुए और कोरोना से जुड़े तमाम एडवाइज़री और सरकारी आदेशों का जमकर उल्लंघन हुआ.
इस बीच सऊदी अरब के एक धार्मिक गुरु मुफ़्ती-ए-आज़म अल-शेख़ अब्दुल अज़ीज़ ने कहा है कि अगर कोरोना का क़हर बरक़रार रहता है तो रमज़ान के दौरान मुसलमान तरावीह और ईद की नमाज़ मस्जिदों के बजाए अपने-अपने घरों में पढ़ सकते हैं.
अख़बार दुनिया के अनुसार सऊदी अरब ने कोरोना वायरस के कारण मस्जिद में नमाज़ पर पाबंदी लगा दी है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार सऊदी अरब ने मक्का की पवित्र मस्जिद हरम शरीफ़ और मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में रमज़ान के दौरान होने वाले सामूहिक इफ़्तार पर पाबंदी लगा दी है.
कोरोना के कारण दुनिया भर में आर्थिक मंदी है और दुनिया भर के शेयर बाज़ार गिर रहे हैं. लेकिन पाकिस्तान में इस हफ़्ते शेयर बाज़ार में काफ़ी उछाल देखा गया.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को पाकिस्तान के शेयर मार्केट में 1500 से ज़्यादा अंकों का उछाल आया.
बाज़ार में इस क़दर उछाल आया कि पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार बाज़ार को हॉल्ट करना पड़ा.
अख़बार के अनुसार एक घंटे के बाद बाज़ार जब दोबारा खुले तो भी मार्केट में उछाल बरक़रार रहा.
अख़बार के अनुसार शेयर बाज़ार में उछाल के दो-तीन कारण हो सकते हैं. पहला ये कि पाकिस्तान में बैंकों ने व्याज दर में दो फ़ीसदी की कटौती कर दी है. दूसरा कारण ये भी हो सकता है कि कोरोना से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष(आईएमएफ़) ने पाकिस्तान को आर्थिक मदद देने पर अपनी सहमति जता दी है.
अख़बार दुनिया के अनुसार आईएमएफ़ ने पाकिस्तान को एक अरब 38 करोड़ 60 लाख डॉलर के क़र्ज़ को मंज़ूरी दे दी है.
अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तान में भवन निर्माण को उद्योग का दर्जा दिए जाने संबंधी अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिलने के बाद बाज़ार में ज़बर्दस्त उछाल देखा गया.
बाज़ार में उछाल का ये असल हुआ कि अमरीकी डॉलर की क़ीमत 3.30 रुपए कम हो गई.
आईएमएफ़ के अलावा अमरीका ने भी पाकिस्तान की आर्थिक मदद करने की घोषणा की है.
हालांकि अमरीका ख़ुद कोरोना वायरस का सबसे बड़ा शिकार है और वहां अब तक क़रीब 38 हज़ार लोगों की जान जा चुकी है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार कोरोना से निपटने के लिए अमरीका पाकिस्तान को 80 लाख डॉलर देगा. अख़बार के अनुसार इस्लामाबाद स्थित अमरीकी राजदूत पॉल जाँच ने इसकी घोषणा की है
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