कोरोना वायरस संक्रमण टी-20 मैच नहीं है: इमरान ख़ान- पाकिस्तान से उर्दू प्रेस रिव्यू

इमरान ख़ान

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    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से इस हफ़्ते छपने वाले उर्दू अख़बारों में कोरोना वायरस से जुड़ी ख़बरें हीं छाई रहीं.

कोरोना वायरस के कारण पाकिस्तान में भी लॉकडाउन लागू कर दिया गया है. हालात को क़ाबू में करने के लिए सेना की मदद ली जा रही है. इसके लिए बड़े आर्थिक पैकेज की भी घोषणा की गई है. शनिवार तक पाकिस्तान में कोरोना से 11 लोगों की मौत हो गई है और 1,373 मामलों की पुष्टि हुई है.

अख़बार 'जंग' के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कोरोना वायरस के कारण पैदा होने वाले हालात से निबटने के लिए बुधवार को 1200 अरब पाकिस्तानी रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की.

इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए इमरान ख़ान ने कहा, "ऐसा कहा जा रहा है कि अगर लॉकडाउन नहीं किया गया तो मुल्क तबाह हो जाएगा. ये कोई 20-20 का मैच नहीं है. ये कोई एक-दो महीने का गेम नहीं है. हो सकता है ये छह महीने चले. सबसे ज़्यादा ख़तरा हमें कोरोना से नहीं बल्कि उसके ख़ौफ़ में आकर ग़लत फ़ैसले करने से है."

इमरान ख़ान ने कहा कि लॉकडाउन के कारण सबसे ज़्यादा नुक़सान ग़रीबों और दिहाड़ी मज़दूरों को होगा. उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए कोरोना टाइगर फ़ोर्स का गठन किया जा रहा है जो लोगों को उनके घर जाकर खाना पहुंचाएगी.

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पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था भी त्रस्त

कोरोना का असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है. शेयर बाज़ार में भारी गिरावट देखी जा रही है और पाकिस्तानी करेंसी भी कमज़ोर होती जा रही है. जंग अख़बार के अनुसार एक अमरीकी डॉलर 166 पाकिस्तानी रुपये का हो गया है. इमरान ख़ान ने विदेशों में रह रहे पाकिस्तानियों से आर्थिक मदद की अपील की.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा, "कोरोना के ख़िलाफ़ जंग सरकार अकेले नहीं जीत सकती. मुल्क को इस वक़्त सबसे ज़्यादा ज़रूरत ओवरसीज़ पाकिस्तानियों की है. समंदर पार पाकिस्तानियों की क्षमता पर हमें पूरा भरोसा है."

पाकिस्तान ने आईएमएफ़ से इमरजेंसी फ़ंड देने की भी अपील की है. अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार आईएमएफ़ की प्रबंध महानिदेशक क्रिस्टलिना गोर्गिवा ने कहा कि आईएमएफ़ इस पर विचार कर रहा है.

उनका कहना था, "पाकिस्तान ने आईएमएफ़ इमरजेंसी फ़ंड के लिए दरख़्वास्त दी है और हमारी टीम पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही है."

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पाकिस्तान की मदद कर रहा है चीन

सार्क देश भी इस महामारी से निपटने के लिए एक दूसरे का सहयोग कर रहे हैं. अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार शुक्रवार को सार्क देशों के स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए बैठक हुई.

इस बैठक में इस बीमारी का मुक़ाबला करने के लिए तमाम सार्क सदस्य देशों के बीच सहयोग का फ़ैसला किया गया और इसके लिए एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म बनाने पर सहमति जताई गई. इस बीच चीन भी पाकिस्तान की मदद कर रहा है.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार चीन ने 58 हज़ार कोरोना टेस्टिंग किट और लाखों मास्क पाकिस्तान को भेजा है. पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियां इस मामले में सरकार के साथ खड़ी होने का दावा ज़रूर कर रही हैं लेकिन सरकार पर हमले करने का कोई मौक़ा भी हाथ से नहीं जाने दे रही हैं.

वीडियो कैप्शन, भारत के साथ पड़ोसी देश पाकिस्तान भी वायरस से परेशान

मुस्लिम लीग के आरोप

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और मुस्लिम लीग (नून) के वरिष्ठ नेता शाहिद ख़ाकान अब्बासी के ख़िलाफ़ ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी होने पर मुस्लिम लीग ने इमरान ख़ान पर जमकर हमला किया.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार मुस्लिम लीग के प्रमुख शहबाज़ शरीफ़ ने इमरान ख़ान पर हमला करते हुए कहा, "क़ौम मरती है तो मर जाए, इमरान को इंतक़ाम की प्यास बुझानी है."

शरीफ़ ने कहा कि सारी दुनिया मिलकर अपनी क़ौम को कोरोना वायरस से बचाने में लगी है लेकिन पाकिस्तानी सरकार की प्राथमिकता विपक्षी नेताओं को जेल भेजना है.

काबुल हमला

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अफ़ग़ानिस्तान हमला भी सुर्खियों में

कोरोना वायरस के अलावा काबुल में गुरुद्वारे में हुए चरमपंथी हमले का ज़िक्र भी सारे अख़बारों के पहले पन्ने पर था. बुधवार को गुरुद्वारे में हुए हमले में कम से कम 25 लोग मारे गए थे. इस हमले की ज़िम्मेदारी ख़ुद को इस्लामिक स्टेट कहने वाले चरमपंथी संगठन ने ली थी.

इस हमले को अंजाम देने वाले तीन चरचरमपंथी भी मारे गए थे. पाकिस्तानी अख़बारों का कहना है कि हमलावरों में से एक का संबंध भारत से था. इस्लामिक स्टेट ने हमले के दूसरे दिन एक चरमपंथी की तस्वीर अपनी मैगज़ीन अल-नबा में छापी थी और उसका नाम अबु ख़ालिद अल-हिंदी बताया था.

पाकिस्तानी अख़बार ने भारतीय मीडिया इंडिया टुडे के हवाले से कहा है कि ख़ालिद अल-हिंदी भारत के दक्षिणी राज्य केरल का मोहम्मद मोहसिन था. लेकिन अख़बार के अनुसार मोहसिन जून 2018 में ही मारा गया था.

मोहसिन के बारे में कहा जाता है कि वो इंजीनियर था और केरल से पहले दुबई गया था फिर उसके बाद वो वहां से अफ़ग़ानिस्तान गया था. अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि ये वही मोहसिन है.

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