ट्रंप का मध्य पूर्व में शांति योजना का एलान, क्या होगा इससे

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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करने के लिए अपनी बहुप्रतीक्षित योजना का एलान किया है.
ट्रंप ने कहा है कि यह दो देशों को लेकर एक ऐसा समाधान है जिसे अमल में लाया जा सकता है.
उन्होंने कहा है कि इसके तहत किसी भी इसरायली या फ़लस्तीनी को उनके घरों से उजाड़ा नहीं जाएगा.
व्हाइट हाउस में इसरायली प्रधानमंत्री बिन्यमिन नेतन्याहू के साथ खड़े होकर इस शांति योजना की घोषणा करते हुए ट्रंप ने इसे 'फ़लस्तीनियों के लिए आख़िरी अवसर' बताया है.
हालांकि, फ़लस्तीनी पक्ष पहले ही लीक हो चुके इस प्रस्ताव को ख़ारिज कर चुका है.
शांति की ये योजना क्या है?
व्हाइट हाउस में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, "आज इसरायल ने शांति की ओर एक बड़ा कदम उठाया है. फ़लस्तीनी लोग ग़रीबी और हिंसा के शिकार हैं. कुछ तत्व चरमपंथ और उग्रवाद को बढ़ाने में इन लोगों का इस्तेमाल प्यादों की तरह करके इनका शोषण कर रहे हैं. इन्हें इससे कहीं बेहतर ज़िंदगी मिलनी चाहिए."
"ये पहला मौका है जब इसरायल ने उस प्रस्तावित नक्शे को जारी किया है जो कि ये बताता है कि इसरायल शांति के लिए किस तरह के क्षेत्रीय समझौते करने के लिए तैयार हुआ है."
ट्रंप ने बताया है कि इस योजना के तहत पूर्वी येरूशलम में एक फ़लस्तीनी राजधानी बनने की जगह मिलेगी जहां पर अमरीका गर्व के साथ अपना दूतावास खोलेगा.

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लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति ने ये भी स्पष्ट किया है कि इस योजना के तहत इसरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक के क्षेत्र में कटौती नहीं की जाएगी.
फ़लस्तीनी पक्ष ने ख़ारिज की ट्रंप की योजना
फ़लस्तीनी क्षेत्र के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से जारी शांति योजना को ख़ारिज कर दिया है.
अब्बास ने कहा है, "मैं ट्रंप और नेतन्याहू से कहना चाहता हूं कि येरूशलम बिकाऊ नहीं है. हमारे सभी अधिकार बिकाऊ नहीं हैं. और उन्हें लेकर किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है. आपकी डील, आपकी साज़िश कभी सफल नहीं हो सकती है."
उन्होंने कहा, "कोई भी फ़लस्तीनी कभी भी एक ऐसे देश को स्वीकार नहीं कर सकता जिसकी राजधानी येरूशलम न हो."
इससे पहले मंगलवार को ग़जा पट्टी में हज़ारों फ़लस्तीनियों ने इस योजना के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया.
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