कश्मीर के हालात पर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को लिखा खतः उर्दू प्रेस रिव्यू

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- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते भारत प्रशासित कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच आरोप-प्रत्यारोप, कश्मीर पर मध्यस्थता करने की इच्छा संबंधी ट्रंप का एक और बयान, अफ़ग़ान शांति प्रक्रिया और सीनेट चेयरमैन के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहीं.
पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया है कि भारतीय सेना भारत-पाक नियंत्रण रेखा के पास आम नागरिकों पर क्लस्टर बम का इस्तेमाल कर रही है जो जेनेवा संधि और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन है.
अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने एक बयान जारी कर कहा कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को इस बात का नोटिस लेना चाहिए.
क़ुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान के पास इसके सारे सुबूत और तस्वीरें आ गईं हैं और वो पी-5 यानी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा काउंसिल के सभी पांच स्थायी सदस्य देशों के राजदूतों के साथ ये सुबूत साझा करने जा रहे हैं.
अख़बार के अनुसार क़ुरैशी का कहना था, ''भारत बौखलाहट का शिकार हो गया है. भारत प्रशासित कश्मीर की सूरत-ए-हाल उनके हाथ से निकल चुकी है. भारत अब नया हादसा चाहता है जिसकी बुनियाद पर वो दुनिया के सामने पाकिस्तान को निशाना बना सके.''
हालांकि भारत ने पाकिस्तान के इन आरोपों को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है.

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कश्मीर में भारतीय सेना की कार्रवाई
अख़बार एक्सप्रेस ने हुर्रियत नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के एक ट्वीट का ज़िक्र किया है जिसमें वो कहते हैं कि भारतीय सेना भारत प्रशासित कश्मीर में मानव इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार करने की तैयारी कर रही है.
अख़बार के अनुसार ट्वीट में सैय्यद अली शाह गिलानी ने दुनिया भर के मुसलमानों से मदद की अपील की है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार गिलानी के इस ट्वीट के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने इस्लामी देशों के समूह ओआईसी के महासचिव से संपर्क करने की घोषणा की है.
क़ुरैशी ओआईसी के महासचिव को कश्मीर घाटी की ताज़ा स्थिति से अवगत कराएंगे और आम कश्मीरियों की सुरक्षा के लिए उनसे उचित क़दम उठाने की अपील करेंगे.
अख़बार के अनुसार पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भी इस ताज़ा घटनाक्रम के बारे में पत्र लिखकर बता चुका है.
पाकिस्तान में नेता प्रतिपक्ष शहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि नरेंद्र मोदी आग से खेल रहे हैं. अख़बार जंग के अनुसार शहबाज़ शरीफ़ ने एक बयान जारी कर संसद का इन-कैमरा सेशन बुलाने की मांग की और इस नाज़ुक घड़ी में सरकार से सभी दलों को विश्वास में लेने की अपील की.
पाकिस्तानी संसद की ऊपरी सदन सीनेट के अध्यक्ष सादिक़ संजरानी ने राष्ट्रपति आरिफ़ अलवी से गुज़ारिश की है कि वो कश्मीर की स्थिति पर चर्चा करने के लिए फ़ौरन संसद का संयुक्त अधिवेशन बुलाएं.
अख़बार जंग के अनुसार उन्होंने कहा कि पूरे पाकिस्तान और पाकिस्तानी संसद का संयुक्त नज़रिया अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को बता दिया जाना चाहिए.

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कश्मीर पर ट्रंप की मध्यस्थता
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि वो कश्मीर के मुद्दे को सुलझाने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार है.
पाकिस्तान के सारे अख़बारों ने ट्रंप के इस बयान को न सिर्फ़ पहले पन्ने पर जगह दी है, बल्कि इस पर कई संपादकीय और विशेष कॉलम भी लिखे गए हैं.
अख़बार नवा-ए-वक़्त ने इसपर सुर्ख़ी लगाई है, ''कश्मीर समस्या: मध्यस्थता की पेशकश पर ट्रंप क़ायम, भारतीय हठधर्मी बरक़रार, पाकिस्तान ने कहा अमरीका अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे.''
अख़बार के अनुसार व्हाइट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, ''नरेंद्र मोदी और इमरान ख़ान मिलकर कश्मीर समस्या हल कर सकते हैं. लेकिन अगर वो चाहते हैं कि इस मसले को हल करने में कोई उनकी मदद करे तो मैं ख़ुशी से इसके लिए तैयार हूं.''
लेकिन भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि कश्मीर मामले में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है.
अख़बार नवा-ए-वक़्त ने भारतीय मीडिया का हवाला देते हुए लिखा है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने अमरीकी समकक्ष माइक पोम्पियो से आसियान सम्मेलन के दौरान बैंकॉक में मुलाक़ात की और उनको साफ़ तौर पर बता दिया है कि ''कश्मीर पर किसी भी तरह की बातचीत सिर्फ़ पाकिस्तान के साथ ही की जाएगी. ये द्विपक्षीय मामला है और इसमें किसी तीसरे की मध्यस्थता स्वीकार नहीं.''

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अफ़ग़ानिस्तान में शांति प्रकिया
पाकिस्तान ने कहा है कि वो अफ़ग़ानिस्तान शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अपनी भूमिका निभाएगा.
अख़बार दुनिया के अनुसार पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने अफ़ग़ानिस्तान मामले पर अमरीका के विशेष दूत ज़ल्मे ख़लीलज़ाद से मुलाक़ात की और उनको विश्वास दिलाया कि शांति प्रक्रिया को और तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान हर संभव प्रयास करेगा.
उधर ट्रंप ने भी कहा है कि अमरीका जितनी जल्दी हो सके अफ़ग़ानिस्तान से निकलना चाहता है.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार ट्रंप ने कहा कि अमरीकी को ऐसी मूर्खता वाली जंग में कभी भी नहीं पड़ना चाहिए.
कहां गए 14 सीनेटर?
पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन सीनेट के अध्यक्ष के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव गिर जाने के बाद दोनों प्रमुख विपक्षी दलों पीपीपी और मुस्लिम लीग(नवाज़) ने इस पूरे मामले की जांच करने के लिए कमेटी बनाई है.
विपक्ष के पास कुल 64 सांसद हैं लेकिन अध्यक्ष के ख़िलाफ़ केवल 50 वोट पड़े. वो 14 वोट कहां गए किसी को नहीं मालूम.
अख़बार एक्सप्रेस ने सुर्ख़ी लगाई है, ''14 सिनेटरों की तलाश जारी, मुस्लिम लीग और पीपीपी ने अलग-अलग जांच कमेटी का गठन किया.''
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