हमज़ा बिन लादेन कौन हैं, जिनकी मौत का अमरीका कर रहा दावा?

हमज़ा बिन लादेन

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    • Author, बीबीसी मॉनिटरिंग
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

अमरीकी अधिकारियों ने 31 जुलाई को दावा किया है कि ओसामा बिन लादेन के बेटे हमज़ा बिन लादेन की मौत हो चुकी है.

हालांकि इस दावे में अमरीका ने कोई और जानकारी नहीं दी है कि मौत कब और कैसे हुई. इसकी ख़बर एनबीसी और न्यूयॉर्क टाइम्स ने छापी है.

इस साल फ़रवरी में अमरीका की सरकार ने हमज़ा का पता बताने वाले को 10 लाख अमरीकी डॉलर ईनाम देने की घोषणा की थी.

लेकिन जिहादी घेरे में हमज़ा की मौत को लेकर काफ़ी सावधानी बरती जा रही है.

जिहादियों को भरोसा नहीं

मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर जिहादियों की ओर से इस पर कोई ख़ास चर्चा सामने नहीं आई है. वैसे भी बाहर की ख़बरों पर आमतौर पर जिहादी सावधान प्रतिक्रिया देते हैं.

शायद यही कारण है कि कुछ प्रमुख जिहाद समर्थकों ने इस पर प्रतिक्रिया देने में सावधानी बरतने को कहा है.

हाई प्रोफ़ाइल अलक़ायदा समर्थक अल मुहाजिर अल खोरासनी ने लिखा है, "हमें नहीं मालूम कि इस दावे में कितनी सच्चाई है. हमें अलक़ायदा के शीर्ष नेतृत्व से इसकी पुष्टि या खंडन का इंतज़ार है. हम ख़ुदा से दुआ करते हैं कि हमारे प्यारे हमज़ा की मौत की ख़बर से हमें धक्का न दे."

सीआईए

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इमेज कैप्शन, सीआईए को ओसामा बिन लादेन के एक कम्प्यूटर से जो चीज़ें मिली थीं उसमें एक वीडियो हमज़ा की शादी का भी था. ये तस्वीर उस वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट है

एक प्रभावशाली अलक़ायदा समर्थक लेखक शिब्ल अल अक़ीदा ने लोगों को चेताया है कि ये ख़बर फ़र्ज़ी हो सकती है और हमज़ा की जानकारी हासिल करने की साज़िश का ये हिस्सा हो सकती है.

शिब्ल अल अक़ीदा का कहना है इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है और इसका स्रोत भी भरोसेमंद नहीं है. इससे पहले भी ऐसा हुआ है कि अमरीका ने ओसामा बिन लादेन की मौत के पहले कई बार इसकी अफ़वाह उड़ाई थी.

हमज़ा बिन लादेन

हमज़ा बिन लादेन की उम्र 30 साल के आस-पास है. जिहादी के तौर पर उनका नाम तब चर्चा में आया जब अगस्त 2015 में उनका एक ऑडियो संदेश सामने आया जिसमें उन्होंने पश्चिम पर हमले का आह्वान किया था.

साल 2016 और 2017 में अलक़ायदा के बैनर के साथ उनके 11 और संदेश आये. उनका अंतिम संदेश मार्च 2018 में सामने आया था.

उनके सामने आने को अलक़ायदा में ओसामा बिन लादेन की विरासत को संभालने के रूप में देखा गया.

ओसामा बिन लादेन

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ओसामा का वारिस

ऐसा भी माना गया कि ये चरमपंथी ग्रुप युवा बिन लादेन को अलक़ायदा का नेतृत्व संभालने के लिए तैयार कर रहा है.

हमज़ा के अधिकांश ऑडियो संदेशों में अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए पश्चिम पर हमले से लेकर सऊदी अरब में सत्ताधारी अल सऊद परिवार को उखाड़ फेंकने और फ़लस्तीनी इलाक़े और सीरिया में जिहाद छेड़ने का आह्वान शामिल है.

इन संदेशों में हमज़ा बिन लादेन के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी गई है. सिर्फ़ अल-जवाहिरी की एक टिप्पणी है जिसमें बताया गया है कि हमज़ा ने अलक़ायदा के ट्रेनिंग कैंप से प्रशिक्षण पूरा कर लिया है.

जब अगस्त 2015 में एक ऑडियो संदेश जारी हुई है तो उस समय अलक़ायदा के तत्कालीन नेता अल-जवाहिरी ने कहा था कि हमज़ा बिन लादेन ने अलक़ायदा ट्रेनिंग कैंप, असादत क़ाएदत अल जिहाद से प्रशिक्षण हासिल किया है.

जवाहिरी ने उन्हें मुजाहिद बताया. उसी साल 14 सितम्बर को जारी संदेश में हमज़ा का परिचय शेख़ के रूप में कराया गया.

जबकि इससे पहले के संदेशों में अलक़ायदा ने उनका परिचय 'भाई' और 'मुजाहिद भाई' के रूप में कराया था.

माना जाता है कि शेख़ का टाइटल देने का मतलब ये है कि अलक़ायदा हमज़ा को अपने नेतृत्व की भूमिका में लाना चाहता है.

साल 2011 में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद पाकिस्तान में अमरीका विरोधी प्रदर्शन हुए थे
इमेज कैप्शन, साल 2011 में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद पाकिस्तान में अमरीका विरोधी प्रदर्शन हुए थे

एक और ऑडियो-वीडियो संदेश में हमज़ा के बचपन की तस्वीर उनके पिता के साथ दिखाई गई है.

हालांकि अलक़ायदा की ओर से अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं आया कि मार्च 2018 के बाद हमज़ा ने क्यों संदेश देने बंद कर दिए.

दिसम्बर 2017 में अपने परिवार को भेजा गया हमज़ा का एक मैसेज लीक हुआ था जिसमें उन्होंने सूचना दी थी कि उनका बेटा, जिसका नाम भी ओसामा है, 12 साल की उम्र में शहीद हो गया. हालांकि मौत कैसे हुई, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी.

जनवरी 2017 में अमरीकी विदेश विभाग ने हमज़ा को अंतराष्ट्रीय आतंकवादी की सूची में शामिल किया और फ़रवरी 2019 में उनके बारे में सूचना देने वाले को 10 लाख डॉलर का ईनाम देने की घोषणा की.

हमज़ा के पिता ओसामा बिन लादेन को मई 2011 में पाकिस्तान में अमरीका के विशेष सुरक्षा बलों ने मार डाला था.

हमज़ा के ऑडियो संदेश

जुलाई 2016 में अलक़ायदा के अपने ऑडियो मैसेज में हमज़ा ने कहा था, "फ़लस्तीन, अफ़ग़ानिस्तान, सीरिया, इराक़, यमन, सोमालिया और बाकी मुस्लिम जगत के लोगों के दमन के ख़िलाफ़ हम आपको आपके देश में और बाहर भी आपको निशाना बनाना जारी रखेंगे. शेख़ ओसामा की हत्या के ख़िलाफ़ इस्लामिक राष्ट्रों के बदले की जहां तक बात है ये ओसामा के लिए नहीं बल्कि उनके लिए है जिन्होंने इस्लाम की हिफ़ाज़त की है."

मई 2017 में अलक़ायदा के एक अन्य ऑडियो टेप में हमज़ा ने कहा, "चुपचाप अपने लक्ष्य को अंजाम दो. अपनी कार्रवाईयों में उच्च स्तर की सटीकता हासिल करो, बहुत ध्यान और एहतियात से कार्रवाई करो और कड़ी मेहनत से तैयारी करो कि विरोधियों को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचे."

14 सितम्बर 2017 को एक अन्य टेप में हमज़ा का संदेश था, "इंडोनेशिया से लेकर अल मग़रिब (उत्तरी अफ़्रीका) और इनके बीच पड़ने वाले मुस्लिम इलाक़ों तक के मेरे मुस्लिम उम्माह, मेरे मुस्लिम भाईयों...ये सीरिया के लिए परेशानी नहीं है....ये ऐसी परेशानी है जिसके निशाने पर इस्लाम है. इससे पहले की बहुत देर हो जाए सीरियाई जनता की मदद के लिए बहुत ही उच्च निगरानी और संगठित गंभीर कार्रवाई की ज़रूरत है."

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