इथियोपिया में सेनाध्यक्ष को उनके गॉर्ड ने ही गोली मारी

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इथियोपिया के सेनाध्यक्ष जनरल सियरे मेकोनेन को उनके बॉडीगॉर्ड ने ही गोली माकर कर हत्या कर दी.
प्रधानमंत्री एबी अहमद ने बताया कि इथियोपिया के उत्तरी अमहारा इलाक़े में शनिवार को तख़्तापलट की कोशिशों को रोकने के दौरान जनरल सियरे और एक अन्य अफ़सर की मौत हो गई.
इसके अलावा अमहारा में गवर्नर एम्बाशिउ मेकोनेन भी अपने एक सलाहकार के साथ मारे गए. सरकार का कहना है कि गिरफ़्तारियों के बाद स्थिति नियंत्रण में है.
प्रधानमंत्री ने टेलीविज़न पर देशवासियों को उन 'बुरी ताक़तों के ख़िलाफ़ एकजुट' रहने की अपील की, जो 'देश को बांटना' चाहते हैं.
अमरीका के विदेश विभाग ने राजधानी अदिस अबाबा में मौजूद अपने कर्मचारियों को घर के अंदर ही बने रहने की चेतावनी ज़ारी की है.
हाल के सालों में अमहारा के साथ साथ इथियोपिया के कुछ अन्य हिस्से नस्लीय हिंसा की गिरफ़्त में हैं.

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पिछले साल हुए चुनावों के बाद एबी अहमद ने कई सुधार वाले काम शुरू किए थे. उन्होंने राजनीतिक दमन का अंत करने के लिए राजनीतिक बंदियों को रिहा कर दिया और राजनीतिक पार्टियों पर प्रतिबंध हटाने के साथ मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपी अधिकारियों पर मुक़दमा चलाने के आदेश दिए थे.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि शनिवार को जनरल सियरे और उनके साथ जनरल गेजडाई अबेरा को उनके ही बाडीगॉर्ड ने गोली मारकर हत्या कर दी. बाडीगॉर्ड को हिरासत में ले लिया गया है.
नस्लीय हिंसा वजह तो नहीं?
सरकार का कहना है इसके कुछ देर पहले इस प्रांत की राजधानी बहीर डार में अमहारा के गवर्नर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. ये दोनों मामले जुड़े हो सकते हैं.
सरकार ने अमहारा के स्थानीय सुरक्षा प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल असामिनेव सीज पर तख़्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगाया.
बयान के अनुसार, तख़्तापलट में शामिल अधिकांश लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
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इथियोपिया में नस्लीय हिंसा मुख्य रूप से ज़मीन के विवाद की वजह से शुरू हुई. इसके कारण अबतक 30 लाख लोग दरबदर हो गए.
हालांकि मौजूदा प्रधानमंत्री को सेना के अंदर असंतोष का भी सामना करना पड़ा है.
बीते अक्टूबर में उन्होंने कहा था कि वेतन बढ़ाने की मांग लोकर उनके कार्यलय तक आए सैकड़ों सैनिक उनकी हत्या करना चाहते थे.
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