मैक्सिको के आप्रवासियों को रोकने के लिए ट्रंप ने लगाया टैरिफ़

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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ग़ैर क़ानूनी आप्रवासियों से निपटने के लिए मैक्सिको से आने वाली सभी वस्तुओं पर टैरिफ़ बढ़ाने की घोषणा की है.
एक ट्वीट में ट्रंप ने कहा है कि 10 जून से मैक्सिको से जो भी सामान आएगा, उन पर 5 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया जाएगा, ये टैरिफ़ धीरे-धीरे तब तक बढ़ाया जाएगा, जब तक ''ग़ैर क़ानूनी अप्रवासियों की समस्या ख़त्म नहीं हो जाए.''
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राष्ट्रपति ट्रंप ने देश की दक्षिणी सीमा पर चल रहे इस संकट से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की है.
सीमा पर तैनात एजेंटों का कहना है कि वह इस फ़ैसले से खुश हैं लेकिन आलोचकों का मानना है कि ट्रंप सरकार शरणार्थियों के मुद्दे से ग़लत तरीके़ से निपटने की कोशिश कर रही है.
अमरीका में मैक्सिको के राजदूत जीसस सीडे ने इस फ़ैसले को 'ख़तरनाक' बताया है. उन्होंने कहा, ''अगर ऐसा होता है तो हमें अक्रामकता से इसका जवाब देना चाहिए.''

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अपने चुनावी अभियान से लेकर अपने अब तक के कार्यकाल में राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा ही अमरीका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए फ़ंड की मांग करते रहे हैं.
ट्रंप ने इसी साल फ़रवरी में मैक्सिको सीमा क्षेत्र के पास आपातकाल लगा दिया था ताकि वो दीवार बनाने के लिए संघीय फ़ंड का इस्तेमाल कर सकें, लेकिन मई में इस क़दम पर एक जज ने रोक लगा दी.
राष्ट्रपति कार्यालय ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रपति मैक्सिको पर टैरिफ़ लगाने के लिए 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकॉनमिक पावर एक्ट' का इस्तेमाल करेंगे.
इसी दिन राष्ट्रपति कार्यालय ने कांग्रेस को बताया है कि मैक्सिको और कनाडा के साथ व्यापार के लिए नया समझौता करने के प्रयास किए जाएंगे.

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ट्रंप का ऐलान क्या है?
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि टैरिफ़ अक्टूबर तक हर महीने 5 फ़ीसदी बढ़ेगा. अक्टूबर तक ये 25 फ़ीसदी हो जाएगा.
उन्होंने कहा, ''ये टैरिफ़ 25 फ़ीसदी की दर से तब तक लागू रहेगा, जब तक मैक्सिको की ओर से इन गैरकानूनी एलियनों के आने पर रोक लगाने जैसे मज़बूत कदम नहीं उठाए जाएंगे.''
लंबे वक्त से मैक्सिकों ने हमारे साथ उचित व्यवहार नहीं किया है, लेकिन अब हम एक संप्रभु देश के तौर पर अपने अधिकार जानते हैं.''
ट्रंप ने अपने विपक्षी डेमोक्रेट नेताओं पर सीमा मामले पर कोई भी काम ना करने के आरोप लगाए.
हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में डेमोक्रेट पार्टी का दबदबा है. डेमोक्रेट पार्टी ट्रंप सरकार के सीमा पर दीवार बनाने की मांग पर कानूनी अड़ंगा लगा रही है. डेमोक्रेट नेताओं का मानना है कि ये फ़ंड का गलत इस्तेमाल है, इससे गैरकानूनी अप्रवासियों की समस्या दूर नहीं होगी.
आलोचकों का मानना है कि सीमा पर तैनात एजेंट शरणार्थियों को काबू में करने के लिए काफ़ी बल का इस्तेमाल करते हैं. बीते साल सितंबर से अमरीकी हिरासत में छह शरणार्थी बच्चों की मौत हो चुकी है.
इस टैरिफ़ का असर क्या होगा?
मैक्सिको अपने कृषि से जुड़े उत्पादों जैसे एवोकैडो और टकीला के लिए जाना जाता है. इसके साथ ही मैक्सिको कई अमरीकी कंपनियों के मैनुफैक्चरिंग हब के तौर पर जाना जाता है.
मैक्सिको में सैकड़ों-हज़ारों कारों का उत्पादन हर महीने किया जाता है. ये तकनीक और एरोस्पेस कंपनियों का ठिकाना भी माना जाता है. ये देश जी-20 समूह का हिस्सा है.

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अमरीकी कंपनियां फ़ोर्ड, जनरल मोटर्स, जॉन डियर, आईबीएम और कोका-कोला मैक्सिको के लिए जाने जाते हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस टैरिफ़ का इस्तेमाल अपनी विदेश नीति को ध्यान में रखकर किया है. लगभग एक साल से अमरीका और चीन के बीच ट्रेड वॉर जारी है.
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