वेनेज़ुएला: राष्ट्रपति मादुरो के विरोध में सड़कों पर उतरे लाखों लोग

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वेनेज़ुएला में कई दिनों से राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और विपक्षी नेता ख़ुआन गोइदो के बीच चल रहा सत्ता संघर्ष नए मोड़ पर पहुंच गया है.
वेनेज़ुएला की राजधानी कराकस में ख़ुआन गोइदो के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं. कईयों के हाथों में ऐसी तख़्तियां हैं, जिनमें मादुरो से पद छोड़ने के लिए कहा जा रहा है.
उधर राष्ट्रपति मादुरो ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कथित अमरीकी हस्तक्षेप के ख़िलाफ मदद की अपील की है.
गोइदो ख़ुद कर रहे नेतृत्व

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कराकस में प्रदर्शन में शामिल लोग मादुरो से सत्ता छोड़ने और वेनेज़ुएला में लोगों के लिए मानवीय मदद आने देने की मांग कर रहे हैं.
इस प्रदर्शन का नेतृत्व विपक्षी नेता ख़ुआन गोइदो कर रहे हैं.
कराकस में भीड़ को संबोधित करते हुए ख़ुआन गोइदो ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया और कहा कि ये प्रदर्शन उनके लिए एक संदेश हैं जो सोचते हैं कि विरोध ख़त्म हो जाएगा.
उन्होंने अपने भाषण में कहा, "जो ये सोचते हैं कि विरोध ख़त्म हो जाएगा उनके लिए मेरे पास ख़बर है. सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि हम यहां तब तक रहने वाले हैं, जब तक कि वेनेज़ुएला को आज़ादी नहीं मिल जाती और यहां स्वतंत्र चुनाव नहीं हो जाते.''

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मादुरो ने मांगी मदद
निकोलस मादुरो ने बीबीसी को दिए गए इंटरव्यू में वेनेज़ुएला में कथित अमरीकी दख़ल को देश पर कब्ज़ा करने की कोशिश बताया है. साथ ही उन्होंने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है.
मादुरो ने कहा, "मैं दुनिया भर के लोगों से अपनी आंखें खोलने और जागने के लिए कहता हूं. देखिए, एक शांतिपूर्ण देश पर किस तरह आक्रमण हो रहा है."
उन्होंने कहा, "वेनेज़ुएला में वैसी ही समस्याएं हैं जैसा दुनिया के किसी भी दूसरे देश में और अगर आप सच में मदद करना चाहते हैं तो आपको शांति का समर्थन करना होगा. अमरीका से कहें कि वो हमारे देश में हस्तक्षेप ना करे."

बीते महीने राष्ट्रपति मादुरो ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल की शपथ ली थी मगर विपक्ष ने चुनावों में धांधली के आरोप लगाए कर चुनावों का बहिष्कार किया था. बाद में विपक्षी नेता ख़ुआन गोइदो ने खुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया था.
इसके बाद एक तरफ जहां अमरीका समेत लगभग 20 देश ख़ुआन गोइदो के समर्थन में आ गए थे, वहीं रूस, चीन और तुर्की कई देशों ने मादुरो को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था.
बीते कई सालों से वेनेज़ुएला आर्थिक तंगी के दौर से गुज़र रहा है. इस कारण यहां ग़रीबी और महंगाई बढ़ी है और सरकारी सेवाओं की हालात और ख़राब हुई है. बड़ी संख्या में देश से लोगों को पलायन करना पड़ा है और इन कारणों से जनता में मादुरो को लेकर नाराज़गी भी है.
मादुरो के विरोध में अमरीका की ओर से प्रतिबंध लगाए जाने के बाद वेनेज़ुएला में स्थिति और ख़राब हुई है.
निकोलस मादुरो इसे देश को अस्थिर करने की अमरीकी कोशिश बता रहे हैं.
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