उर्दू प्रेस रिव्यू: 'उसने खेलने को चांद मांगा, पूरा मुल्क दे दिया'

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते करतारपुर साहिब कॉरिडोर का शिलान्यास, इमरान सरकार के 100 दिन और पाकिस्तानी रुपए की गिरती क़ीमत वग़ैरह सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहे.
सबसे पहले बात करतारपुर साहिब कॉरिडोर के शिलान्यास की.
28 नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर का शिलान्यास किया.
करतारपुर साहिब सिखों का एक पवित्र तीर्थस्थल है और भारत के सिख दशकों से मांग करते आ रहे हैं कि उन्हें बिना वीज़ा के सीमा पार करने की इजाज़त दी जाए ताकि वो करतारपुर साहिब स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारे का दर्शन कर सकें.

गुरुनानक देव जी ने अपने जीवन के क़रीब 16 साल इसी जगह पर बिताए थे और इसी स्थान पर अपनी देह त्याग दी थी.
उनकी मौत के बाद यहां पर एक गुरुद्वारा बनवाया गया था जिसे दरबार साहिब गुरुद्वारा कहा जाता है.
ये कॉरिडोर करतारपुर साहिब को भारत के गुरदासपुर ज़िले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ देगा. इन दोनों गुरुद्वारों की दूरी महज़ चार किलोमीटर है लेकिन सीमा बंद होने के कारण भारत के सिख सीमा पर आकर दूरबीन से दरबार साहिब गुरुद्वारे का दर्शन करते हैं.
और अगर कोई जाना चाहे तो उसे लाहौर के रास्ते 120 किलोमीटर की दूरी तय करके करतारपुर साहिब जाना पड़ता है.

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'आगे बढ़ने के लिए ज़ंजीरें तोड़नी होंगी'
शिलान्यास के मौक़े पर भारत की तरफ़ से मोदी सरकार के दो मंत्री हरसिमरत कौर और हरदीप सिंह पुरी और पंजाब सरकार के एक मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी पाकिस्तान गए थे.
ज़ाहिर है ये पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी ख़बर थी और पाकिस्तान के सारे अख़बारों ने इसे पहले पन्ने पर प्रमुखता से जगह दी.
एक्सप्रेस ने इमरान ख़ान के एक बयान को सुर्ख़ी बनाते हुए लिखा, ''आगे बढ़ने के लिए माज़ी(अतीत) की ज़ंजीरें तोड़नी होंगी: इमरान ख़ान''.

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'युद्ध की कल्पना भी पागलपन'
इसी अख़बार ने भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के एक बयान को भी सुर्ख़ी बनाते हुए लिखा है, ''करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास ऐतिहासिक घटना लेकिन पाकिस्तान से बातचीत शुरु नहीं होगी, भारत की ढिठाई.''
अख़बार जंग ने सुर्ख़ी लगाई है, ''फ़्रांस-जर्मनी यूनियन बना सकते हैं तो हम क्यों नहीं: इमरान ख़ान''
अख़बार के अनुसार इमरान ख़ान का कहना था कि दोनों देशों को व्यापार के लिए अपनी-अपनी सीमाएं खोलना होंगी.
भारत और पाकिस्तान के संबंधों का हवाला देते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि इतिहास सीखने के लिए होता है, जारी रखने के लिए नहीं और परमाणु शक्तियों के बीच युद्ध की कल्पना भी पागलपन है.
अख़बार दुनिया ने सुर्ख़ी लगाई है, ''सरहदें खुली तो ग़रीबी ख़त्म.'' अख़बार के अनुसार इस अवसर पर इमरान ख़ान ने कहा कि अगर इरादा हो तो कश्मीर का मसला भी हल हो जाएगा.

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इमरान सरकार के 100 दिन पूरे
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमदू क़ुरैशी का एक बयान भी विवादों में घिर गया है. दरअसल इमरान ख़ान की सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने करतारपुर साहिब की सीमा को खोलने के फ़ैसले को गुगली क़रार दिया था.
इस पर भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सख़्त टिप्पणी करते हुए ट्वीट किया कि हम आपकी गुगली में नहीं फंसने वाले हैं.
अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर इमरान ख़ान ने इसके लिए अपनी पत्नी बुशरा बीबी का शुक्रिया अदा किया.
अपने कामकाज का हिसाब देते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि उनकी सरकार की नीति है आम आदमी की मदद.

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अख़बार दुनिया के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा कि भारत की तरफ़ दोस्ती का हाथ बढ़ाने का मक़सद भी यही है कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाया जाए जिससे आम आदमी को फ़ायदा हो.
लेकिन विपक्षी पार्टियों ने इमरान के सभी दावों को ख़ारिज कर दिया.
अख़बार दुनिया के अनुसार मुस्लिम लीग (नून) का कहना था कि सरकार के 100 दिन जनता के लिए 100 पीड़ादायक दिन थे.
मुस्लिम लीग (नून) की प्रवक्ता मरियम औरंगज़ेब ने सरकार पर हमला करते हुए कहा, ''ये सरकार भैंसों के बाद अब कुत्तों, देसी मुर्ग़ियों और झींगों से देश की अर्थव्यवस्था ठीक करने का दावा कर रही है.''

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वहीं पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने सरकार पर तंज़ करते हुए ट्वीट किया, ''नया पाकिस्तान, 100 दिन और 100 यूटर्न.''
पाकिस्तानी रुपए की गिरती क़ीमत की ख़बर भी सभी अख़बारों के पहले पन्ने पर रही.
शुक्रवार को पाकिस्तानी रुपए में भारी गिरावट आई और एक अमरीकी डॉलर की क़ीमत 139 पाकिस्तानी रुपए हो गई.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार सिर्फ़ इस कारण पाकिस्तान ने विदेशों से जो क़र्ज़ ले रखे हैं उसकी क़ीमत में 760 अरब रुपए की बढ़ोत्तरी हो गई.

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इमरान ख़ान ने लोगों से अपील की है कि वो डॉलर की बढ़ती क़ीमत से न घबराएं और उन्हें विश्वास दिलाया कि हालात जल्द ही ठीक हो जाएंगे.
लेकिन विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा.
अख़बार दुनिया के अनुसार बिलावल भुट्टो ने इमरान ख़ान पर हमला करते हुए कहा, ''एक और लाड़ला मैदान में उतारा गया है, जो कि अनोखा लाड़ला है. उसने खेलने को चांद मांगा तो उसे पूरा मुल्क दे दिया गया. महंगाई की सूनामी से ग़रीबों की कमर टूट गई है.''
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