कैम्ब्रिज एनालिटिका प्रकरण पर ज़करबर्ग ने ग़लती मानी

मार्क ज़करबर्ग

इमेज स्रोत, Getty Images

कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल सामने आने के बाद फ़ेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग ने स्वीकार किया है कि उनकी कंपनी से "ग़लतियां हुई हैं."

उन्होंने ऐसे इंतज़ाम करने का आश्वासन दिया है जिनसे थर्ड-पार्टी ऐप्स के लिए लोगों की जानकारियां हासिल करना मुश्किल हो जाए.

ज़करबर्ग ने कहा कि ऐप बनाने वाले अलेग्ज़ेंडर कोगन, कैम्ब्रिज एनालिटिका और फ़ेसबुक के बीच जो हुआ वो "विश्वासघात" के समान है.

उन्होंने कहा कि यह "फ़ेसबुक और उन लोगों के साथ भी विश्वासघात है, जो अपनी जानकारियां हमारे साथ शेयर करते है."

फ़ेसबुक

इमेज स्रोत, Getty Images

सख़्त क़दम उठाने का वादा

फ़ेसबुक पर जारी बयान में मर्क ज़करबर्ग ने कहा, "फ़ेसबुक को मैंने शुरू किया है और हमारे इस मंच पर जो कुछ भी होता है, उसके लिए मैं ही ज़िम्मेदार हूं."

उन्होंने कहा कि अभी और पहले सामने आई समस्याओं के समाधान के लिए फ़ेसबुक की तरफ़ से ये क़दम उठाए जाएंगे:

  • उन सभी ऐप्स की जांच की जाएगी, जिन्होंने 2014 में डेटा ऐक्सेस को सीमित किए जाने से पहले ही बड़ी मात्रा में जानकारियां हासिल कर ली थी.
  • संदिग्ध गतिविधियों वाले सभी ऐप्स की पड़ताल की जाएगी.
  • पड़ताल के लिए सहमत न होने वाले डिवेलपर को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा.
  • निजी जानकारियों का दुरुपयोग करने वाले डिवेलपर्स को बैन कर दिया जाएगा और प्रभावित हुए लोगों को इसकी सूचना दी जाएगी.
मार्क ज़करबर्ग

इमेज स्रोत, Getty Images

ऐप बनाने वालों पर सख़्ती

फ़ेसबुक के संस्थापक का कहना है कि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए भविष्य में यह व्यवस्था की जाएगी:

  • किसी भी तरह का दुरुपयोग रोकने के लिए डिवेलपर्स का डेटा ऐक्सेस सीमित किया जाएगा.
  • अगर यूज़र ने तीन महीने तक ऐप का इस्तेमाल नहीं किया है तो उसके डेटा का ऐक्सेस डिवेलपर से वापस ले लिया जाएगा.
  • किसी ऐप पर साइन-इन करते समय यूज़र की तरफ़ से दिए जाने वाले डेटा को नाम, प्रोफ़ाइल फ़ोटो और ईमेल अड्रेस तक सीमित कर दिया जाएगा.
  • डिवेलपर्स को यूजर्स की पोस्ट या अन्य निजी डेटा का ऐक्सेस लेने से पहले अनुमति लेनी होगी और एक क़रार पर हस्ताक्षर करना होगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)